भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने गृह मंत्रालय को लिखा पत्र, संथाल परगना में डिटेंशन सेंटर स्थापना की मांग
बाबूलाल मरांडी ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर संथाल परगना में डिटेंशन सेंटर बनाने की मांग की है.
Published : September 2, 2026 at 8:32 PM IST
पाकुड़: झारखंड के नेता प्रतिपक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने गृह मंत्रालय से संथाल परगना में डिटेंशन सेंटर बनाने की मांग की है. नेता प्रतिपक्ष ने डिटेंशन सेंटर के लिए गृहमंत्री अमित शाह को पत्राचार भी किया है, ताकि पश्चिम बंगाल से सटे संथाल परगना के जिलों में अवैध घुसपैठ बांग्लादेशियो की पहचान कर उसे हिरासत में रखकर उनके निर्वासन की प्रक्रिया पूरी की जा सके.
मतदाताओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई
नेता प्रतिपक्ष ने गृहमंत्री को भेजे अपने पत्र में उल्लेख किया है कि संथाल परगना के पाकुड़, लिट्टीपाड़ा, जरमुंडी, मधुपुर, बरहेट, राजमहल, जामताड़ा, सारठ, नाला, पौड़ेयाहाट, महगामा, दुमका, महेशपुर, गोड्डा विधानसभा क्षेत्र में एक विशेष वर्ग के मतदाताओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है जबकि अन्य मतदाताओं की वृद्धि में कमी आई है.
अवैध जन्मपत्र बनाकर घुसपैठियों को स्थापित किया जा रहा
भेजे गये पत्र के मुताबिक 2001 और 2011 की जनगणना में खासकर पाकुड़ और साहिबगंज जिले में मुस्लिम की आबादी में तीव्र गति से वृद्धि हुई है जबकि आदिवासी एवं मूलवासी समाज की आबादी का अनुपात लगातार घट रहा है. पत्र के मुताबिक संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम का खुला उलंघन करते हुए मुस्लिम समुदाय विशेष द्वारा सरकार, गोचर भूमि और गरीब आदिवासियों की पैतृक पर सुनियोजित तरीके से कब्जा किये जा रहे हैं जबकि फर्जी वंशावली, जाली आधार कार्ड, अवैध जन्मपत्र बनाकर इन बाहरी घुसपैठियों को स्थापित किया जा रहा है.
निष्कासन अभियान से बचा लिया जाएगा
भेजे गये पत्र के मुताबिक राज्य के सत्ता रूढ़ और स्थानीय प्रशासन के एक वर्ग द्वारा अपने वोट बैंक को सुरक्षित करने के लिए इन घुसपैठियों को खुला राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है. पत्र के मुताबिक इन घुसपैठियों को यह आश्वस्त किया जा रहा है कि केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही किसी भी जांच या निष्कासन अभियान से उन्हें बचा लिया जायेगा और जाली दस्तावेज बनाने में उनकी पूरी मदद की जाएगी.
संरक्षण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने भेजे अपने पत्र में यह भी गृहमंत्री से मांग की है कि संथाल परगना के सभी सीमावर्ती जिलों में विशेष अभियान चलाकर बंग्लादेशी नागरिकों को चिन्हित करे और वर्ष 2003-04 के खतियान व भू अभिलेख के आधार पर वंशावली का सत्यापन कराया जाए, डिटेंशन सेंटर की स्थापना कर चिन्हित घुसपैठियों का निर्वासन की कानूनी प्रक्रिया कराने, मतदाता सूची की स्क्रूटनी कराने, जाली दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची में चढ़ाये गये नाम को हटाने, फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह एवं उन्हें संरक्षण देने वालों के खिलाफ स्वत्रंत एजेंसियों से जांच कराकर कार्रवाई कराने की मांग की है.
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