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सीबीएसई स्कूलों को मिले इतने अर्थशास्त्र शिक्षक, 30 हजार रुपये मासिक मानदेय, पांच साल के लिए...

हिमाचल के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज हो गई है. 576 अस्थायी शिक्षकों की पहले ही नियुक्ति हो गई है.

Economics Teachers Appointed
सीबीएसई स्कूलों में अर्थशास्त्र शिक्षकों की भर्ती (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : September 22, 2026 at 7:34 AM IST

3 Min Read
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शिमला: हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में अर्थशास्त्र विषय के शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में शिक्षा विभाग ने कदम उठाया है. राज्य चयन आयोग के सचिव की सिफारिश और सक्षम अधिकारी की मंजूरी के बाद स्कूल शिक्षा निदेशालय ने 85 उम्मीदवारों की अर्थशास्त्र शिक्षक के पद पर नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं. निदेशालय की ओर से सोमवार को जारी कार्यालय आदेश के अनुसार सभी नियुक्तियां अस्थायी आधार पर होंगी, जिसमें जिला कांगड़ा के 22 स्कूलों, मंडी के 12, जिला शिमला के 11, जिला ऊना के 3 , जिला सिरमौर के 8, जिला चंबा के 5, जिला सोलन के 6, जिला हमीरपुर के 4, जिला कुल्लू के 6, जिला किन्नौर के 2, जिला लाहौल स्पीति के 2 और जिला बिलासपुर के 4 स्कूलों में नियुक्ति की गई है.

पांच साल के लिए शिक्षकों की सेवाएं

नियुक्त किए गए शिक्षकों की सेवाएं पांच साल की अवधि के लिए रहेंगी. उन्हें 30 हजार रुपये प्रतिमाह निश्चित मानदेय दिया जाएगा. यह मानदेय एक शैक्षणिक वर्ष में अधिकतम 10 महीनों के लिए देय होगा. नियुक्ति उप-योजना, संबंधित समझौते, बॉन्ड और सरकार की ओर से समय-समय पर जारी निर्देशों एवं शर्तों के अधीन रहेगी. निदेशालय के आदेश के अनुसार जिन सरकारी स्कूलों में इन शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, वे या तो सीबीएसई से संबद्ध हैं या सीबीएसई संबद्धता के लिए अधिसूचित किए जा चुके हैं. इससे इन स्कूलों में अर्थशास्त्र विषय की पढ़ाई के लिए शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.

जिलाशिक्षकों की नियुक्ति (अस्थायी आधार पर)
कांगड़ा 22
मंडी 12
शिमला 11
ऊना3
सिरमौर8
चंबा 5
सोलन6
हमीरपुर4
कुल्लू6
किन्नौर 2
लाहौल स्पीति2
बिलासपुर4
कुल85

उम्मीदवारों के लिए जरूरी निर्देश

शिक्षा विभाग ने नियुक्तियों को लेकर स्पष्ट शर्तें भी तय की हैं. उम्मीदवारों का कैरेक्टर सर्टिफिकेट और पूर्ववृत्त सत्यापन यानी अतीत, कैरेक्टर और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन पूरा होने तक नियुक्ति अस्थायी मानी जाएगी. ड्यूटी ज्वाइन करते समय उम्मीदवारों को स्व-घोषणा पत्र देना होगा, जिसमें उनके द्वारा दी गई जानकारी और दस्तावेजों को सही बताया गया हो. अगर सत्यापन के दौरान किसी उम्मीदवार की जानकारी गलत पाई जाती है या चरित्र एवं पृष्ठभूमि की पुष्टि नहीं हो पाती है, तो उसकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से रद्द की जा सकती है. ऐसे मामले में संबंधित उम्मीदवार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी.

सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज

स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि, "विभाग ने नियुक्त शिक्षकों को निर्धारित शर्तों के अनुसार संबंधित स्कूलों में कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं. हिमाचल के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज हो गई है. 576 अस्थायी शिक्षक पहले ही स्कूलों में ज्वाइन कर चुके हैं, जबकि 5,623 इन-सर्विस शिक्षकों की अंतिम नियुक्ति के लिए 24 सितंबर 2026 से काउंसलिंग का पहला चरण शुरू होगा. नियमित नियुक्ति की यह प्रक्रिया बड़े स्तर पर जारी है."

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