भगवान राम के नाम पर ठगी: साइबर क्रिमिनल्स ने फैलाया जाल, ऐसे मैसेज और कॉल आने पर हो जाएं सावधान

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By ETV Bharat Uttar Pradesh Desk

Published : Jan 19, 2024, 5:15 PM IST

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अयोध्या में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है. भगवान राम के चर्चा में होने के कारण आजकल उनके नाम पर भी ठगी के मामले सामने आ रहे हैं. साइबर क्रिमिनल नए तरीके ढूंढकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं.

लखनऊ: 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद देश भर से हर राम भक्त राम लला के दर्शन करने के लिए राम नगरी आने को आतुर है. ऐसे में लाखों की भीड़ में यदि कोई वीवीआईपी दर्शन करवाने, ट्रेन का टिकट कन्फर्म करवाने और चंदा सीधे राम मंदिर के लगवाने की बात कहे, तो कौन राम भक्त इस पर भरोसा करने इंकार करेगा. भक्तों के इसी भरोसे का फायदा साइबर अपराधियों ने उठाना शुरू कर दिया है. न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश में साइबर जालसाजों ने राम के नाम पर ठगी की है. ऐसे में आइए जानते है कि आखिर इस तरह की ठगी से कैसे बचा जा सकता है.

बुलंदशहर-मुंबई में भी वीआईपी दर्शन करने के नाम पर हुई ठगी: बुलंदशहर के साठा मोहल्ले में रहने वाले एक व्यापारी के पास एक मैसेज आया, जिसमें उन्हें यह बताया गया कि राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा देश के कुछ चुनिंदा लोगों को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में मैसेज से आमंत्रित किया जा रहा है. इसके लिए उन्हें मैसेज में दिए गए एक लिंक पर क्लिक करके रजिस्टर करना होगा.

वीआईपी दर्शन कराने के नाम पर ठगी: यह एक APK फाइल होती है, जिस पर क्लिक करने पर मोबाइल का एक्सेस साइबर जालसाजों के पास चला जाता है. व्यापारी ने गलती से इसी APK लिंक को क्लिक कर दिया. इसके बाद उनके अकाउंट से 49000 रुपये कट गए. ठीक इसी तरह मुंबई के एक पुजारी को रामलला के वीआईपी दर्शन कराने के लिए एक मैसेज मिला. उन्होंने व्हाट्सएप कॉल पर मैसेज भेजने वाले से बात की, तो उनसे इसके एवज में 26000 रुपये की डिमांड की गई. पुजारी ने इस विषय में अपने बेटे से चर्चा की, तो उन्हे पता चला कि यह फेक मैसेज है.

साइबर सेल कर रही मामलों की जांच: साइबर सेल प्रभारी सतीश साहू ने बताया कि, देश भर से राम मंदिर के वीआईपी दर्शन, वीआईपी प्रसाद, अयोध्या ट्रेन टिकट कन्फर्मेशन के नाम पर ठगी की जा रही है. साहू कहते है साइबर अपराधी ठगने के लिए नया तरीका इस्तमाल कर रहे है. जब भी कुछ नया घटनाक्रम होता है, नई योजना या पॉलिसी आती है तो ये साइबर जालसाज एक्टिव हो जातें है और आम लोगों की अज्ञानता का फायदा उठा कर ठगी को अंजाम दे देते है. इसलिए लोगों को इसके प्रति जागरूक होना पड़ेगा, ताकि वो अपनी खून पसीने की कमाई साइबर जालसाजों के हाथो न लुटाएं.

नहीं कराए जा रहे VIP दर्शन, नही बनी एप्लीकेशन: साइबर सेल प्रभारी सतीश साहू कहते है कि, सबसे पहले यह जानने की जरूरत कि क्या जो साइबर जालसाज वीवीआईपी दर्शन या प्रसाद को लेकर दावा कर रहे है, क्या वह सही है? इसका जवाब है बिल्कुल नहीं. सरकार और मंदिर ट्रस्ट किसी भी प्रकार के वीवीआईपी निमंत्रण के मैसेज नहीं भेज रहे हैं. ऐसे में यदि ऐसा मैसेज आपके पास आता है, तो उसे न तो किसी को फॉरवर्ड करें और न ही आप उस पर कोई प्रतिक्रिया दें.

इस तरह की जा रही है ठगी: साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे कहते है कि, राम मंदिर में वीआईपी दर्शन का रजिस्ट्रेशन करने के लिए कोई भी एप्लीकेशन नहीं है और न ही गूगल प्ले स्टोर में ऐसी कोई एप्लीकेशन मौजूद है. जो एप्लीकेशन साइबर अपराधी द्वारा डाउनलोड करने के लिए कहा जा रहा है, वह APK फाइल होती है. इसे इंस्टॉल करने पर फोटो गैलरी, संपक और कुछ जरूरी चीजों का एक्सेस मांगा जाता है, जिसे आमतौर पर लोग दे ही देते है. एक्सेस मिलते ही जालसाजों के पास आपकी फोटो और कॉन्टेक्ट होते हैं. इनके आधार पर अपराधी आपको ब्लैकमेल करते हैं.

सिर्फ Https लिंक पर ही करें क्लिक: अमित दुबे के मुताबिक, व्हाट्सएप या एसएमएस में आने वाले मैसेज में मिलने वाले लिंक को आप ध्यान से देखें. यदि लिंक की शुरुआत में https न हो, तो उस लिंक पर क्लिक करना नुकसानदायक हो सकता है. यदि आपसे ठगी हो भी जाती है, तो तत्काल साइबर हेल्प लाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करें. इतना ही नहीं पास के ही साइबर सेल या थाने में जाकर लिखित शिकायत भी दर्ज कराएं.

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