मां सुषमा स्वराज का पिंडदान करते हुए सांसद बेटी बांसुरी स्वराज गया में हुई भावुक
भाजपा की दिवंगत नेता सुषमा स्वराज का गयाजी में तर्पण हुआ. बेटी बांसुरी स्वराज ने पूरी श्रद्धा से कर्मकांड किया.


Published : September 12, 2025 at 9:08 PM IST
गया : भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने अपनी मां सुषमा स्वराज का आज गयाजी में पिंडदान किया. बांसुरी स्वराज शुक्रवार को गयाजी पहुंची. विष्णुपद पहुंचकर उन्होंने डेढ़ घंटे तक वैदिक क्रिया पूरी श्रद्धा के साथ किया, पिंडदान के सभी विधान को उन्होंने किया. उनके साथ परिवार के भी लोग पिंडदान करने गयाजी धाम पहुंचे हैं. पंडा वैद्यनाथ दाढ़ीवाले ने पुजारी के साथ वैदिक विधि से पिंडदान कराया.
''भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का आज उनकी बेटी सह दिल्ली से बीजेपी की सांसद बांसुरी स्वराज ने पिंडदान किया है. गयाजी के मुख्य वेदियों पर पिंडदान का कर्मकांड किया, अपनी मां का पिंडदान करने के दौरान वो भावुक भी थीं, पिंडदान की सारी विधि को पूरी श्रद्धा के साथ किया है.''- पंडा वैद्यनाथ दाढ़ीवाले

इन वेदियों पर किया पिंडदान : बांसुरी स्वराज पिंड अर्पण भारतीय परिधान में पहुंची थीं. वो स्काई ब्लू साड़ी और कंधे पर गमछी रख कर पूरी विधि से फल्गु और अक्षय वट पिंड वेदी पर पिंड अर्पण किया है. इस दौरान उनके साथ परिवार के लोग भी मौजूद थे.
'धार्मिक कार्यों में राजनीति नहीं' : बांसुरी स्वराज पूरी तरह से धार्मिक कार्यों में लीन थीं. जब उनसे पत्रकारों ने बात करना चाहा तो उन्होंने बस इतना कहा कि यहां धार्मिक काम से आई हूं , यहां पर राजनीति की कोई बात नहीं करूंगी. पूरा ध्यान पूजा पर लगाना चाहती हूं. बांसुरी स्वराज के आने की सूचना पाते ही उनसे मिलने पार्टी के कार्यकर्ता और आम लोग बेताब नजर आए, भाजपा के कई नेता इस अवसर पर मौजूद थे.

कौन थी सुषमा स्वराज? : सुषमा स्वराज बीजेपी की पहली महिला प्रवक्ता थी, साथ ही भाजपा की पहली महिला मुख्यमंत्री, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, महासचिव, विपक्ष की नेता और विदेश मंत्री के रूप में भी उनके नाम की कई उपलब्धियां हैं. 6 अगस्त 2019 को उनका देहांत हुआ था. बेटी बांसुरी स्वराज ने पिंडदान की विधि को किया है.
13 सितंबर को विपक्ष पर साधेंगी निशाना : कल 13 सितंबर को बांसुरी स्वराज गयाजी में युवा संवाद कार्यक्रम में भाग लेंगी. कार्यक्रम बोधगया में स्थित कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा, इसमें मुख्य वक्ता के रूप में बांसुरी स्वराज हैं और वो युवाओं से संवाद करेंगी. वो युवाओं की समस्याओं, उनके विचारों से भी रूबरू होंगी.
गयाजी से हो रही शुरुआत : बीजेपी इस आयोजन के जरिए युवाओं के बीच नई ऊर्जा और उत्साह का संदेश देना चाहती है. असल में गयाजी से ही इसकी शुरुआत इसलिए की जा रही है क्योंकि मगध क्षेत्र में युवा मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं. एनडीए की स्थिति मगध में अच्छी नहीं है और बिहार बीजेपी के पास युवा चेहरे के तौर पर कोई बड़ा नाम नहीं है. ऐसे में मगध क्षेत्र को साधने के लिए बांसुरी स्वराज का सहारा विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. मगध में वैसे भी 26 सीटों में मात्र 7 सीटों पर वर्तमान में एनडीए का कब्जा है, जबकि महागठबंधन 19 सीटें जीती हुई है.
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