एक साथ उठीं 5 मासूमों की अर्थियां तो अंतिम विदाई देख रो पड़ा विष्णुटोला गांव
भागलपुर के सुल्तानगंज में एक साथ पांच मासूमों की अर्थियां उठने से विष्णुटोला का हर घर गम में डूब गया. रिपोर्ट अमरजीत कुमार

Published : September 22, 2026 at 8:35 AM IST
भागलपुर: जिस गांव में कुछ घंटे पहले पर्व की तैयारियों और बच्चों की हंसी-खुशी का माहौल था, वहां अब हर तरफ मातम, चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा है. कर्मा-धर्मा पूजा के लिए निकले छह मासूमों में से पांच बच्चों के शव पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-27 स्थित विष्णुटोला पहुंचे पूरा गांव गम के सैलाब में डूब गया.
एक साथ उठीं पांच मासूमों की अर्थियां
शवों के गांव पहुंचते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर उमड़ पड़े. अपनों के शव देखकर परिजनों की चीख-पुकार ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया. किसी मां की आंखें अपने लाल को तलाश रही थीं तो किसी पिता की जुबां पर बस यही दर्द था कि ''आखिर कहां चली गेलो बेटा, तोरा बिना आबा कैसा रहभै हो''. यह करुण पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया.
रो पड़ा पूरा गांव
एक साथ पांच मासूमों के शव गांव से उठते देख हर कोई स्तब्ध रह गया. जिन बच्चों के कदम पर्व की खुशियों में शामिल होने के लिए घर से निकले थे, उन्हीं बच्चों के शव देखकर परिवारों का कलेजा फट पड़ा. देखते ही देखते उत्सव की खुशियां मातम में बदल गईं.
सुल्तानगंज के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार
गांव की गलियों में पसरा सन्नाटा और परिजनों की चीख-पुकार इस हृदयविदारक हादसे को बयां कर रही थी. विष्णुटोला में सोमवार का दिन ऐसा दर्द छोड़ गया, जिसे शायद यह गांव वर्षों तक नहीं भूल पाएगा. वही पांचों बच्चों का अंतिम संस्कार सुल्तानगंज के मुक्तिधाम में किया गया.
''आज का दिन सुल्तानगंज के लिए काला दिन माना जाएगा. पर्व की खुशियां मनाने निकले मासूमों की इस तरह मौत बेहद दुखद और मर्माहत करने वाली है. सरकार और जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द आपदा प्रावधान के तहत सहायता राशि दें.'' - रविसुमन उर्फ अरुण मंडल, नेता, बीजेपी
शीघ्र आपदा राशि उपलब्ध कराने की मांग
वहीं समाजसेवी जवाहर मंडल ने कहा कि इस दुख की घड़ी में वे पूरी तरह पीड़ित परिवारों के साथ हैं और हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया. वहीं पूर्व उपसभापति प्रतिनिधि मनोज यादव ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए जिला प्रशासन से पीड़ित परिवारों को शीघ्र आपदा राशि उपलब्ध कराने की मांग की.
भागलपुर में दर्दनाक हादसा
बिहार के भागलपुर जिले में सोमवार को बाढ़ के पानी में डूबने से छह बच्चों की मौत हो गई. हादसा सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव में हुआ. मृतकों में चार लड़के और दो लड़कियां शामिल हैं. वहीं, कन्हाई मंडल की पुत्री मनीषा कुमारी किसी तरह अपनी जान बचाकर गहरे पानी से बाहर निकल आई.

कैसे हुआ हादसा?
सोमवार सुबह कर्मा-धर्मा पर्व को लेकर करीब 16 बच्चे तरैटा गांव के चौकी बहियार में झुर और कुस लेने गए थे. इसी दौरान एक बच्चा झुर उखाड़ते समय अचानक उसका पैर फिसला और वो बाढ़ के पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरा. उसे डूबता देख उसे बचाने के लिए दूसरे बच्चे भी पानी में उतर गए. देखते ही देखते एक के बाद एक कई बच्चे गहरे पानी में चले गए और छह मासूमों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई.
बाढ़ के पानी में डूबने से छह बच्चों की मौत
हादसे की सूचना मिलते ही सुल्तानगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों की तलाश शुरू की। पुलिस ने सभी छह बच्चों के शव बरामद कर लिए हैं. शवों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजा गया है. पुलिस के अनुसार, मृतकों में पांच बच्चे सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 27 के रहने वाले थे, जबकि एक बच्चा सबौर थाना क्षेत्र का रहने वाला था.
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