'किस्मत में मरना लिखा था.. इसलिए मर गया', भरत तिवारी एनकाउंटर पर निलंबित SHO का बयान
भरत तिवारी एनकाउंटर पर निलंबित थानाध्यक्ष ने गैर जिम्मेदाराना बयान दिया है. उन्होंने कहा, 'किस्मत में मरना लिखा लिखा, इसलिए मर गया.' पढ़ें पूरी खबर..

Published : June 21, 2026 at 2:26 PM IST
आरा: जिस भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर पर बिहार पुलिस के साथ-साथ सम्राट चौधरी सरकार की किरकिरी हो रही है, उस मुठभेड़ को अंजाम देने वाले शाहपुर के निलंबित थानाध्यक्ष राजेश मालाकर ने बेहद शर्मनाक बयान दिया है. उन्होंने गैर जिम्मेदाराना अंदाज में कहा कि जिसकी किस्मत में मौत लिखी होती है, उसे तो मरना ही पड़ता है.
"भरत तिवारी की मौत उसकी किस्मत में पहले लिखी हुई थी, इसलिए उसकी जान चली गई. उसको बचाने की पूरा प्रयास हुआ लेकिन नहीं बच पाया."- राजेश मालाकर, निलंबित थानाध्यक्ष, शाहपुर

एनकाउंटर पर दी दलील: राजेश मालाकर ने एनकाउंटर को 'जायज' ठहराते हुए कहा कि जब हमारी टीम भरत तिवारी को पकड़ने गई तो उसने सरेंडर करने की बजाय हमारे जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी. ऐसे में आत्मरक्षा के लिए पुलिस को जवाबी कार्रवाई में गोलियां चलानी पड़ी. इसी दौरान भरत भूषण को गोली लगी और बाद में उसकी मौत हो गई.
एनकाउंटर पर सवाल क्यों?: निलंबित थानाध्यक्ष भले ही दलील दे रहे हैं कि आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई के कारण भरत भूषण तिवारी को गोली लगी है लेकिन जो वीडियो सामने आया है, उसमें साफ दिख रहा है कि हथियार फेंकने के बाद पुलिस ने भरण को गोली मारी है.
दिनांक-17.06.2026 को पुलिस द्वारा की कार्रवाई की अद्यतन स्थिति :-#HainTaiyaarHum #BiharPolice @bihar_police @IPRDBihar pic.twitter.com/nOyzWoxyNV
— Bhojpur Police (@bhojpur_police) June 17, 2026
क्या है मामला?: दरअसल, 17 जून को शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में कथित एनकाउंटर में पुलिस ने स्थानीय भरत भूषण तिवारी को गोली मारकर जख्मी कर दिया. बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. स्थानीय मुद्दों को लेकर मुखर रहने वाले भरत ने पहले पुलिस पर पिस्तौल तान दिया और रुक-रुककर फायरिंग भी रह रहा था. हालांकि बातचीत के बाद जब उसने हथियार फेंक दिया, तब उसको गोली मार दी गई. पुलिस ने उसे मानसिक रूप से विक्षिप्त करार दिया था.
न्यायिक जांच के आदेश: वहीं, इस मामले में लगातार सवाल उठने के बाद अब सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश एनकाउंटर की जांच करेंगे.
भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में दिनांक 17.06.2026 को हुई पुलिस मुठभेड़ की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच हेतु उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच कराने का निर्णय लिया गया है। न्यायिक जांच का उद्देश्य घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्षता एवं…
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) June 20, 2026
थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मी सस्पेंड: इस मामले में अबतक कई पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है. शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश ने भोजपुर एसपी राज की अनुशंसा पर शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकर को सस्पेंड कर दिया है. इसके अलावे एक एएसआई और कई सिपाहियों को भी हटा दिया गया है.
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