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हंटावायरस के बाद अब नोरोवायरस ने बढ़ाई ग्लोबल टेंशन, जानिए इस संक्रमण के फैलने की वजह

कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर सवार 102 यात्री और 13 क्रू सदस्य नोरोवायरस से बीमार हैं, जानिए यह बीमारी कितनी ताकतवर है और कैसे फैली है...

After Hantavirus, Norovirus Now Heightens Global Concern: Learn the Reasons Behind the Spread of This Infection
हंटावायरस के बाद अब नोरोवायरस ने बढ़ाई ग्लोबल टेंशन (File Photo (ETV Bharat))
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By ETV Bharat Health Team

Published : May 12, 2026 at 5:42 PM IST

6 Min Read
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समुद्री या क्रूज यात्राएं सच में छुट्टियों का एक बढ़िया, आसान और मजेदार ऑप्शन है जो एंटरटेनमेंट, बढ़िया खाना और एक ही ट्रिप में कई जगहें देखने का मौका देता है. जहां चारों ओर नीला पानी आपको घेरे रहता है, आप बुफे डिनर का आनंद लेते हैं, डेक पर खड़े होकर डूबते सूरज का अद्भुत नजारा देखते हैं, और पूरी तरह से तनाव-मुक्त माहौल का अनुभव करते हैं. लेकिन हाल के कुछ हफ्तों में, आलीशान क्रूज जहाजों पर सवार हजारों यात्रियों के लिए, यह सपनों जैसी छुट्टी एक खौफनाक अनुभव में बदल गई है. इस रिपोर्ट में जानिए कि क्रूज शिप पर सवार हजारों यात्रियों के साथ क्या हुआ...

दरअसल, अप्रैल महीने के दौरान दो क्रूज जहाज (दोनों ही अपने-अपने गंतव्यों की ओर जाने वाले यात्रियों को लेकर) रवाना हुए. पहला क्रूज 1 अप्रैल को रवाना हुआ, जिससे यात्रियों के Hantavirus से संक्रमित होने की खबरें आईं, वहीं, दूसरा क्रूज 28 अप्रैल को रवाना हुआ, जहां यात्रियों में Norovirus का संक्रमण पाया गया.

अटलांटिक महासागर में चल रहे डच क्रूज शिप MV होंडियस पर हैन्टावायरस के खतरे के बीच, ठीक एक हफ्ते बाद, एक और लग्जरी शिप, कैरेबियन प्रिंसेस, में नोरोवायरस नाम का एक बहुत ज्यादा फैलने वाला वायरस फैल गया, जिससे 100 से ज्यादा लोग बीमार हो गए. US सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की तरफ से जारी ऑफिशियल जानकारी के मुताबिक, कैरेबियन प्रिंसेस शिप पर सवार 3,116 पैसेंजर और 13 क्रू मेंबर में से 102 के वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.

हंटावायरस और नोरोवायरस क्या हैं? इन दोनों के बीच के अंतर जानें

हंटावायरस- हंटावायरस एक गंभीर और जानलेवा वायरल इन्फेक्शन है जो मुख्य रूप से जंगली चूहों और रोडेंट्स के मल, यूरिन या लार के सीधे संपर्क में आने से फैलता है. यह इन्फेक्टेड चूहों के घोंसलों से निकलने वाली धूल के जरिए या गंदी जगहों की सफाई करते समय सास के जरिए अंदर जाने पर तेजी से फैलता है, जिससे हंटावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (HPS) हो सकता है. कैरेबियन क्रूज शिप पर हंतावायरस के डर के बीच, अब अत्यधिक संक्रामक नोरोवायरस ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है. 102 से ज्यादा यात्रियों और क्रू मेंबर्स के बीमार होने की खबर है.

नारोवायरस- नारोवायरस, हंटावायरस की तुलना में कहीं अधिक तेजी से फैलता है. यह वायरस पेट में तेज ऐंठन, उल्टी और दस्त का कारण बनता है. चाहे सीधे संपर्क से हो या किसी अन्य माध्यम से, यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत आसानी से फैल सकता है. कैरिबियन प्रिंसेस जहाज पर, संक्रमित लोगों को अचानक जोरदार उल्टी, अनियंत्रित दस्त, पेट में ऐंठन और बुखार होने लगा. कई लोगों को बहुत ज्यादा थकान और सिरदर्द भी महसूस हुआ.

बता दें, शिप जैसे बंद माहौल में, जहां लोग एक-दूसरे के बहुत करीब थे, यह वायरस तेजी से फैल गया. हालांकि CDC की मेडिकल टीमों ने शिप पर मोर्चा संभाला लिया है और मरीजों को आइसोलेशन में रख दिया है.

जहाजों पर इतने अधिक वायरस संक्रमण क्यों हो रहे हैं?

तंग जगहें: जहाज पर हजारों लोग बहुत पास-पास रहते हैं. रेस्टोरेंट, लिफ्ट और आम जगहों के एक साथ इस्तेमाल से कीटाणु आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैल जाते हैं.

वायरस की ताकत: नोरोवायरस वास्तव में अत्यधिक प्रतिरोधी है और सामान्य अल्कोहल-बेस्ड सैनिटाइजर इसे निष्क्रिय करने में विफल रहते हैं, क्योंकि यह वायरस साबुन-मुक्त और अल्कोहल-प्रतिरोधी आवरण वाला होता है. यह बहुत ज्यादा गर्मी और ठंडे पानी में भी जीवित रह सकता है.

शेयर की गई चीजें: यह वायरस दूषित खाने, ठीक से न धोए गए पीने के बर्तनों, या संक्रमित लोगों द्वारा छुए गए दरवाजों के हैंडल और कुंडियों के जरिए, कुछ ही घंटों में पूरे जहाज पर फैल सकता है.

वायरस का खतरनाक होना और मेडिकल स्टडीज
डॉक्टर नोरोवायरस को "विंटर वोमिटिंग बग" कहते हैं. इस वायरस की एक खास बात यह है कि इन्फेक्शन से ठीक होने के बाद भी, कोई व्यक्ति दो हफ्ते तक दूसरों को वायरस फैला सकता है. यह 12 से 48 घंटों के अंदर किसी व्यक्ति को पूरी तरह से बेबस कर सकता है.

यह वायरस दूसरे पैथोजन्स से ज्यादा ताकतवर है. हम जो अल्कोहल-बेस्ड सैनिटाइजर आमतौर पर इस्तेमाल करते हैं, वे नोरोवायरस को पूरी तरह से खत्म नहीं करते हैं. यह बहुत ज्यादा गर्मी और ठंडे पानी में भी जिंदा रह सकता है. जहाज की जांच कर रहे अधिकारियों को शक है कि यह वायरस शायद खराब खाने, ठीक से धुले पीने के बर्तनों, या इन्फेक्टेड लोगों द्वारा छुए गए दरवाजे के हैंडल से फैला होगा.

सोमवार को फ्लोरिडा के पोर्ट कैनावेरल पहुंचे कैरेबियन प्रिंसेस क्रूज शिप में तुरंत एक बड़ा सफाई अभियान चलाया गया. सही मेडिकल इलाज मिलने के बाद, सभी इन्फेक्टेड यात्रियों की हालत अब स्थिर है. जहाज के क्रू ने हर केबिन और पब्लिक जगह को डिसइंफेक्ट कर दिया है.

(डिस्क्लेमर: इस वेबसाइट पर आपको प्रदान की गई सभी स्वास्थ्य जानकारी, चिकित्सा सुझाव केवल आपकी जानकारी के लिए हैं. हम यह जानकारी वैज्ञानिक अनुसंधान, अध्ययन, चिकित्सा और स्वास्थ्य पेशेवर सलाह के आधार पर प्रदान कर रहे हैं, लेकिन बेहतर होगा कि इन पर अमल करने से पहले आप अपने निजी डॉक्टर की सलाह ले लें.)

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