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Karma Festival: करमा पूर्व संध्या पर झारखंड में दिखी लोक संस्कृति की रंगत, मांदर की थाप पर थिरके कदम

रांची में करमा की पूर्व संध्या पर अखरा और कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. चंदन भट्टाचार्य की रिपोर्ट.

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करमा नृत्य पर झूमती महिलाएं (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : September 21, 2026 at 7:36 PM IST

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Updated : September 21, 2026 at 8:25 PM IST

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रांची: प्रकृति और संस्कृति के महापर्व करमा की पूर्व संध्या पर सोमवार को झारखंड के विभिन्न हिस्सों में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. रांची समेत राज्य के कई स्थानों पर अखरा, कॉलेजों और सांस्कृतिक मंचों को विशेष रूप से सजाया गया. देर शाम तक ढोल-नगाड़ों और मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य-गान का दौर चलता रहा. 22 सितंबर को मुख्य करम पूजा मनाई जाएगी.

करमा पूर्व संध्या के कार्यक्रमों में झारखंड की समृद्ध लोक और जनजातीय संस्कृति की झलक देखने को मिली. पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों और छात्र-छात्राओं ने मांदर, ढोल और बांसुरी की धुन पर सामूहिक करमा नृत्य की प्रस्तुति दी. गीत-संगीत और नृत्य के बीच पूरा माहौल उत्सवमय नजर आया.

करमा पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन (ETV BHARAT)

कार्यक्रमों में कुड़ुख, मुंडारी, हो, संथाली, नागपुरी और खोरठा सहित विभिन्न क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं में पारंपरिक करम गीत प्रस्तुत किए गए. इन गीतों के जरिए प्रकृति, सामाजिक परंपराओं और भाई-बहन के रिश्ते से जुड़े भावों को अभिव्यक्त किया गया. युवा पीढ़ी ने भी पूरे उत्साह के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में हिस्सा लिया.

Karma festival cultural programs organized in ranchi
करमा पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन (ETV BHARAT)

रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा संकाय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी और दीक्षांत मंडप समेत कई शिक्षण संस्थानों में करमा पूर्व संध्या पर विशेष आयोजन किए गए. इन संस्थानों के अखरों और सांस्कृतिक मंचों पर छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक नृत्य और गीतों की प्रस्तुति दी. इसके अलावा विभिन्न सरना समितियों और सामाजिक संगठनों की ओर से भी कार्यक्रम आयोजित किए गए.

Karma festival cultural programs organized in ranchi
करमा नृत्य पर झूमती महिलाएं (ETV BHARAT)

करमा पर्व झारखंड की लोक परंपरा और प्रकृति से जुड़ी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है. पर्व के माध्यम से प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ सामाजिक एकजुटता और भाई-बहन के स्नेह का संदेश भी दिया जाता है. पूर्व संध्या पर हुए आयोजनों में इन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास भी दिखाई दिया.

सोमवार देर शाम तक विभिन्न स्थानों पर मांदर और ढोल की थाप सुनाई देती रही. पारंपरिक गीतों के साथ युवाओं और बुजुर्गों ने भी नृत्य में हिस्सा लिया. करमा पूर्व संध्या के आयोजनों ने रांची समेत पूरे झारखंड में पर्व के उत्साह को और बढ़ा दिया. मंगलवार को मुख्य करम पूजा के साथ यह उत्सव अपने पारंपरिक रूप में मनाया जाएगा.

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Last Updated : September 21, 2026 at 8:25 PM IST