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अब झारखंड में तैयार होगी चेकर स्टील प्लेट, बोकारो स्टील प्लांट ने हासिल की बड़ी उपलब्धि

बोकारो स्टील प्लांट ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. बीएसएल टीम ने एक नया उत्पाद तैयार किया है.

Chequered Plates Production In BSL
बोकारो स्टील प्लांट. (फोटो-ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : December 10, 2025 at 1:10 PM IST

4 Min Read
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बोकारो: रेलवे कोचों और प्लेटफॉर्म के ओवरब्रिज में लगाई जाने वाली टिकाऊ, फिसलनरोधी और उच्च घर्षण क्षमता वाली चेकर स्टील प्लेटें (chequered steel plates) अब झारखंड में बनेंगी. घरेलू इस्पात उत्पादन क्षमता को नई दिशा देते हुए सेल (SAIL) के बोकारो स्टील प्लांट (BSL) ने पहली बार सफलतापूर्वक चेकर्स प्लेट रोलिंग ऑपरेशन पूरा किया है. इस उपलब्धि के साथ बीएसएल अब उस विशेष बाजार में प्रवेश कर चुका है, जहां अब तक छोटे रोलिंग मिलों और मिनी स्टील प्लांटों का ही दबदबा था.

बीएसएल का रणनीतिक विजन

यह पहल आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत बीएसएल के रणनीतिक विजन को दर्शाता है. कार्यकारी निदेशकों (ED) प्रिय रंजन और एके दत्त के नेतृत्व में बीएसएल टीम ने ऐसे उत्पाद के निर्माण में कदम रखा है, जिसे अब तक देश के किसी बड़े इस्पात संयंत्र ने व्यावसायिक रूप से तैयार नहीं किया था.

जानकारी देते बीएसएल के संचार प्रमुख मणिकांत धान. (वीडियो-ईटीवी भारत)

चेकर प्लेट होती है फिसलनरोधी

चेकर प्लेटें उन क्षेत्रों के लिए खास महत्व रखती हैं जहां मजबूत और फिसलनरोधी सतह की आवश्यकता होती है. जैसे सीढ़ियां, रैंप, प्लेटफॉर्म, परिवहन (ट्रक बेड, ट्रेलर, वाहन फर्श), समुद्री क्षेत्र (शिप डेक), पेट्रो केमिकल्स, मशीनरी और औद्योगिक प्लेटफॉर्म इत्यादि. इनका उपयोग आर्किटेक्चरल डिजाइन तक में भी होता है.

तकनीकी दक्षता से किया कमाल

पहले ट्रायल के दौरान बीएसएल ने 1,250 मिमी से 1,500 मिमी चौड़ाई और 5-6 मिमी मोटाई वाली 12 चेकर प्लेट कॉइल्स का सफल रोलिंग किया. पूरा ऑपरेशन बीएसएल टीम ने अपने संसाधनों और तकनीकी दक्षता से किया. जिसमें मशीन सेटअप, प्लानिंग और सतत मॉनिटरिंग शामिल रही. अधिकारियों ने इसे उत्पादन पोर्टफोलियो विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया.

राष्ट्रीय मांग करीब 3.6 लाख टन

चेकर प्लेट की राष्ट्रीय मांग करीब 3.6 लाख टन वार्षिक है और बीएसएल हर माह 30,000 टन उत्पादन का लक्ष्य बना रहा है, जो नियमित एचआर कॉइल ऑर्डर से अतिरिक्त होगा. आर्थिक दृष्टि से भी यह फायदेमंद है. चेकर प्लेट प्रति टन एचआर कॉइल की तुलना में लगभग 1,500 रुपये अधिक नेट कमाई देती है.

RST चेकर प्लेट का उत्पादन कर चुका है बंद

इतिहास में सेल के राउरकेला स्टील प्लांट (Rourkela Steel Plant) ने चेकर प्लेट का उत्पादन किया था, पर करीब एक दशक पहले इसका उत्पादन बंद कर दिया. अब वर्तमान में सेल की इकाइयों में यह तकनीकी और व्यावसायिक क्षमता सिर्फ बोकारो स्टील प्लांट ने प्रदर्शित की है.

इस संबंध में बीएसएल के संचार प्रमुख मणिकांत धान ने बताया कि बोकारो स्टील प्लांट में एक बार फिर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. प्लांट के हॉट स्ट्रीप मिल में पहली बार चेकर प्लेट की रोलिंग की गई है और यह सब इन हाउस किया गया है, वह भी बगैर किसी बाहरी सहयोग के. इस प्रकार से बोकारो स्टील प्लांट ने टेक्निकल कॉम्पोटेंसी, टेक्निकल एक्यूमेन एक बार फिर से दर्शाया है. उन्होंने बताया कि बीएसएनल के सारे अधिकारी और टीमवर्क है जो प्लांट को एक नई ऊंचाई की ओर ले जा रहा है.

संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर टीम को बधाई दी और इसे समर्पण, टीमवर्क और तकनीकी उत्कृष्टता का परिणाम बताया. इस संबंध में बोकारो स्टील ऑफिसर एसोसिएशन (BSOA) के जनरल सेक्रेटरी अजय पांडे ने कहा, यह बोकारो और देश के स्टील सेक्टर के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा.

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