किसी भी सरकार में शिक्षा का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए: राजनाथ सिंह

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By ETV Bharat Uttar Pradesh Desk

Published : Jan 16, 2024, 5:30 PM IST

Updated : Jan 16, 2024, 6:09 PM IST

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लखनऊ में मंगलवार को स्ववित्त पोषित विद्यालय एसोसिएशन (Self-Financed School Association) के 8वें अधिवेशन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh in Lucknow) शामिल हुए. इस प्रोग्राम में उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार में शिक्षा का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए.

स्ववित्त पोषित विद्यालय एसोसिएशन के प्रोग्राम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

लखनऊः लखनऊ में स्ववित्त पोषित विद्यालय एसोसिएशन के कार्यक्रम में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए. उन्होंने कहा कि सेल्फ फाइनेंस संस्थान का शिक्षा के क्षेत्र में उनका बहुत बड़ा योगदान है. उस योगदान को कोई ताकत नकार नहीं सकती. क्योंकि राज्य सरकार, केंद्र सरकार सभी को शिक्षित कर दें और उनके द्वारा सभी बड़े-बड़े और छोटे छोटे शिक्षण संस्थान स्थापित हो जाए और सबको शिक्षा मिलना प्रारंभ हो जाए. यह कोई आसान काम नहीं है. यह बहुत ही मुश्किल काम है ,जब तक की समाज से निकलकर आप जैसे लोग आगे नहीं बढ़ेंगे और इस प्रकार के शिक्षा संस्थान की स्थापना नहीं करेंगे.

तब तक हम शिक्षा को जो यूनिवर्सल बनाना चाहते हैं. वह सपना हमारे लिए बहुत ही कठिन होगा, इसलिए मैंने कहा कि स्ववित्त पोषित शिक्षक संगठन और उनके द्वारा चलाई जाने वाली शिक्षण संस्थाओ की एक अहमियत है. केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ के साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में हुए स्ववित्त पोषित विद्यालय एसोसिएशन के आठवें अधिवेशन में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वाले पांच विद्यालय प्रबधकों को सम्मानित किया. वहीं इस अवसर पर शोभित पोशाक विद्यालय प्रबंध संगठन के नए कार्यकारी का भी गठन हुआ.

लखनऊ में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि शिक्षा ही हमारे देश को पूरी दुनिया से अलग करती है. बिना सार्थक शिक्षा के हम जिस समाज को निर्मित करना चाहते हैं और जो हमारी वैश्विक पहचान रही है. उसको कायम रख पाना संभव नहीं है. पुराने समय मे हमारे देश मे कितने ज्ञानी लोग थे. दुनिया के किसी भी देश से यह संदेश नहीं गया जितना हमने अपने शिक्षा के माध्यम से दुनिया भर के देशों को दिया है.

2027 तक हम दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे: स्कूल प्रबंधकों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि 2014 तक हम दुनिया के टॉप 10 अर्थव्यवस्था में शामिल थे. एक मजबूत शिक्षा व्यवस्था के कारण हमने अपने उसे स्थिति को बदला और 2027 तक हम दुनिया के तीसरे सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर सामने आएंगे. यह केवल हम नहीं दुनिया में अर्थव्यवस्था की रेटिंग करने वाले सभी संस्थाएं कह रही हैं. उन्होंने कहा कि देश जिस पथ पर चल रहा है 2047 तक हम विश्व के सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी बन जाए यह कोई बड़ी बात नहीं होगी.

भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी आई: उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में जो तेजी आई है उसका मूल कारण हमारी शिक्षा व्यवस्था है. उन्होंने कहा कि 2014 में हमारे देश में करीब 400 से 500 स्टार्टअप ही थे. पर आज हम एक लाख से अधिक स्टार्टअप शुरू करने में कामयाब हुए हैं. यह सब शिक्षा के बदौलत ही संभव हो पाया है. इसके अलावा दुनिया में सबसे तेजी से 100 यूनिकॉर्न स्टार्टअप भी हमारे देश में ही बीते 10 सालों में बने हैं. इन यूनिकॉर्न स्टार्टअप को शुरू करने वाले लोग आप ही जैसे प्रबंधकों के स्कूलों से पढ़कर निकले हैं.

स्कूलों के लिए जल्द जारी होगी एसओपी, मांगों पर भी होगा विचार: इस प्रोग्राम में उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि संगठन की तरफ से स्कूलों की सुरक्षा और किसी भी घटना बात होने वाले प्रक्रिया को लेकर एक एसओपी जारी करने की मांग बीते समय से की जा रही है. इसके अलावा आज की इस बैठक में संगठन ने स्कूलों का जलकर माफ करने का मांग की है. उन्होंने सरकार की तरफ से आश्वासन दिया कि इसे जल्द ही पूरा करने में जो भी दिक्कत होगी, उसे दूर कर कर इसे लागू कराया जाएगा.

शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रबंधक सम्मानित:
1- नरेंद्र मोदी तत्रिपाठी
2- विनोद बिहारी वर्मा
3- पुष्प लता अग्रवाल
4- सरवर सक्सेना
5-डॉ. शाहिदा

राजनाथ सिंह से मिले दरगाह प्रमुख, यूनानी चिकित्सक और समाजसेवियों के प्रतिनिधिमंडल: रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह से उनके आवास पर शहर की विभिन्न समाजसेवी संस्थानों और गणमान्य व्यक्तियों के मिलने का तांता लगा रहा. मंगलवार को अम्बर फाउंडेशन के चेयरमैन वफा अब्बास के अलावा राजनाथ सिंह से मिलने वालों में लखनऊ की विभिन्न दरगाहों के प्रमुखों का एक प्रतिनिधि मंडल, यूनानी डाक्टरों का एक प्रतिनिधि मंडल और शहर की विभिन्न समाजसेवियों का एक ग्रुप शामिल था. लखनऊ की विभिन्न दरगाहों के प्रमुख, सज्जादानशीनों का एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री के 'एक हाथ में कुरान एवं दूसरे हाथ में कम्प्यूटर' के आहवान के अन्तर्गत शहर में चल रहे मदरसों पर केन्द्र सरकार एवम राज्य सरकार द्वारा अधिक तवज्जो देने की मांग की.
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Last Updated :Jan 16, 2024, 6:09 PM IST
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