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PTET 2026: चार साल में कैंडिडेट में 87 फीसदी गिरावट, आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी

बीते साल से कम आवेदन होने के चलते वीएमओयू ने पीटीईटी 2026 के रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ा दी है.

वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय
वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (ETV Bharat Kota)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : March 21, 2026 at 12:43 PM IST

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कोटा : प्रदेश के टीचर ट्रेनिंग कॉलेजों में बैचलर ऑफ एजुकेशन (Bachelor of Education) कोर्स में एडमिशन के लिए प्री टीचर एजुकेशन टेस्ट (PTET 2026) वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा आयोजित कर रहा है. इस आयोजन में अब तक 64500 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं. लगातार अभ्यर्थियों की संख्या कम हो रही है. बीते 4 साल में इसमें करीब 87 फीसदी की गिरावट आई है. 4 साल पहले साल 2023 में 5.21 लाख विद्यार्थियों ने आवेदन किया था. विद्यार्थी 20 अप्रैल तक आवेदन कर सकेंगे.

कोऑर्डिनेटर प्रो. क्षमता चौधरी ने बताया कि अब तक प्राप्त लगभग 64500 आवेदन आएं हैं, जिनमें 40 हजार फीमेल व 24 हजार मेल अभ्यर्थी हैं. सबसे अधिक आवेदन जयपुर जिले से प्राप्त हुए हैं. इस बार केवल दो वर्षीय बीएड के लिए ही आवेदन लिए जा रहे हैं, जबकि बीएससी बीएड के 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स में प्रवेश के लिए परीक्षा का आयोजन नहीं हो रहा है. बीते साल से कम आवेदन होने के चलते वीएमओयू ने पीटीईटी 2026 के रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ा दी है.

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बीते साल से महज 25 फीसदी आवेदन हुए : साल 2023 पीटीईटी के लिए 5.21 लाख आवेदन आए थे, जबकि साल 2024 में 4.27 लाख विद्यार्थी रजिस्टर्ड हुए थे. इसमें 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स के लिए 1.53 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जबकि 2 वर्षीय बीएड कोर्स के लिए 2.74 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था. बीते साल 2025 में दोनों में मिलाकर 2.45 लाख आवेदन हुए थे, जिसमें 2 वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम में 1.85 लाख के आसपास थे. वहीं, 2026 में अभी तक महज 64500 आवेदन दो वर्षीय कोर्स के लिए प्राप्त हुए हैं. साल 2023 से 2026 में कैंडिडेट की संख्या में 4.56 लाख की गिरावट हुई है. हालांकि, चार वर्षीय कोर्स के लिए इस बार आवेदन नहीं हुए हैं.

साल रजिस्ट्रेशन
2023 5.21 लाख (दोनों कोर्स)
2024 4.27 लाख (दोनों कोर्स)
20252.45 लाख (दोनों कोर्स)
2026 64.5 हजार (20 मार्च तक)

एग्जाम देने वाले हर विद्यार्थी को मिल जाएगी सीट : प्रदेश में साल 2025 की काउंसलिंग के अनुसार बीएड की 1.07 लाख सीट्स 2 वर्षीय पाठ्यक्रम की है. ऐसे में इस बार के आवेदनों को देखकर लगता है कि हर विद्यार्थी को परीक्षा देने पर ही बीएड की सीट मिल जाएगी. कोऑर्डिनेटर डॉ. रवि गुप्ता ने बताया कि बीते साल भी परीक्षा में विद्यार्थियों की रैंक जारी की गई थी. इसके बाद काउंसलिंग हुई थी. इस काउंसलिंग में सफल कैंडिडेट ने रजिस्ट्रेशन कम करवाया था, जिसमें आवेदन करने वाले हर विद्यार्थी को सीट मिल गई थी. उनका कहना है कि 4 वर्षीय बीए/बीएससी बीएड इंटीग्रेटेड कोर्स में बीते साल 45 हजार के आसपास सीट थी, लेकिन इस बार सरकार ने अनुमति नहीं दी है.

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अंग्रेजी के आवेदक महज 10 फीसदी : कोऑर्डिनेटर डॉ. रवि गुप्ता ने बताया कि महज 6400 अभ्यर्थियों ने अंग्रेजी माध्यम का प्रश्न पत्र मांगा है. शेष करीब 60 हजार के आसपास कैंडिडेट हिंदी माध्यम से परीक्षा देंगे. प्रदेश के सभी 41 जिलों में 14 जून को प्रस्तावित परीक्षा की तैयारी की जा रही है. परीक्षा आयोजन समिति सदस्य डॉ. संदीप हुड्डा ने बताया कि अभी बैचलर्स फाइनल परीक्षा दे रहे विद्यार्थी भी आवेदन कर सकते हैं. ऐसे अभ्यर्थियों को अंतिम काउंसलिंग राउंड तक अपना परिणाम रिजल्ट करना होगा. वहीं, बैचलर्स या पोस्ट ग्रेजुएशन के परिणाम में 50 फीसदी अंक विद्यार्थी के होना जरूरी है, जबकि रिजर्व कैटेगरी में स्टूडेंट्स को छूट है.

विद्यार्थियों को 1 साल की बीएड का इंतजार : प्रो. रवि गुप्ता का कहना है कि विद्यार्थियों को उम्मीद है कि बीएड 1 साल की हो जाएगी, इसलिए वह ज्यादा इंटरेस्ट 2 साल की बीएड में नहीं दिखा रहे हैं. लंबे समय से ऐसा चल रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि एक साल की B.Ed कोर्स में काफी नॉर्म्स हैं. इसमें NAAC (राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद) की ग्रेडिंग की अनिवार्यता है, इसीलिए विद्यार्थी दो साल की बीएड के परीक्षा में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे हैं. इनके लिए अभी राजस्थान में एक भी संस्थान नहीं है. दूसरी तरफ विद्यार्थियों की यूनिवर्सिटी व कॉलेज में परीक्षाएं भी चल रही हैं, इसीलिए भी आवेदन कम हुए हैं. 4 वर्षीय बीएड इंटीग्रेटेड कोर्स में 12वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थी ज्यादा आवेदन करते हैं. ऐसे में अभी इस कोर्स की अनुमति नहीं है, जिसके लिए राज्य सरकार से मार्गदर्शन भी मांगा है.

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ITEP से भी मिल रही चुनौती : एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा के अनुसार इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) है. इसमें प्रवेश के लिए केंद्र सरकार के संस्थान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की तरफ से नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) आयोजित की जाती है. यह बीए/बीएससी B.Ed का इंटीग्रेटेड 4 वर्षीय कोर्स है. इस देश की कई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी आयोजित कर रही है. कुछ प्राइवेट यूनिवर्सिटीज, कॉलेज और सेंट्रल इंस्टीट्यूट ने ही मान्यता ली है. ऐसे में राजस्थान में संचालित होने वाले बीए/बीएससी B.Ed के चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स को आईटीईपी से चुनौती मिल रही है.