झारखंड के 17 जिलों के 158 प्रखंड सुखाड़ क्षेत्र घोषित होंगे, जल्द मिलेगी कैबिनेट की मंजूरी

author img

By ETV Bharat Jharkhand Desk

Published : Jan 10, 2024, 9:12 PM IST

Updated : Jan 11, 2024, 6:07 AM IST

http://10.10.50.75//jharkhand/10-January-2024/jh-ran-04-cm-baithak-7209874_10012024203343_1001f_1704899023_1011.jpg

Drought in Jharkhand.मौसम की मार से बेहाल झारखंड के किसानों के जख्म पर सरकारी मरहम जल्द लगाया जाएगा. सरकार ने झारखंड के 158 प्रखंडों को सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने की अनुशंसा कर दी है. इसके तहत सुखाड़ प्रभावित किसानों को अनुग्रहित राशि दी जाएगी.

रांची: राज्य के 17 जिलों के 158 प्रखंड सुखाड़ क्षेत्र घोषित किए जाएंगे. कृषि विभाग की ओर से इसकी अनुशंसा आपदा प्रबंधन विभाग को कर दी गई है. जल्द ही इसे मंत्रिपरिषद की बैठक में लाकर प्रस्ताव पारित किया जाएगा. बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक में राज्य में सुखाड़ की स्थिति पर चर्चा हुई. जिसमें कम वर्षा होने की वजह से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिया गया कि राज्य के 158 प्रखंडों को सुखाड़ क्षेत्र घोषित करने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाए.

सुखाड़ प्रभावित किसानों को 3500 रुपए की सहायता राशिः राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की हुई बैठक में सुखाड़ प्रभावित सभी 158 प्रखंडों के किसानों को 3500 रुपए प्रति किसान अनुग्रहित राशि देने का निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिया है. इसके अलावा वैसे किसान जिनकी फसल कम बारिश की वजह से 33% तक क्षतिग्रस्त हुई है उन्हें इनपुट अनुदान राशि का भुगतान किया जाएगा.

लगातार दूसरे साल भी झारखंड के किसान बेहालः यह लगातार दूसरा साल है जब राज्य सुखा की चपेट में आया है. इसकी वजह से ना केवल धान उत्पादन पर असर पड़ा है, बल्कि किसानों को भारी क्षति उठानी पड़ी है. इससे पहले भी राज्य सरकार ने अपने मद से किसानों को राहत देने की घोषणा करते हुए सुखाड़ की चपेट में आए प्रति किसानों को सहायता राशि प्रदान की थी.

बैठक में ये थे मौजूदः झारखंड मंत्रालय में बुधवार शाम हुई बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री बन्ना गुप्ता, कृषि मंत्री बादल, मुख्य सचिव एल खियांग्ते, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल सहित कई अधिकारी मौजूद थे.

ये भी पढ़ें-

14 अगस्त तक झारखंड में सिर्फ 37 फीसदी ही हुई धान की रोपनी, 15 अगस्त के बाद होगा सूखे का आकलन

पलामू में धान की रोपनी लक्ष्य से काफी पीछे, 51 हजार की जगह 625 हेक्टेयर में हुई धान रोपनी

झारखंड में सूखा का आकलन करने पहुंची केंद्रीय टीम, हेमंत सरकार ने मांगी 9250 करोड़ की मदद

Last Updated :Jan 11, 2024, 6:07 AM IST
ETV Bharat Logo

Copyright © 2024 Ushodaya Enterprises Pvt. Ltd., All Rights Reserved.