ETV Bharat / state

कर्पूरी ठाकुर का सच्चा वारिस घोषित करने की होड़, बीजेपी और राजद ने एक दूसरे को बताया पिछड़ा विरोधी

author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : Dec 14, 2023, 4:09 PM IST

कर्पूरी ठाकुर पर राजनीति
कर्पूरी ठाकुर पर राजनीति

karpoori thakur birth centenary लोकसभा चुनाव की तैयारी सभी पार्टियां अपने अपने तरह से कर रही हैं. अगले महीने कर्पूरी ठाकुर की जन्म शताब्दी है. इसे मनाने की होड़ सभी पार्टियों में लगी है. ऐसे में कर्पूरी ठाकुर के विरासत को लेकर बिहार में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. पढ़ें, विस्तार से.

कर्पूरी ठाकुर पर राजनीति.

पटना: लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी में सभी दल जुटे हुए हैं. इसी क्रम में सभी राजनीतिक दल प्रमुख नेताओं की जयंती और पुण्यतिथि अपने-अपने तरीके से मना रहे हैं. हाल ही में जदयू ने भीम संसद तो भाजपा ने अंबेडकर समागम के नाम से बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की पुण्यतिथि मनायी. अब 24 जनवरी को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की जन्मशताब्दी है. इस जन्मशताब्दी के बहाने सभी राजनीतिक दल खुद को कर्पूरी ठाकुर का वारिस बताने की तैयारी कर रहे हैं.

कर्पूरी ठाकुर को भाजपा ने सीएम बनायाः बीजेपी के विधायक लखींद्र पासवान ने कहा कि जब कर्पूरी ठाकुर मुख्यमंत्री बने थे, बीजेपी ने उनका साथ दिया था. आरक्षण का मुद्दा हो या अन्य मुद्दा सभी पर कर्पूरी ठाकुर को बीजेपी ने पूरा साथ दिया था. पिछड़ा समाज हो या अतिपिछड़ा सभी समाज के लिए लगातार नरेंद्र मोदी जो काम कर रहे हैं, वो पहले कभी नहीं हुआ था.

"बिहार में लालू हो या नीतीश सिर्फ वोट के लिए कर्पूरी ठाकुर का नाम लेते हैं, जबकि ये लोग पिछड़ा और अतिपिछड़ा समाज के विरोधी हैं. इन लोगों ने कभी भी इस समाज का भला नहीं किया है. ना ही इसके बारे के सोचते हैं. बीजेपी लगातार सबका साथ सबका विकास कर देश को आगे बढ़ा रही है."- लखींद्र पासवान, बीजेपी विधायक

" भाजपा जो कह रही है, वो पूरी तरह सफेद झूठ है. कर्पूरी ठाकुर का अगर कोई खुलकर विरोध करता था तो वो भाजपाई हैं. जब वो जिंदा थे, भाजपा के लोगों ने कई बार उनका अपमान किया. आज भी भाजपा जाति धर्म के नाम पर लोगो को बांट रही है. कर्पूरी ठाकुर के सपना को कुचलने का काम कर रही है."- एजाज अहमद, राजद प्रवक्ता

कर्पूरी की विरासत को लालू ने बढ़ायाः एजाज अहमद ने कहा कि बिहार में जातीय गणना हुई. परदे के पीछे से भाजपा ने विरोध किया. आरक्षण का भी पीछे से वो विरोध कर रहे हैं. आप बताए किस तरह वो पिछड़ा और अतिपिछड़ा की हितैषी है. यह बात गलत है. कर्पूरी ठाकुर की विरासत को किसी ने आगे बढ़ाया तो वो लालू यादव हैं. जो गरीबों का आवाज बन लोगों को आगे बढ़ाए. बीजेपी के लोग कर्पूरी के सपना को तोड़ने का काम कर रहे हैं. इसीलिए ऐसे लोगो के मुंह से कर्पूरी ठाकुर का नाम निकलना भी शोभा नही देता.

इसे भी पढ़ेंः कर्पूरी जयंती को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बैठक, अति पिछड़ा को साधने की बन रही रणनीति

इसे भी पढ़ेंः RJD मनाएगा कर्पूरी जन्म शताब्दी समारोह, शक्ति यादव बोले- कर्पूरी का असली वारिस लालू यादव हैं

इसे भी पढ़ेंः Politics of Karpoori Thakur: बिहार की राजनीति में जननायक कर्पूरी ठाकुर जरूरी, विरासत लूटने की पार्टियों के बीच होड़

ETV Bharat Logo

Copyright © 2024 Ushodaya Enterprises Pvt. Ltd., All Rights Reserved.