बिहार में ₹16,000 करोड़ का बड़ा निवेश! 'बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026' से खुलेंगे 12,000 रोजगार के रास्ते
बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026 के तहत राज्य में स्वच्छ ऊर्जा और रोजगार के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है. रिपोर्ट-अविनाश कुमार

Published : September 22, 2026 at 8:26 AM IST
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में ‘बिहार ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026’ के प्रारूप को लेकर समीक्षा बैठक की. बैठक में बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा प्रस्तुतीकरण के माध्यम से राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था के निर्माण, लक्ष्य, प्रोत्साहन और कार्यान्वयन संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई.
16,000 करोड़ रुपये के निवेश और रोजगार की संभावना
प्रस्तावित नीति के तहत राज्य में लगभग 16,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है. इससे करीब 12,000 रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है. यह नीति स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है.

राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन-2030 के अनुरूप लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन-2030 के लक्ष्यों के अनुरूप राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन और उपयोग को बढ़ावा दिया जाए. इससे स्वच्छ ऊर्जा, हरित तकनीक और सतत विकास को बल मिलेगा. उन्होंने अधिकारियों को उत्पादन, उपयोग और निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित करने के निर्देश दिए.
"राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन-2030 के लक्ष्यों के अनुरूप राज्य में ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन एवं उपयोग को बढ़ावा देने के लिये कार्य करें ताकि राज्य में स्वच्छ ऊर्जा, हरित तकनीक और सतत विकास को बढ़ावा मिल सके."-सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री
बरौनी रिफाइनरी और उर्वरक संयंत्र से समन्वय
मुख्यमंत्री ने बरौनी रिफाइनरी एवं हिन्दुस्तान उर्वरक रसायन लिमिटेड के अधिकारियों से समन्वय कर बिहार के अन्य क्षेत्रों में भी हाइड्रोजन प्लांट स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा करने को कहा. उन्होंने संबंधित उद्योगों और संस्थानों के साथ मिलकर आगे की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया.
लोकसेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी से संबंधित प्रेजेंटेशन एवं बैठक में शामिल होकर बिहार में स्वच्छ ऊर्जा, हरित तकनीक और सतत विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। pic.twitter.com/y12IkjfJor
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) September 21, 2026
देश में 5 मिलियन मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य
बैठक में राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के वर्ष 2030 तक के लक्ष्यों पर चर्चा हुई. मिशन का लक्ष्य देश में प्रतिवर्ष कम-से-कम 5 मिलियन मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता विकसित करना है. बिहार में उत्पादन और उपयोग की संभावनाओं तथा प्रस्तावित नीति के प्रावधानों पर भी विस्तार से बातचीत की गई.
नीति के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा
अधिकारियों ने बिहार में ग्रीन हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था के निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया ताकि राज्य हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सके.
बैठक में उपस्थित वरीय अधिकारी
बैठक में ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव अजय यादव, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.
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