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17 साल बाद मिला लापता युवक, बेटा बोल नहीं पता था तो माता-पिता ने हाथ पर गुदवा दिया था नाम, उसी से हुई पहचान

अररिया के सिमराहा थाना क्षेत्र के हिंगना गांव से एक युवक 17 साल पहले लापता हो गया था. वह बोल नहीं सकता था. इसलिए बचपन में ही उसके माता-पिता ने उसके हाथ पर उसका और गांव का नाम गुदवा दिया था. उनकी इसी समझदारी से 17 साल बाद उनका बेटा मिला. पढ़ें, विस्तार से.

अररिया में 17 साल बाद लापता युवक मिला.
अररिया में 17 साल बाद लापता युवक मिला.
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : November 23, 2023 at 7:31 PM IST

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अररिया में 17 साल बाद लापता युवक मिला.

अररिया : बिहार के अररिया जिले की पुलिस ने 17 वर्ष पूर्व लापता हुए युवक को सकुशल बरामद कर लिया. पुलिस को सूचना मिली थी कि गायब युवक भागलपुर के गोपालपुर में किसी होटल में काम कर रहा है. सूचना मिलते ही सिमराहा थाना पुलिस परिवार वालों को अपने साथ लेकर मौके पर पहुंची. लापता युवक के हाथ पर बने गोदना के कारण उसकी पहचान हो सकी. पुलिस उसे अररिया लेते आई. कागजी कार्यवाही के बाद उसे परिजनों के हवाले कर दिया गया.

परिजन के साथ बरामद युवक.
परिजन के साथ बरामद युवक.

2006 से था लापताः मामला सिमराहा थाना क्षेत्र के हिंगना गांव का है. सिमराहा थाना अध्यक्ष राजनंदनी सिन्हा ने बताया कि 2006 में हिंगना निवासी गुगली मंडल ने अपने पुत्र अजय मंडल उर्फ बोके मंडल की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था. पुलिस और परिजनों के काफी तलाश करने के बावजूद उसका कोई आता पता नहीं चल पाया. सिमराहा थाना अध्यक्ष ने बताया कि बोके मंडल मानसिक रूप से कमजोर और गूंगा है.

"इस बरामदगी सबसे महत्वपूर्ण उसके हाथ पर बना गोदना था. बोके के हाथ पर गोदने में हिंगना औराही और उसका नाम लिखा था. इससे सत्यापन में हमें और परिवार वालों को काफी लाभ मिला है। इस बरामदगी से लोगों का विश्वास पुलिस के प्रति बढ़ा है." - राजनंदनी सिन्हा, थाना अध्यक्ष, सिमराहा, अररिया


बोल नहीं पाता था इसलिए हाथ पर गुदवाया था नाम: अजय उर्फ बोके मंडल की मां शांति देवी ने बताया कि बेटे का 17 वर्ष बाद मिलना हमारे परिवार के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है. मां ने बताया कि बेटे की तलाश में हम लोग दर-दर भटकते रहे थे. निराश हो गए थे. लेकिन पुलिस ने इतने दिनों बाद हमारे बच्चे को बरामद कर दिया, इसके लिए मैं जितना धन्यवाद करूं उतना कम है. उन्होंने यह भी बताया कि छोटे उम्र में ही बेटे के हाथ पर उसका नाम और गांव का नाम गुदवाया था. उन्होंने बताया कि बेटा बोल नहीं पता है इसलिए हम लोगों ने उसके हाथ पर यह गोदवाया था.

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