बिहार में शिक्षकों के लिए खुशखबरी! अब खुद कर सकेंगे ट्रांसफर, ई-शिक्षाकोष पोर्टल से ऐसे होगा आवेदन
बिहार में शिक्षकों को ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से स्वयं स्थानांतरण की सुविधा मिली. शिक्षक अपनी पसंद के स्थान पर स्थानांतरण करा सकेंगे. जानें डिटेल.

Published : June 27, 2025 at 7:49 AM IST
पटना: बिहार शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए एक क्रांतिकारी पहल की है. अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी कर शिक्षकों को स्वयं स्थानांतरण करने की सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की है. इस नई व्यवस्था के तहत शिक्षक अब अपने विद्यालय का चयन स्वयं कर सकेंगे और परस्पर सहमति से स्थानांतरण करा सकेंगे.
पारंपरिक स्थानांतरण प्रक्रिया से उत्पन्न हुई चुनौतियां: डॉ. एस सिद्धार्थ ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा विभिन्न चरणों में किए गए शिक्षकों के स्थानांतरण से कई समस्याएं उत्पन्न हुई है. देखा गया कि कुछ शिक्षकों को 400 किलोमीटर दूर से मात्र 30 किलोमीटर की दूरी पर पदस्थापित किए जाने के बावजूद वे संतुष्ट नहीं है और विभिन्न स्तरों पर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं. इसके अलावा, जिन विद्यालयों से शिक्षकों का स्थानांतरण हो गया है, वहां नए शिक्षकों की तैनाती नहीं हो पाने के कारण शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो रही है.
ई स्व-स्थानांतरण योजना की विशेषताएं: एस सिद्धार्थ ने बताया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए शिक्षा विभाग ने एक नवाचारी योजना तैयार की है. जिसके तहत शिक्षक दो से दस सदस्यों के समूह बना सकेंगे और अपने बीच परस्पर सहमति से विद्यालयों का आदान-प्रदान कर सकेंगे. यह सुविधा केवल समान श्रेणी के शिक्षकों के लिए होगी, जैसे नियमित से नियमित, विशिष्ट से विशिष्ट या विद्यालय अध्यापक से विद्यालय अध्यापक. स्थानांतरण समान विषय के शिक्षकों के बीच ही संभव होगा, जैसे गणित के शिक्षक केवल गणित के शिक्षकों के साथ ही स्थानांतरण कर सकेंगे.

डिजिटल प्लेटफॉर्म का होगा उपयोग: उन्होंने कहा है कि शिक्षक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर लॉगिन करके अपने जिले में स्थानांतरण के इच्छुक शिक्षकों की सूची देख सकेंगे. वे पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल या जिला स्तर पर उपलब्ध विकल्पों का अवलोकन कर सकेंगे. संबंधित शिक्षकों के मोबाइल नंबर ओटीपी के माध्यम से प्राप्त किए जा सकेंगे, जिससे वे आपस में संपर्क कर अपने इच्छित विद्यालय का चयन कर सकेंगे. स्थानांतरण आवेदन ई-शिक्षाकोष के माध्यम से दिया जाएगा और ओटीपी सत्यापन के तीन दिन के भीतर स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया जाएगा.
एक शिक्षक की वजह से समूह का स्थानांतरण हो सकता है रद्द: एस सिद्धार्थ ने कहा है कि इस नई व्यवस्था के तहत स्थानांतरण आदेश मिलने के 7 दिनों के भीतर शिक्षकों को अपने नए विद्यालय में योगदान देना अनिवार्य होगा. यदि किसी समूह का एक भी शिक्षक योगदान देने से इनकार कर देता है, तो पूरे समूह का स्थानांतरण आदेश रद्द हो जाएगा. इस वर्ष जून माह में विभिन्न तिथियों पर स्थानांतरण किए गए हैं, इसलिए यह विशेष व्यवस्था 10 जुलाई से पूरे जुलाई माह तक उपलब्ध रहेगी.
प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी: इस पूरी प्रक्रिया में राज्य मुख्यालय या जिला स्थापना समिति की कोई भूमिका नहीं होगी. शिक्षक स्वयं ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से परस्पर स्थानांतरण आदेश प्राप्त कर सकेंगे. हालांकि, शिकायत निवारण के लिए पहले से ही एक संरचित वेबसाइट और ई-शिक्षाकोष पोर्टल मौजूद है, जहां शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं. गौरतलब है कि शिक्षा विभाग के इस पहल से शिक्षकों को अधिक स्वायत्तता मिलेगी जो उन्हें सुविधा के अनुसार स्थानांतरण में सहायक होगी.
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