25 जुलाई को विधानसभा घेराव, माध्यमिक शिक्षक संघ ने कहा- मांगें पूरी नहीं हुईं तो..
बिहार में शिक्षक आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं. विशिष्ट शिक्षकों को सेवा निरंतरता का लाभ नहीं मिलने पर विधानसभा घेराव की चेतावनी दी गई.

Published : July 10, 2025 at 11:31 AM IST
|Updated : July 10, 2025 at 12:02 PM IST
पटना: बिहार में एक बार फिर से शिक्षक आंदोलन की तैयारी में है. बिहार राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ ने सरकार को चेतावनी दे दी है कि शिक्षकों की जो मांग रही है, उस पर संघ से नीतीश सरकार 21 जुलाई तक वार्ता करें. ऐसा नहीं होने पर 25 जुलाई को संघ के नेतृत्व में हजारों की संख्या में शिक्षक पटना में विधानसभा का घेराव करेंगे और अपना प्रतिरोध जहित करेंगे.
वेतन विसंगति से शिक्षकों को आर्थिक घाटा: बिहार राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव और पूर्व सांसद शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने बताया कि नियोजित शिक्षक जो सक्षमता पास करके विशिष्ट शिक्षक बने हैं, उनके पूर्व के सेवा की गणना नहीं की जा रही है. इससे वेतन विसंगति बनी हुई है. वेतन निर्धारण में जब तक पूर्व की सेवा की निरंतरता नहीं रहेगी तो वेतन, महंगाई भत्ता, आवासीय भत्ता, और सब में घाटा होता रहेगा.
सरकार से क्या है संघ की मांग: सरकार से संघ के माध्यम से वह मांग कर रहे हैं कि 15-16 वर्ष से जो शिक्षक सेवा दे रहे हैं, उनके पूर्व की सेवा की गणना की जाए और पूर्व की वार्षिक वेतन वृद्धि शुरू कीजिए ताकि शिक्षकों के पदोन्नति और वेतनमान में यह आधार हो जाए. विशिष्ट शिक्षकों को अभी काफी आर्थिक घाटा हो रहा है.
जिले के अंदर नजदीक मिले स्थानांतरण: शत्रुघ्न प्रसाद ने कहा कि शिक्षकों को सरकार पुराने रेट पर महंगाई भत्ता और आवास भत्ता दे रही है. इसके अलावा स्थानांतरण के लिए 1 लाख के करीब जो सरकार के पास आवेदन प्राप्त हुए उसमें दिव्यांगों और गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को ऐच्छिक स्थानांतरण नहीं दिया गया है.
"दिव्यांगों और गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों को काफी दूर ट्रांसफर कर दिया गया है. शिक्षकों को जिला है अलॉट कर दिया गया लेकिन विद्यालय आवंटन नहीं हो रहा है. महिला शिक्षक जो अपने जिले में ही घर के नजदीक पोस्टिंग चाहती थी उन्हें पहले से भी दूर पोस्टिंग कर दिया गया है."- शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, महासचिव, बिहार राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ
रद्द हो पारस्परिक स्थानांतरण का निर्देश: पुरुष शिक्षकों का सरकार तबादला ही नहीं कर रही और खास कर जो पहले से नियोजित रहे हैं और अब विशिष्ट शिक्षक बने हैं. उनका मानना है कि सामूहिक रूप से सभी कोटि के शिक्षकों का एक समान स्थानांतरण होना चाहिए.
पारस्परिक स्थानांतरण को बताया अव्यावहारिक: आगे उन्होंने कहा कि शिक्षकों को खुद से स्थानांतरण कर लेने के लिए जो पारस्परिक स्थानांतरण का आदेश निकाला गया है, वह बहुत ही अव्यावहारिक है. इसका सभी राजनीतिक दलों के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से आने वाले प्रतिनिधियों ने विरोध किया है और पारस्परिक स्थानांतरण का आदेश अविलंब रद्द होना चाहिए.
21 जुलाई तक समाधान ढूंढे सरकार: शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा कि जदयू से भी जो एमएलसी हैं, वह लोग मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पारस्परिक स्थानांतरण के खिलाफ पत्र दिए हैं. जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने मुख्यमंत्री से मिलकर इसके संबंध में ज्ञापन दिया है. उन्होंने कहा कि उन लोगों ने सरकार को 21 जुलाई तक का समय दिया है कि सरकार माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बात करें.
पुस्तकालयाध्यक्षों को ई-शिक्षा कोष का नहीं मिला पासवर्ड: शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने कहा कि पुस्तकालयाध्यक्षों की ऐप पर हाजिरी ही नहीं बन रही. पुस्तकालयाध्यक्षों को ई-शिक्षा कोष पर पासवर्ड निर्गत नहीं होने से उनका ऐच्छिक स्थानान्तरण नहीं हो रहा है. वार्षिक वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता का भुगतान एच.आर.एम.एस. पोर्टल पर अद्यतन दर से अपलोड नहीं करने से शिक्षकों को आर्थिक घाटा हो रहा है.
25 जुलाई को होगा विधानसभा घेराव: ऐसे में सरकार यदि 21 जुलाई तक संघ के प्रतिनिधि से बात नहीं करती है और विशिष्ट शिक्षकों को सेवा की निरंतरता का लाभ देते हुए वेतन विसंगति दूर नहीं करती है, तो 25 जुलाई को विधानमंडल सत्र के दौरान माध्यमिक शिक्षक संघ के कॉल पर विधानसभा घेराव किया जाएगा.
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