Deshnoke Tragedy: खेत की डिग्गी में डूबने से 3 बच्चों की मौत, छोटे भाइयों को बचाने कूदा किशोर भी नहीं बचा
देशनोक में खेत की डिग्गी में डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई.दो मासूमों को बचाने कूदा किशोर भी गहरे पानी में समा गया.

Published : September 22, 2026 at 7:15 AM IST
बीकानेर : जिले के देशनोक थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां ओरण परिक्रमा रोड पर बने एक खेत में पानी की डिग्गी (कृषि कार्य के लिए बना पक्का जलकुंड) में डूबने से तीन बच्चों की अकाल मौत हो गई. हादसे में दो मासूम खेलते-खेलते पानी में गिर गए थे, जिन्हें बचाने के लिए एक 17 साल का किशोर भी बिना सोचे-समझे पानी में कूद पड़ा. गहरा पानी होने की वजह से वह दोनों बच्चों को नहीं निकाल पाया और खुद भी दलदल व गहरे जल में समा गया. इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है और पीड़ित परिवार में चीख-पुकार मची हुई है. थानाधिकारी सुमन शेखावत ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों की शिनाख्त पंकज (17), कृष (7) और कार्तिक (4) के रूप में हुई है. पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार मूल रूप से हरियाणा के आदमपुर का रहने वाला है. परिवार के सदस्य मजदूरी करके गुजर-बसर करते हैं और कुछ समय पहले ही देशनोक रोही इलाके में एक खेत पर कृषि कार्य (कटाई-बुवाई) के सिलसिले में आए हुए थे. सोमवार को परिवार के बड़े सदस्य खेत में अपने रोजमर्रा के काम में जुटे हुए थे और बच्चे पास में ही खेल रहे थे. इसी बीच 7 वर्षीय कृष और 4 वर्षीय कार्तिक खेलते-खेलते खेत में बनी खुली पानी की डिग्गी के किनारे जा पहुंचे. अचानक पैर फिसलने से दोनों मासूम गहरे पानी में गिर पड़े.
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बच्चों की चीख सुनकर पास ही मौजूद 17 वर्षीय पंकज दौड़कर वहां पहुंचा. दोनों मासूमों को डूबता देख पंकज ने अपनी जान की परवाह किए बिना डिग्गी में छलांग लगा दी. पंकज ने बच्चों को खींचने और किनारे तक लाने की पूरी कोशिश की, लेकिन डिग्गी की गहराई ज्यादा होने और पानी के दबाव के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया. देखते ही देखते पंकज भी गहरे पानी में डूब गया.
आसपास के लोगों ने किया बचाने का प्रयास : हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे. लोगों ने बच्चों को डिग्गी से बाहर निकालने का प्रयास किया और घटना की सूचना पुलिस को दी. हादसे की जानकारी मिलते ही देशनोक थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. पुलिस ने तत्काल तीनों को अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। बाद मे तीनो शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवाया. इस घटना ने एक बार फिर पश्चिमी राजस्थान के खेतों में बनी खुली डिग्गियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. खेतों में सिंचाई और जल संग्रहण के लिए बनने वाली इन गहरी डिग्गियों के चारों ओर जाली या मजबूत तारबंदी न होना हर साल कई मासूमों की जान ले लेता है.
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