दिल्ली-एनसीआर में सांस लेना हुआ मुश्किल, 400 के पार पहुंचा AQI; जानें किस इलाके में क्या हालात
राजधानी के 30 से अधिक मॉनिटरिंग स्टेशनों में ज्यादातर AQI गंभीर स्तर पर पहुंच गया है.
Published : November 16, 2025 at 10:19 AM IST
|Updated : November 16, 2025 at 1:21 PM IST
नई दिल्ली:राजधानी दिल्ली में लोगों की सुबह की शुरुआत इन दिनों हल्की ठंडी जरूर हो गई है. लेकिन लगातार बढ़ती ठंड अब में राजधानी के लोगों का सांस लेना मुहाल होता जा रहा है. दिल्ली में आज तो हालात इतने खराब है कि शहर का औसत एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया है. सुबह राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 405 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है. इसका मतलब है कि हवा में प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक हो चुका है और इससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है.
दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक
रविवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में घने धुएं की एक परत छा गई. दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 385 दर्ज किया गया, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में है और शनिवार सुबह के 386 एक्यूआई से इसमें कोई खास सुधार नहीं हुआ है. इंडिया गेट से प्राप्त तस्वीरों में दिखाया गया है कि यह प्रतिष्ठित स्मारक धुएं की एक मोटी परत में लिपटा हुआ है, जबकि पैदल चलने वाले लोग अपनी सामान्य सुबह की दिनचर्या शुरू इसी धुएं में कर रहे थे.
दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई 400 के पार दर्ज
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राजघाट और आईटीओ की स्थिति और भी खराब रही, जहां एक्यूआई 417 दर्ज किया गया. आनंद विहार, अलीपुर और अशोक विहार में भी एक्यूआई का स्तर 400-415 के बीच दर्ज किया गया. चांदनी चौक क्षेत्र में एक्यूआई 420 दर्ज किया गया, जबकि द्वारका में 378 एक्यूआई दर्ज किया गया. इसी तरह, धौला कुआं इलाके का AQI 338 दर्ज किया गया. घने कोहरे के साथ-साथ हवा की गुणवत्ता में गिरावट के कारण पारा 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा, जबकि कुछ इलाकों में तापमान इससे भी कम दर्ज किया गया. इससे पहले 15 नवंबर को सफदरजंग हवाई अड्डे पर सुबह लगभग 7 बजे से 8:30 बजे तक हल्का कोहरा छाया रहा.
स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटीज स्थगित
दिल्ली एनसीआर में भर्ती प्रदूषण के चलते स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटीज स्थगित है. फिलहाल दिल्ली के साथ गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हालत भी ठीक नहीं है. बीते 6 हफ्ते से दिल्ली एनसीआर के लोग प्रदूषण की मार झेल रहे हैं. हालांकि आने वाले दिनों में भी दिल्ली एनसीआर के लोगों को प्रदूषण से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में ठंड बढ़ने के साथ प्रदूषण स्तर में इजाफा होने की संभावना है.
गाजियाबाद के डिप्टी सीएमओ डॉ आर के गुप्ता के मुताबिक, मौजूदा समय में प्रदूषण स्तर गंभीर स्थिति में बना हुआ है. प्रदूषण स्तर में इजाफा होने के बाद अस्पतालों में सांस और आंखों के मरीजों की संख्या बढ़ी है. प्रदूषण से बचाव ही एकमात्र उपाय है. प्रदूषण से बचने के लिए मास्क का उपयोग करना चाहिए. सुबह और शाम के वक्त खुले में हैवी फिजिकल एक्टिविटीज करने से बचना चाहिए. जो लोग पहले से गंभीर बीमारियों से ग्रसित है उनके लिए प्रदूषण बेहद खतरनाक है. ऐसे मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
दिल्ली-एनसीआर में GRAP III लागु
राष्ट्रीय राजधानी में बिगड़ती वायु गुणवत्ता के बीच, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा दिल्ली में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) III लागू किया गया है. इन उपायों का उद्देश्य निर्माण, वाहनों की आवाजाही और औद्योगिक गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंधों के माध्यम से उत्सर्जन को नियंत्रित करना है. GRAP-III के तहत, अधिकांश गैर-ज़रूरी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध, कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए कक्षाओं का निलंबन और हाइब्रिड या ऑनलाइन शिक्षा की ओर रुख, गैर-स्वच्छ ईंधन पर निर्भर औद्योगिक गतिविधियों पर प्रतिबंध और गैर-आपातकालीन डीजल जनरेटर सेट पर प्रतिबंध शामिल हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने पराली जलाने पर मांगी रिपोर्ट
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा सरकारों से पराली जलाने पर रोक के लिए उठाए गए कदमों की रिपोर्ट मांगी है. कोर्ट ने कहा कि हालात को देखते हुए GRAP-IV लागू करने पर भी विचार होना चाहिए. एक वकील ने पीठ को बताया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीक्यूएएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) जीआरएपी-III को लागू किया है, लेकिन स्थिति इसके बजाय जीआरएपी-IV को लागू करने की मांग कर रही है.
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