बिहार शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर के ठिकानों पर विजिलेंस की रेड, अवैध संपत्ति का आरोप
मुजफ्फरपुर में SVU ने आरडीडी के ठिकानों पर छापा मारा है. 3.75 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप से शिक्षा विभाग में हड़कंप.

Published : September 11, 2025 at 1:38 PM IST
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में गुरुवार को स्पेशल विजीलेंस यूनिट (SVU) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की. तिरहुत प्रमंडल के रीजनल डिप्टी डायरेक्टर शिक्षा (आरडीडी) के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. निगरानी इकाई, बिहार पटना के पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में यह कार्रवाई सुबह तड़के शुरू हुई, जिसमें मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र स्थित उनके आवास और कार्यालय, पटना और पूर्णिया के ठिकानों पर दबिश दी गई. इस कार्रवाई ने शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है.
3.75 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप: सूत्रों के अनुसार, डिप्टी डायरेक्टर पर लगभग 3,75,66,092 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है. विशेष निगरानी इकाई ने उनके खिलाफ थाना कांड संख्या 18/25, दिनांक 10.09.25 को दर्ज किया, जिसमें धारा 13(1)(b), 13(2), और 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के साथ-साथ 61(2)(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया. प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि डिप्टी डायरेक्टर ने अपनी आय से अधिक संपत्ति अर्जित की, जिसके बाद अदालत के आदेश पर यह छापेमारी शुरू की गई.
वैशाली में DEO रहते शुरू हुआ विवाद: डीएसपी चंद्र भूषण कुमार ने बताया कि डिप्टी डायरेक्टर के खिलाफ यह कार्रवाई उनके वैशाली में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) रहते हुए प्राप्त शिकायतों के आधार पर शुरू हुई. इन शिकायतों की जांच के बाद विशेष निगरानी इकाई ने उनके खिलाफ केस दर्ज किया. गुरुवार को अदालत के आदेश पर मुजफ्फरपुर, पटना और पूर्णिया में उनके आवासीय परिसरों और कार्यालयों में तलाशी ली गई. इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संदिग्ध कागजी सबूत जब्त किए गए.
"वीरेंद्र नारायण के विरुद्ध आय से अधिक संपति पर एफआईआर दर्ज हुआ है. उसके अंतर्गत छापेमारी की जा रही है. वीरेंद्र नारायण जब वैशाली के शिक्षा पदाधिकारी थे, उस समय उनके खिलाफ आवेदन प्राप्त हुआ था. आवेदन की जांच के बाद आज न्यालय के आदेश के बाद तलाशी ली जा रही है. मुजफ्फरपुर के आवास, पटना स्थिति आवास और पूर्णिया पर जांच चल रही है."-चंद्र भूषण कुमार, डीएसपी
दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच: छापेमारी के दौरान SVU की टीम ने डिप्टी डायरेक्टर के आवास और कार्यालय से कई अहम कागजात, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य संदिग्ध सामग्री को खंगाला. हालांकि, बरामद संपत्ति और नकदी का आधिकारिक ब्योरा अभी तक साझा नहीं किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि तलाशी अभियान पूरा होने के बाद ही सभी जब्त सामग्रियों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी. प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.
शिक्षा विभाग में प्रभावशाली अधिकारी: डिप्टी डायरेक्टर की गिनती शिक्षा विभाग में एक प्रभावशाली अधिकारी के रूप में होती थी. वे पूर्व में वैशाली में DEO के पद पर रह चुके हैं और हाल ही में तिरहुत प्रमंडल में RDD का पदभार संभाला था. उनकी साख और प्रभाव के कारण इस कार्रवाई ने पूरे विभाग में सनसनी फैला दी. इस छापेमारी की खबर फैलते ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मच गई. कई कर्मचारियों ने आनन-फानन में अपने फोन बंद कर लिए.
जांच जारी, बड़े खुलासे की उम्मीद: विजीलेंस की टीमें अभी भी तलाशी अभियान में जुटी हुई हैं. अनुमान है कि इस कार्रवाई के बाद जब्त दस्तावेजों और संपत्तियों का बड़ा खुलासा हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, जांच में कई अन्य संदिग्ध लेन-देन और संपत्तियों का पता चल सकता है, जो डिप्टी डायरेक्टर के लंबे करियर से जुड़े हो सकते हैं.
भ्रष्टाचार पर लगाम: यह छापेमारी बिहार सरकार और विशेष निगरानी इकाई की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है. हाल के महीनों में SVU ने कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिससे भ्रष्टाचारियों में खौफ का माहौल है. डिप्टी डायरेक्टर के खिलाफ यह कार्रवाई शिक्षा विभाग में अवैध संपत्ति अर्जन करने वालों के लिए कड़ा संदेश है.
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