निकाय सरकार गठन का दूसरा चरण , आज उपाध्यक्ष पदों के लिए मतदान, कई जगह निर्दलीयों की भूमिका रहेगी अहम
उपाध्यक्ष चुनाव में भी निर्दलीय और अन्य दलों के पार्षदों की भूमिका अहम हो सकती है.

Published : September 22, 2026 at 8:04 AM IST
जयपुर: प्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव में अध्यक्ष, सभापति और महापौर पदों के चुनाव के बाद अब आज उपाध्यक्ष पदों के लिए निर्वाचन होगा. उपाध्यक्ष चुनाव के साथ ही नगरीय सरकार के गठन की प्रक्रिया का दूसरा चरण पूरा हो जाएगा. प्रदेश के तीन नगर निगमों में 25 सितंबर को चुनाव हैं. राजस्थान निकाय चुनावों में अध्यक्षों के चुनाव के बाद अब उपाध्यक्षों और डिप्टी पदों के लिए मतदान और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इन चुनावों के परिणाम मतदान के तुरंत बाद आने की उम्मीद है, जिसमें निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका अहम रहने की संभावना है.
प्रदेश के नगरीय निकायों में सोमवार को अध्यक्ष, सभापति और महापौर पदों के लिए चुनाव हुआ. परिणाम सामने आने के बाद अब राजनीतिक दलों की नजर उपाध्यक्ष पदों पर टिक गई है. कई निकायों में अध्यक्ष पद के परिणाम के बाद बदले समीकरणों के बीच उपाध्यक्ष चुनाव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जहां किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, वहां अध्यक्ष पदों की तरह निर्दलीय और अन्य दलों के पार्षदों की भूमिका अहम हो सकती है. उपाध्यक्ष के पदों में यह भी माना जा रहा है कि पार्टियों ने अध्यक्ष पद में निर्दलीयों का समर्थन लिया, उनमें से किसी निर्दलीय को उपाध्यक्ष पद पर पार्टी समर्थन कर सकती है.
सुबह 10 बजे शुरू होगी प्रक्रिया: आयोग के अनुसार उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए मंगलवार सुबह 10 बजे बैठक शुरू होगी. सुबह 11 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे. इसके बाद 11.30 बजे नामांकन पत्रों की जांच होगी. अभ्यर्थिता वापस लेने का समय दोपहर 2 बजे तक रहेगा. यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में रहते हैं तो दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा. मतदान समाप्त होते ही मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे.
क्रॉस वोटिंग पर रहेंगी नजरें: अध्यक्ष पद के चुनाव में कई निकायों में दलों के पार्षदों के बीच क्रॉस वोटिंग और निर्दलीय पार्षदों की भूमिका सामने आई. अब उपाध्यक्ष चुनाव में भी राजनीतिक दल अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने की कोशिश करेंगे. अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने वाले दल के सामने उपाध्यक्ष पद भी अपने पक्ष में कराने की चुनौती होगी, जबकि विपक्षी दल समीकरण बदलने के लिए निर्दलीय पार्षदों से संपर्क साध सकते हैं. इस चुनाव में सिर्फ पार्टी के घोषित प्रत्याशी ही नहीं, बल्कि पार्षदों की व्यक्तिगत पसंद और स्थानीय समीकरण भी परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं. ऐसे में दोपहर बाद होने वाली वोटिंग के दौरान कई निकायों में मुकाबला नतीजा सामने आएगा.
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नगर सरकार के गठन का चरण पूरा: उपाध्यक्ष पदों के चुनाव के साथ नगरीय निकायों में नई सरकार के गठन की तस्वीर और स्पष्ट होगी. अध्यक्ष के बाद उपाध्यक्ष की कुर्सी किसके हिस्से आती है, इसका फैसला आज पार्षदों के वोट से होगा, लेकिन नगर सरकार के गठन की प्रक्रिया का अगला चरण पूरा हो जाएगा. हालांकि तीन नगर निगम सहित चार निकायों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव 25 सितंबर को होंगे.

