दिल्ली में वायु प्रदूषण विरासत में मिली समस्या, इसे रोकने के लिए उठाए जा रहे कदम : रेखा गुप्ता
सीएम रेखा गुप्ता ने दावा किया कि उनकी सरकार पिछले दस महीनों से प्रदूषण रोकने के लिए तेजी से काम कर रही है.
By PTI
Published : December 6, 2025 at 10:10 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या को विरासत में मिली समस्या करार देते हुए शनिवार को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार इस मुद्दे के समाधान के लिए पिछले 10 महीनों से सक्रिय रूप से काम कर रही है. एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि प्रदूषण, कूड़े के पहाड़ और टूटी सड़कों जैसी समस्याएं विरासत में मिली हैं और उनकी सरकार निरंतर प्रयासों के माध्यम से इनसे निपटने के लिए काम कर रही है.
वाहनों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना नदी की सफाई को भी एक ‘‘बड़ी परियोजना’’ बताया और कहा कि उनका प्रशासन नदी को पुनर्जीवित करने के लिए रोजाना काम कर रहा है. उन्होंने बताया कि दिल्ली में तेजी से बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि ने प्रदूषण के स्तर को बढ़ाने में योगदान दिया है. धूल, वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन सहित कई कारक प्रदूषण संकट में योगदान करते हैं.
प्रदूषण से निपटने के लिए उठाए गए कई कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी मायने रखता है कि पिछली सरकार ने क्या कदम उठाए थे. हमारी सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए वो सभी कदम उठाए हैं, जो पिछली सरकारों ने नहीं उठाए थे. भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें ‘मिस्ट टेक्नोलॉजी’ के इस्तेमाल के जरिये पानी के स्प्रे से धूल को कम करना, झुग्गी बस्तियों में रसोई गैस कनेक्शन प्रदान करना, खुले में अलाव जलाने से रोकने के लिए सुरक्षा गार्ड को हीटर उपलब्ध कराना, इलेक्ट्रिक बसों के साथ सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना शामिल है.
वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों के साथ छेड़छाड़ पर सीएम की प्रतिक्रिया
उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता है और केवल सख्त उपाय ही कारगर नहीं होंगे. इस साल दिवाली पर पटाखों पर प्रतिबंध के बावजूद वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) पिछले साल के स्तर पर ही रहा. मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि दिल्ली में वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों के साथ छेड़छाड़ करके एक्यूआई के आंकड़े को कम करके बताया जा रहा है. दिल्ली सरकार नगर निगम के नालों को बंद करके और मलजल उपचार संयंत्रों का निर्माण एवं उन्नयन करके यमुना नदी में प्रदूषण और झाग को हटाने के लिए नियमित रूप से काम कर रही है. आम आदमी पार्टी के नेताओं के उन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि यमुना नदी में स्वच्छ जल दिखाने के लिए छठ पर्व के दौरान वासुदेव घाट पर एक ‘‘तालाब’’ बनाया गया था.
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