बिहार के औरंगाबाद में मॉब लिंचिंग में मारे गए युवकों के शवों को भाई बिगहा कब्रिस्तान में किया गया सुपुर्द ए खाक, मृतकों के घरों में मचा कोहराम

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By ETV Bharat Jharkhand Desk

Published : Jan 16, 2024, 10:56 PM IST

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औरंगाबाद में मॉब लिंचिंग के शिकार तीन युवकों का शव पलामू के हैदरनगर पहुंचते ही पूरा माहौल गमगीन हो गया. मृतकों के घरों में कोहराम मच गया. इसके बाद एक साथ तीनों शवों का जनाजा निकाला गया. शवों को भाई बिगहा कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया.

पलामू: बिहार के औरंगाबाद जिला के तेतरिया मोड़ पर हुई गोलीकांड की घटना के बाद भड़की हिंसा के शिकार तीनों युवकों के शवों का देर रात पोस्टमार्टम होने के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया गया है. तीनों के परिजन शव लेकर एंबुलेंस से रात्रि दो बजे हैदरनगर पहुंचे. सभी शवों को मंगलवार को भाई बिगहा कब्रिस्तान ने सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है. जनाजे की नमाज में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. उन्होंने जनाजे की नमाज के बाद मिट्टी दी. इस मौके पर पूर्व विधायक संजय कुमार सिंह यादव ने कब्रिस्तान पहुंच कर घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी. वहीं जनाजे में शामिल मुसलमानों ने तेतरिया मोड़ की घटना की बिहार सरकार से जांच कराने की मांग की है. तीनों के जनाजे की नमाज मौलाना अहमद अली खान रजवी ने पढ़ाई.

तेतरिया मोड़ की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराए बिहार सरकार- कमलेशः सोमवार को बिहार के औरंगाबाद के नबीनगर थाना के तेतरिया मोड़ की घटना में हैदरनगर के तीन युवकों की मौत और दो युवकों के घायल होने के मामले में हुसैनाबाद विधायक कमलेश कुमार सिंह ने गहरा दुःख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि किसी को कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है. उन्होंने बिहार सरकार से घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है. विधायक ने कहा कि ग्रामीण पर गोली किसी एक व्यक्ति ने चलाई थी. अन्य युवकों का क्या दोष था, जिन्हें पीट-पीट कर मार डाला गया.

अंतर्राजीय सीमा पर नहीं हुई जांचः अंतर्राजीय सीमा पर कड़ी जांच की बात करता है विभाग, लेकिन कैसे पिस्तौल के साथ सीमा पार होकर बिहार में प्रवेश कर गए युवा. अगर अंतर्राजीय सीमा पर गहन जांच हुई होती तो पिस्टल के साथ सभी दंगवार ओपी चेकपोस्ट पर ही पकड़े जाते. हुसैनाबाद के आम आवाम में इस बात को लेकर चर्चा हो रही है. इस घटना के पीछे पुलिस की लापरवाही सबसे बड़ा कारण माना जा सकता है.

एसपी के निर्देश पर एसआई के नेतृत्व में पूरे दिन तैनात रही पुलिसः सोमवार को बिहार के औरंगाबाद जिला अंतर्गत नबीनगर थाना के तेतरिया मोड़ की घटना के बाद पलामू एसपी ने हैदरनगर थाना को भाई बिगहा और बाजार क्षेत्र में पुलिस बल तैनात करने का निर्देश दिया. मंगलवार की सुबह से एसआई आजाद अंसारी के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात थे.

हैदरनगर के युवकों को पीट-पीट कर मार डालाः बिहार के औरंगाबाद जिला के तेतरिया मोड़ पर सोमवार को एक बुजुर्ग की गोली लगने से मौत के बाद हिंसा भड़की थी. जिसमें भीड़ ने कार सवार हैदरनगर के पांच युवकों की जमकर पिटाई कर दी. पिटाई से तीन युवक अरमान अहमद (26), मुजाहिद राइन (28) और चमन मंसूरी (26) की मौत हो गई थी, जबकि घटना में दो घायल युवकों अंजीत शर्मा और वकील अंसारी का इलाज मगध मेडिकल अस्पताल गया में चल रहा है. इनमें से वकील अंसारी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. वकील के पिता ने दूरभाष पर ईटीवी भारत को बताया कि अंजीत शर्मा की स्थिति खतरे से बाहर है, जबकि वकील अभी बोल पाने की स्थिति में नहीं है.

अरमान घर का इकलौता कमाने वाला शख्स थाः वहीं मृतक युवकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है. मृतक अरमान अहमद घर में इकलौता कमाने वाला था. वह पलंबर का काम करता था. साथ ही उसकी पेंट की दुकान भी है. अरमान के दो अन्य छोटे भाई भी हैं. अरमान के भाई दानिश अहमद ने बताया कि उनका भाई पेंट दुकान में बैठा था. दोपहर करीब दो बजे वकील कार लेकर आया और बोला की चलो घूम कर आते हैं. इसके बाद उनकी मौत की खबर मिली. पिता की मृत्यु पहले ही हो चुकी है.

पिता से 100 रुपए मांग कर गया था मुजाहिदः वहीं मुजाहिद राइन के चार और भाई हैं. मुजाहिद अलमुनियम गेट और ग्रील का काम करता था. उसके पिता सैयद राइन ने बताया कि सोमवार दोपहर उसने 100 रुपए मांग कर बोला की वह डेहरी ऑन सोन दोस्तों के साथ जा रहा है. शाम तक घर लौट जाएगा. उन्हें भी शाम करीब चार बजे घटना की जानकारी मिली. उन्होंने बताया कि मुजाहिद कभी गलत संगत में नहीं रहता था. वह कमा कर घर चलाता था.

कार चालक बनकर गया था चमनः वहीं तीसरे मृतक चमन मंसूरी की पांच बहने हैं. चार की शादी हो चुकी है. एक बहन अभी कुंवारी है. चमन के माता-पिता की मृत्यु बचपन में ही हो गई थी. चमन के चाचा अजहर मंसूरी ने बताया कि चमन रोज चार पहिया वाहन चलाने के अलावा वाटर प्यूरीफाई मशीन की मरम्मत का काम करता था. उन्होंने बताया कि वह बतौर ड्राइवर वकील की गाड़ी चलाने गया था. उन्हें भी शाम चार बजे घटना की सूचना मिली तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ. उन्होंने अन्य जगहों से जानकारी लेने के बाद औरंगाबाद में रिश्तेदारों को सूचना देकर सदर अस्पताल भेजा. इसके बाद घटना की पुष्टि हुई.

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