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भरत तिवारी एनकाउंटर: सामाजिक कार्यकर्ता ने मुंडवाया सिर, न्याय के लिए अनशन पर बैठा

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय के लिए बेतिया से आए सामाजिक कार्यकर्ता सचिन मिश्रा ने सिर मुंडवाकर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया है. पढ़ें खबर

BHARAT TIWARI ENCOUNTER CASE
सामाजिक कार्यकर्ता सचिन मिश्रा ने शुरू किया अनशन (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 23, 2026 at 1:59 PM IST

4 Min Read
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भोजपुर: बिहार के भोजपुर जिले के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय की मांग लगातार तेज होती जा रही है. परिजनों और ग्रामीणों द्वारा उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आंदोलन जारी है. इसी बीच एक ऐसा दृश्य सामने आया है जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है.

अनिश्चितकालीन अनशन शुरू: भरत तिवारी के गांव बिलौटी से करीब 400 किलोमीटर दूर पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया से सामाजिक कार्यकर्ता सचिन मिश्रा पहुंचे हैं. उन्होंने मृतक के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उनके घर के सामने अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है. भीषण गर्मी के बावजूद सचिन ने अपना सिर मुंडवाकर विरोध दर्ज कराया है.

देखें रिपोर्ट (ETV Bharat)

न्याय मिलने तक आंदोलन: सचिन मिश्रा ने घोषणा की है कि जब तक भरत तिवारी के परिवार को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वह अपना आंदोलन जारी रखेंगे. अनशन स्थल पर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग से जुड़े कई पोस्टर एवं नारे लगाए गए हैं. इस विरोध प्रदर्शन को देखकर गांव के लोग भी हैरान हैं.

''इस मामले में दोषी अधिकारियों और कर्मियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए तथा सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेते हुए सच्चाई सामने लानी चाहिए. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मृतक के घर पहुंचकर उनकी मां से माफी मांगनी चाहिए.''- सचिन मिश्रा, सामाजिक कार्यकर्ता

अनशन समाप्ति की शर्त: सचिन मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानि सीबीआई से कराई जाती है तो वह अपना आंदोलन समाप्त कर देंगे. गौरतलब है कि भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पूरे राज्य में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है.

BHARAT TIWARI ENCOUNTER CASE
सचिन मिश्रा की मांगे (ETV Bharat)

बिलौटी गांव पहुंच रहे नेता: विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि लगातार बिलौटी गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात कर रहे हैं. वे सभी लगातार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठा रहे हैं. सभी की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करती है. ग्रामीणों का आंदोलन और सचिन मिश्रा का अनशन आने वाले दिनों में क्या मोड़ लेता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा.

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: गौरतलब है कि बीते 15 जून को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था. वीडियो में एक युवक पुलिस पर पिस्टल ताने खड़ा था. पुलिस की जांच में यह वीडियो भोजपुर जिले के शाहपुर थाना के बिलौटी गांव का बताया गया और युवक की पहचान भरत भूषण तिवारी के रूप में की गई. वहीं 17 जून को जिले के शाहपुर थाना प्रभारी जांच के लिए बिलौटी गांव पहुंचे तो भरत तिवारी के हाथ में पिस्टल थी और वो सरकार और प्रशासन की नाकामियों पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहा था.

भरत तिवारी का सरेंडर, फिर एनकाउंटर: इस दौरान थाना प्रभारी राजेशा मालाकर और भरत भूषण तिवारी में काफी बातचीत हुई. बाद में फिर 18 जून को पुलिस और एसटीएफ की टीम ने भरत भूषण तिवारी के घर को चारो तरफ से घेर लिया. इस बीच भरत तिवारी फेसबुक लाइव कर रहा था, जिसमें देखा गया कि उसने पिस्टल फेंक दिया था और सरेंडर कर दिया.

इलाज के दौरान भरत तिवारी की मौत: पुलिस ने बताया कि युवक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो वायरल किया था. फेसबुक लाइव में युवक कहता नजर आ रहा था कि वो सरेंडर कर रहा है. जिसके बाद पुलिस उसका हाफ एनकाउंटर करती है. बाद में उसे अस्पताल ले जाया जाता है लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो जाती है.

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