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भोजपुर में बाढ़ ने दी दस्तक, गंगा का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में घुसा पानी

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Published : Aug 9, 2021, 10:24 AM IST

भोजपुर में बाढ़ (Flood in Bhojpur) के पानी से हाहाकार मचा हुआ है. बाढ़ के पानी से जिला मुख्यालय का संपर्क भी टूट चुका है. जिसके कारण लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है.

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भोजपुर: बिहार में हर साल बाढ़(Flood In Bihar) का खौफनाक मंजर नजर आता है. यह एक ऐसा अभिशाप है कि इसे कई पीढ़ियां झेलती चली आ रही हैं. हर साल बिहार बाढ़ के दंश से परेशान रहता है. वहीं भोजपुर जिले में भी गंगा के जलस्तर में वृद्धि (Water Level Of Ganga) होने से तटवर्ती इलाके में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. जिसके कारण लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं.

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आरा में गंगा के जलस्तर में लगातार तेजी से वृद्धि देखी जा रहा है. जिले के बड़हरा और शाहपुर प्रखंड के कई गांव के मुख्य सड़क पर बाढ़ का पानी ऊपर से बह रहा है. जिसके कारण बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों का संपर्क जिला मुख्यालय और प्रखंड कार्यालय से भी टूट चुका है. गंगा नदी खतरें के निशान (53.08) से ऊपर बह रही है.

देखें रिपोर्ट.

गंगा का पानी 53.20 यानी कि 12 सेंटीमीटर ऊपर से बह रहा है. वहीं हर घंटे तेजी से जलस्तर में वृद्धि देखी जा रही है. गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने से बड़हरा प्रखंड में कई जगहों पर कटाव की भी समस्या शुरू हो गई है. जिसके मद्देनजर भोजपुर बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल ने जोर-शोर से तैयारियां शुरू कर दी हैं.

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के इंजीनियर बढ़ते जलस्तर से हो रहे कटाव की लगातार निगरानी कर रहे हैं. हालांकि जिला प्रशासन के अधिकारियों की माने तो जिले में संभावित बाढ़ को देखते हुए पहले से ही सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी. जिससे बाढ़ग्रस्त लोगों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो.

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बाढ़ से घिरे लोगों तक समय पर उनकी जरूरत की चीजें पहुंचाने और उनको सुरक्षित रखने की सारी कोशिशें की जा रही हैं. बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि उनके पास अब कोई विकल्प नहीं रह गया है. बाढ़ के पानी से बाजार और मुख्यालय से संपर्क टूट गया है. ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पानी के तेज बहाव को पार कर अपने कार्यों के लिए जा रहे हैं.

'हर साल यही बोला जाता है कि डैम बना दिया जाएगा जिससे बाढ़ की समस्या नहीं होगी. लेकिन हर साल सिर्फ बोला जाता है. बाढ़ की समस्या झेलते-झेलते हमलोग थक चुके हैं. रात में लाइट भी कट जाती है. जिसके कारण अंधेरे में ही रहना पड़ता है. साथ ही सांप, बिच्छू जैसे जीव-जन्तुओं का खतरा बना रहता है.'-रामपुकार सिंह, ग्रामीण

बाढ़ के पानी से सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों को हो रही है. बाढ़ का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है. गंगा के इस रौद्र रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों के बीच खाने-पीने और मेडिकल सुविधा जैसी परेशानियां हो गई हैं. यदि कोई बीमार पड़ जाए, तो मरीज को अस्पताल ले जाने तक की कोई सुविधा नहीं है.

'बाढ़ प्रभावित लोगों की सूची तैयार कर ली गई है. जल्द ही बाढ़ पीड़ितों तक सरकारी मदद पहुंचाई जाएगी. बाढ़ को लेकर प्रसाशन हर तरफ नजर रख रहा है. जहां भी समस्या उत्पन्न होगी, वहां मदद देने में देरी नहीं की जाएगी. एनडीआरएफ की टीम भी आ गई है. इस समय निचले खेतों में पानी आ रहा है, लेकिन चौकसी बरतने में कोई लापरवाही नहीं हो रही है.'-राम बचन राम, अंचलाधिकारी

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