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भरत भूषण एनकाउंटर मामला : संजय झा के तीखे बोल- 'चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने से काम नहीं चलेगा'

वायरल वीडियो के बाद भोजपुर पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल; चार पुलिसकर्मियों के निलंबन के बावजूद संजय झा ने निष्पक्ष जांच की मांग की

संजय झा, जेडीयू कार्यकारी अध्यक्ष
संजय झा, जेडीयू कार्यकारी अध्यक्ष (ETV Bharat)

By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 20, 2026 at 3:18 PM IST

पटना/भोजपुर : भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को लेकर सवाल उठने के बाद चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है. अब जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने मामले की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

'निलंबन भर पर्याप्त नहीं' : जदयू कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि सामने आया वीडियो संदेह पैदा करता है. उन्होंने कहा कि चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाना त्वरित कार्रवाई है, लेकिन केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है. मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

''भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में जो वीडियो सामने आया है, वह निश्चित रूप से संदेह पैदा करता है. राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है, लेकिन वह काफी नहीं है. सीनियर पदाधिकारी द्वारा इस मामले की समयबद्ध जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.''- संजय झा, कार्यकारी अध्यक्ष, जेडीयू

'अपराधी हो या पुलिसकर्मी, कोई नहीं बचना चाहिए' : संजय झा ने कहा कि सरकार जब यह कहती है कि कोई अपराधी नहीं बचेगा, तो यह बात केवल अपराधियों तक सीमित नहीं है. यदि कोई पुलिसकर्मी भी अपराध करता है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की.

''सरकार जब यह कहती है कोई भी अपराधी बचेगा नहीं, तो यह सिर्फ अपराधियों के लिए नहीं होता है. अगर पुलिसकर्मी भी कोई अपराध करता है, तो वह भी बचना नहीं चाहिए, उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए.''- संजय झा, कार्यकारी अध्यक्ष, जेडीयू

जांच रिपोर्ट से साफ होगी पूरी तस्वीर: भरत तिवारी की मौत के बाद वायरल वीडियो, परिजनों के आरोप और पुलिस के दावे के बीच मामले की जांच अहम हो गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुलिस कार्रवाई में नियमों का पालन हुआ या किसी स्तर पर लापरवाही अथवा गलत कार्रवाई हुई.

वायरल वीडियो के बाद बढ़ा विवाद : भरत तिवारी से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ है. वीडियो की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. परिजन और स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि युवक ने आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि पुलिस की ओर से पहले कहा गया था कि कार्रवाई के दौरान युवक ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी. वायरल फुटेज के बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठे हैं.

पुलिस का दावा और परिजनों का आरोप : पुलिस के अनुसार, भरत तिवारी को पकड़ने के दौरान उसने पुलिस टीम पर गोली चलाई थी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई. दूसरी ओर, परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि युवक को आत्मसमर्पण के बाद गोली मारी गई. इन दावों की जांच चल रही है और अंतिम स्थिति जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी.

चार पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई: मामले में प्रशासन ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है. अधिकारियों की ओर से विभागीय जांच शुरू किए जाने की बात कही गई है. निलंबन के बाद भी परिजन और स्थानीय लोग मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं.

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