बालोद में तांदुला नदी का सीना छलनी कर रहे रेत माफिया - Illegal mining of sand
बालोद के बेलोदा ग्राम में रात के अंधेरे में धड़ल्ले से रेत खनन का काम चल रहा है. रात में रेत माफिया जेसीबी की मदद से रेत निकलते हैं और सुबह होने से पहले बालू और गाड़ी दोनों गायब कर देते हैं. बालोद के बेलोदा ग्राम में तांदुला नदी से हो रहा रेत का अवैध खनन, खनिज विभाग ने कही एक्शन की बात

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : April 28, 2024 at 7:10 PM IST
|Updated : April 28, 2024 at 7:57 PM IST
बालोद: वानांचल क्षेत्र बेलोदा ग्राम में अवैध रेत के खनन का खेल बेरोक टोक जारी है. रात के वक्त खनन माफिया के गुर्गे जेसीबी के साथ तांदुला नदी में आते हैं और रेत खनन का काम रात भी करते हैं. सुबह होने से पहले खनन का खेल बंद हो जाता है. खनन माफिया के गुर्गे जेसीबी को छिपाकर चले जाते हैं. खनिज विभाग के अधिकारियों का दावा है कि टीम लगातार अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए इलाके में एक्टिव है.
चुनाव के काम में जुटे हैं खनिज विभाग के कर्मचारी: लोकसभा चुनाव में जिले के खनिज विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है. चुनाव कार्य में ड्यूटी होने के चलते इन दिनों रेत माफिया को रेत खनन का मौका मिल गया है. खनन की सूचना मिलने के बाद मौके पर जाकर खनिज विभाग ने जांच पड़ताल भी की है.
हमने दो दिन पहले इलाके में खनिज विभाग की टीम भेजी थी. काम वहां पर बंद है. रेत खनन की जानकारी मिली थी. जानकारी के मुताबिक जो भी उचित कार्रवाई होगी वो की जाएगी''.-मीनाक्षी साहू, खनिज अधिकारी
''मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. ग्राम सभा खदान का संचालन करती है. इसमें किसी भी तरह का कोई हस्तक्षेप नहीं है. उनके ठेकेदारों को काम दिया गया है. खनन का काम ग्राम सभा तय करती है''. - जुगनू राम मंडावी, सरपंच
रात के वक्त होता है खनन का खेल: रेत माफिया पकड़े जाने के डर से तांदुला नदी में रात के वक्त खनन का काम कर रहे हैं. नदी में कई जगह रेत खनन के चलते बड़े बड़े गड्ढे बन गए हैं. रेत को एक जगह पर स्टॉक किए जाने के निशान भी मिले हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि रेत माफिया पर कैसे खनिज विभाग लगाम लगाता है.

