नैनीताल पुलिस का बच्चों के लिए 'ऑपरेशन मुक्ति' शुरू, 'भिक्षा नहीं, शिक्षा दें' अभियान में स्वयंसेवी संस्थाएं भी हुई शामिल
Nainital Police Operation Mukti begins उत्तराखंड में गरीब बच्चों के वेलफेयर के लिए ऑपरेशन मुक्ति शुरू हुआ है. इसमें बच्चों से जुड़े अपराध पर लगाम लगाई जाएगी. साथ ही जो बच्चे गरीबी या अन्य कारणों से भिक्षावृत्ति करने लगे हैं, उनकी पहचान करके उन्हें स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा. नैनीताल पुलिस ने बड़े पैमाने पर ऑपरेशन मुक्ति शुरू किया है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : March 2, 2024 at 7:08 AM IST
हल्द्वानी: नैनीताल पुलिस ने पूरे जिले में ऑपरेशन मुक्ति अभियान की शुरुआत की है. 1 मार्च से 31 मार्च तक चलने वाले इस अभियान के तहत बच्चों से कराई जा रही भिक्षावृत्ति, बच्चों के साथ होने वाले अपराधों की रोकथाम, बच्चों को अपराध में शामिल होने से रोकने और उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित किए जाने के लिए 'ऑपरेशन मुक्ति' अभियान की शुरुआत की गई.
ऑपरेशन मुक्ति शुरू: अभियान में पुलिस के जवानों के साथ-साथ एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग, अन्य संबंधित विभागों और स्वयं सेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है. एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने बताया कि इस अभियान को एक महीने चलाएगा जाएगा. इसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा. भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों और उनके परिवारों का पूर्ण विवरण संलग्न प्रारूप में तैयार करना तथा ऐसे बच्चे जिनका विद्यालयों या डे केयर में दाखिला किया जाना है को चिह्रित किया जाएगा. इसके अलावा स्कूल-कॉलेजों, सार्वजनिक स्थानों, चौराहों, बस और रेलवे स्टेशनों, धार्मिक स्थलों आदि स्थानों पर बच्चों को भिक्षा न दिये जाने के संबंध में बैनर और सोशल मीडिया आदि के माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाकर जनता को जागरूक किया जाएगा.
बच्चों की सुरक्षा का अभियान: भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को भिक्षावृत्ति से हटाकर उनके तथा उनके माता-पिता की काउन्सलिंग कर बच्चों को शिक्षा प्रदान करने तथा उनके माता-पिता को रोजगार दिलाने का प्रयास भी किया जाएगा, जिससे बच्चों के पुनः भिक्षावृत्ति में लिप्त पाये जाने पर उनके माता-पिता के के खिलाफ मामला दर्ज कर करवाई की जाएगी. इसके अलावा कुछ लोग गिरोह के तौर पर बच्चों को भिक्षावृत्ति की ओर धकेलते हैं. ऐसे लोगों को भी चिन्हित करने का काम किया जा रहा है. जो भी लोग इस तरह के कृत्य करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. प्रकाश चंद्र ने बताया कि पिछले वर्ष चलाए गए अभियान के तहत 150 बच्चों को चिन्हित किया गया था, जिनको स्कूलों में दाखिल कराया गया है.
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