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नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, छात्रवृत्ति योजना हुई दोगुनी, जानें अब किनता रुपया अकाउंट में आएगा

नीतीश सरकार बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले लगातार फैसले ले रही है. इसी कड़ी में छात्रवृत्ति योजना पर बड़ा निर्णय लिया गया. पढ़ें खबर.

SCHOLARSHIP SCHEME DOUBLED IN BIHAR
कॉसेप्ट फोटो (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : October 3, 2025 at 4:55 PM IST

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पटना : बिहार सरकार ने आज शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाया है. राज्य के लाखों बच्चों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करने वाली मुख्यमंत्री बालक/बालिका छात्रवृत्ति योजना में अब वार्षिक दर को दोगुना कर दिया गया है. इस फैसले से राज्य के प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा.

सरकार का नया निर्णय : शुक्रवार को बिहार सरकार ने घोषणा की है कि वर्तमान आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए छात्रवृत्ति की राशि में दोगुनी बढ़ोतरी की गई है. पहले जहां कक्षा 1 से 4 तक के बच्चों को 600 रुपये मिलते थे, अब उन्हें 1200 रुपये वार्षिक मिलेंगे. इसी तरह कक्षा 5 से 6 तक के बच्चों को 2400 रुपये मिलेंगे जबकि पहले 1200 रुपये मिलते थे. कक्षा 7 से 8 तक को 3600 रुपये और कक्षा 9 से 10 तक के बच्चों को भी 3600 रुपये सालाना दिए जाएंगे. पहले इन्हें सालाना 1800 रुपया दिया जाता था.

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किसको कितना रुपया मिलेगा. (ETV Bharat)

फैसले को शिक्षाविदों ने सराहा : बिहार के जाने-माने शिक्षाविद प्रोफेसर बीएन प्रसाद ने सरकार के इस फैसले को सराहा है. उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को सीधा लाभ मिलेगा. ग्रामीण और गरीब तबके के बच्चों के लिए यह योजना पढ़ाई जारी रखने का मजबूत आधार बनेगी.

''अक्सर आर्थिक तंगी के कारण बच्चे स्कूल छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं, लेकिन अब बढ़ी हुई छात्रवृत्ति से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी. निश्चित रूप से बिहार सरकार का यह फैसला बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और राज्य की प्रगति की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.''- प्रोफेसर बीएन प्रसाद, शिक्षाविद

योजना क्या है? : मुख्यमंत्री बालक/बालिका छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत वर्ष 2013 में की गई थी. इसका उद्देश्य था कि गरीब और पिछड़े तबके से आने वाले बच्चे आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई बीच में न छोड़ें. इस योजना के तहत 1 से 10वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष एक निश्चित राशि छात्रवृत्ति के रूप में दी जाती है. यह राशि सीधे उनके खाते में भेजी जाती है ताकि वे किताबें, कॉपी, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीद सकें. योजना का सबसे बड़ा लक्ष्य स्कूली शिक्षा को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना है.

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