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'जरूरी था तो हाफ एनकाउंटर कर देते..' बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भोजपुर पुलिस को घेरा

भोजपुर में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है. पढ़ें..

BHARAT TIWARI ENCOUNTER
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 18, 2026 at 6:24 PM IST

3 Min Read
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बक्सर: बिहार के भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर प्रदेश की राजनीति में सियासी हंगामा खड़ा हो गया है. बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने एनकाउंटर पर सवाल उठाए है. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, बच्चे का व्यवहार ठीक नहीं था, लेकिन पुलिस को उसके आपराधिक इतिहास का पता लगाना चाहिए था.

'.. हाफ एनकाउंटर कर देते' - मिथिलेश तिवारी: बक्सर में एक कार्यक्रम में पहुंचे बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि, उस बच्चे ने जिसका एनकाउंटर हुआ है, उसने जो व्यवहार सोशल मीडिया पर दिखाया वो अच्छा नहीं था. पुलिस को उसके आपराधिक इतिहास का पता लगाना चाहिए था. एनकाउंटर जरूरी भी था तो हाफ एनकाउंटर करना चाहिए था.

''बिहार सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है और 4 पुलिसकर्मियों का सस्पेंशन हुआ है और आगे जांच होगी. जो भी दोषी होगें उनपर कार्रवाई होगी." - मिथिलेश तिवारी, शिक्षा मंत्री

क्या है भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर?: बुधवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ. वीडियो में एक युवक पुलिस पर पिस्टल ताने खड़ा था. पुलिस की जांच में यह वीडियो भोजपुर जिले के शाहपुर थाना के बिलौटी गांव का बताया गया. और युवक की पहचान भरत भूषण तिवारी के रूप में की गई.

इलाज के दौरान भरत तिवारी की मौत: पुलिस ने बताया कि युवक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से यह वीडियो वायरल किया था. फेसबुक लाइव में युवक कहता नजर आ रहा था कि वो सरेंडर कर रहा है. जिसके बाद पुलिस उसका हाफ एनकाउंटर करती है. उसे अस्पताल ले जाया जाता है लेकिन उसकी इलाज के दौरान मौत हो जाती है.

पुलिस का बयान: भोजपुर पुलिस ने बताया कि बुधवार सुबह 9 बजे पुलिस ने भरत तिवारी को घेर लिया था. लेकिन इस दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी, आत्मरक्षा में पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी. पुलिस ने घायल युवक को इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां से बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर किया गया. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

ग्रामीणों का फूटा आक्रोश: इससे पहले गुरुवार सुबह जब भरत भूषण तिवारी का शव शाहपुर पहुंचा तो ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा और लोग सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया. पुलिस पर पत्थर फेंके गए, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. आक्रोशित लोगों का कहना है कि युवक पर किसी प्रकार का पूर्व में आपराधिक मामला दर्ज नहीं था और वह सर्मडर कर चुका था. इसके बाद भी पुलिस ने गोली मारी.

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