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बिना बताए खोला टाइगर का पिंजरा, हमले में महिला मजदूर की मौत, 6 महिलाओं ने पेड़ और जाल पर चढ़ बचाई जान

जान बचाने के लिए दौड़ी महिला जाल पर पूरी तरह चढ़ नहीं पाई और टाइगर ने उसे दबोच लिया.

The tiger that attacked
अटैक करने वाला टाइगर (इनसेट में मृतका) (ETV Bharat File Photo)

By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : September 2, 2026 at 5:10 PM IST

जयपुर: नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बुधवार सुबह एक टाइगर ने महिला मजदूर पर हमला कर दिया. हमले में महिला की दर्दनाक मौत हो गई. दरअसल, महिलाएं एंक्लोजर में घास काट रहीं थीं. केयरटेकर की लापरवाही से टाइगर पिंजरे से निकलकर खुले एंक्लोजर में महिला मजदूरों के बीच पहुंच गया. महिलाओं ने पेड़ और जाल पर चढ़कर जान बचाने का प्रयास किया. लेकिन टाइगर ने एक महिला सुगना देवी को अपने जबड़े में झपटकर नीचे गिरा दिया और उस पर हमला कर दिया. मृतक महिला की पहचान नांगल सुसावतान गांव निवासी सुगना देवी के रूप में हुई है. इसके बाद वन प्रशासन हरकत में आया और तुरंत टाइगर को काबू करके वापस पिंजरे में बंद किया गया.

सीसीटीवी कैमरे किए चेक: डीएफओ आशीष व्यास ने बताया कि टाइगर के अटैक करने से एक महिला मजदूर की मौत हो गई. मामले की जांच नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के एसीएफ को दी गई है. इंचार्ज वन विभाग की कर्मचारी हंसा देवी थी. महिला वनकर्मी हंसा देवी से पुलिस पूछताछ कर रही है. जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि किस कारण से यह पूरा घटनाक्रम हुआ है और किसकी लापरवाही रही है. जांच के बाद दोषी अधिकारियों–कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए जा रहे हैं. मौके पर मौजूद लोगों के बयान लिए जाएंगे.

प्रत्यक्षदर्शी ने बताई पूरी घटना... (ETV Bharat Jaipur)

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पिंजरा खोलने वाली वनकर्मी से पूछताछ: आमेर थाना अधिकारी राजेंद्र गोदारा ने बताया कि सुबह करीब 9:30 बजे सूचना प्राप्त हुई थी कि नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में टाइगर ने महिला पर अटैक कर दिया है. पिंजरे से बाहर जो एंक्लोजर बना हुआ है, उसमें महिलाएं घास काट रही थीं. इस दौरान टाइगर ने अटैक कर दिया. इसमें वन विभाग के स्टाफ की लापरवाही रही है. लिखित रिपोर्ट मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पिंजरा खोलने वाली महिला वन कर्मचारी से पूछताछ की जा रही है.

मौके पर पहुंची पुलिस (ETV Bharat Jaipur)

प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताई घटना: मृतक महिला की बहन ने बताया कि एंक्लोजर में हम 7 महिलाएं घास काट रही थीं. रोजाना 9:00 बजे आते थे, लेकिन आज हमें काम के लिए 8:00 बजे बुला लिया गया था. सुबह करीब 9:00 बजे बिना मजदूरों को हटाए अचानक पीछे से वनकर्मी ने पिंजरे (कराल) का गेट खोल दिया और टाइगर वहां आ गया, जहां महिला मजदूर घास काट रही थीं. सुगना देवी को अचानक टाइगर शिवाजी दिखा. वह घास को पटक कर जान बचाने के लिए हमारी तरफ दौड़ी. हम रेलिंग के जाल पर तारों के ऊपर चढ़कर कूद गए. सुगना देवी भी कूदने ही वाली थी कि पीछे से टाइगर ने झपटकर पकड़ लिया और नीचे गिराकर गर्दन पर पंजा मार दिया, जिससे उसकी मौत हो गई. बड़ी मुश्किल से अन्य 6 महिलाओं की जान बची है. करीब 8 साल से हम यहां काम कर रहे हैं. लेकिन आज वनकर्मी हंसा देवी ने बिना देखे ही टाइगर का गेट खोल दिया था.

धरना देते ग्रामीण (ETV Bharat Jaipur)

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ग्रामीणों ने मांगों को लेकर दिया धरना: सूचना मिलते ही वन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंचे. तुरंत टाइगर को काबू करके वापस पिंजरे के अंदर बंद किया गया. मामले की जानकारी मिलते ही आमेर थाना पुलिस और पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ भी मौके पर जमा हो गई. घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीण धरने पर बैठ गए. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने से इनकार कर दिया. ग्रामीणों ने परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी, आर्थिक मुआवजा और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. आमेर विधायक प्रशांत शर्मा समेत अन्य जनप्रतिनिधि भी धरने में पहुंचे.

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इन मांगों पर बनी सहमति:वन विभाग और पुलिस के अधिकारियों ने ग्रामीणों से समझाइश का प्रयास किया. वन विभाग की ओर से परिजनों को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया. काफी समझाइश के बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति बनी. मृतका के परिवार को 10 लाख रुपए मुआवजा राशि, 2 आश्रितों को संविदा पर नौकरी, एक डेयरी बूथ का आवंटन, दोषी वन विभाग के कर्मचारी पर कानूनी कार्रवाई करने और एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव पत्र भेजने के आश्वासन पर सहमति बनी है. इसके बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया.