'बिहार को गाली नहीं विकास चाहिए..' सांसद बांसुरी स्वराज ने बोधगया से भरी हुंकार, विपक्ष को चेताया
बोधगया में युवा शंखनाद कार्यक्रम में बांसुरी स्वराज ने महागठबंधन पर हमला बोला और कहा कि बिहार को गाली नहीं विकास चाहिए-


Published : September 13, 2025 at 6:27 PM IST
गया : बिहार विधानसभा चुनाव में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होने वाली है, ऐसे में भाजपा का युवाओं पर फोकस बढ़ गया है. इसलिए भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज की बेटी और दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज को युवा नेत्री के रूप में आगे किया है. युवाओं से संवाद स्थापित करने की उन्हें जिम्मेदारी दी गई है. इसी के तहत शनिवार को बोधगया के कन्वेंशन सेंटर में युवा शंखनाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें बांसुरी स्वराज युवाओं को उत्साहित किया. इस दौरान विधायक श्रेयसी सिंह भी मौजूद थीं.
बिहार को गाली नहीं विकास चाहिए : भाजपा नेत्री बांसुरी स्वराज ने अपने भाषण में महागठबंधन पर जमकर बरसी, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां पर की गई अभद्र टिप्पणी की तीव्र आलोचना भी किया. उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में ऐसी घटिया राजनीतिक व्यवहार को कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता है, प्रधानमंत्री की मां पर की गई टिप्पणी सिर्फ एक परिवार का अपमान नहीं बल्कि संपूर्ण भारतीय संस्कृति और हमारी परंपराओं का अपमान है.

''विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, यही कारण है कि वह अभद्रता पर उतर आए हैं, तू तड़ाक की भाषा प्रधानमंत्री के लिए प्रयोग करते हैं, अब तो प्रधानमंत्री की स्वर्गीय माता जी को भी गाली देने से यह बाज नहीं आ रहे हैंं, इनके आईटी सेल इसी के लिए लगे हुए हैं, विपक्ष को चेताना चाहूंगी के सीता मैया के परम भक्त हमारे बिहार के युवा वह इस अभद्रता का प्रतिशोध निश्चित चुनाव में लेंगे, क्योंकि यह अभद्रता लोकतंत्र नहीं बल्कि विपक्ष की कायरता है.'' -बांसुरी स्वराज, सांसद, नई दिल्ली
बज गया युवा शंखनाद : इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए बांसुरी स्वराज ने कहा कि गयाजी से युवा शंखनाद कर दिया गया है. मोक्ष और ज्ञान की नगरी के युवा कभी दिशाहीन नहीं हो सकते, यहां के युवाओं से मिलकर बहुत खुशी हुई है. यहां के युवा भी जानते हैं कि 2005 में जब एनडीए की सरकार का सूर्योदय हुआ तब जंगलराज की समाप्ति हुई.

''आज जिस तरह से नए प्रकाश का युग आया है, डबल इंजन की सरकार के रूप में जहां पर 221 से ज्यादा मॉडल थाने बने हैं, बिहार को लगभग नक्सल मुक्त कर दिया गया है. जिस प्रकार का कनेक्टिविटी का एक नया युग आया है वो भी युवा देख रहे हैं. 6 लेने की कई सड़के बनाई जा रही हैं. NDA सरकार में हजारों लाखों करोड़ की परियोजनाओं पर काम चल रहा है.''-बांसुरी स्वराज, सांसद, नई दिल्ली
साइकल में बैटरी बांध कर देखते थे क्रिकेट : बांसुरी स्वराज ने कहा कि वह दिन आपने देखा होगा कि जब यहां क्रिकेट मैच भी देखने के लिए लोगों को तड़पना पड़ता था. लाइट की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग अपनी साइकिल में बैटरी चार्ज कर ले जाते हुए नजर आते थे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुनिश्चित किया है कि हर घर में बिजली रहे, अब तो यहां की बिजली व्यवस्था की दूसरे राज्यों में प्रशंसा होती है.
लालटेन की स्वीकारता नहीं : कार्यक्रम में जमुई की विधायक श्रेयसी सिंह भी अतिथि के रूप में शामिल हुई, उन्होंने अपने भाषण में कहा कि ''बिहार अब कभी लालटेन को स्वीकार नहीं करेगा और ना ही बिहार की जनता लालटेन युग में लौटना चाहती है. लालटेन युग अंधकार पिछड़े पन और कुशासन का प्रतीक है. बिहार का युवा आज डिजिटल इंडिया, शिक्षा, खेल और रोजगार चाहता है. हमारे सपने उज्ज्वल हैं. हम लालटेन की रोशनी नहीं बल्कि विकास की रोशनी में जीना चाहते हैं.''
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