गुरुग्राम में हर रोज 30 लोगों के साथ हो रही साइबर ठगी, ऐसे कर सकते हैं बचाव

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Published : Oct 22, 2020, 8:38 PM IST

cyber crime cases in gurugram district of haryana

गुरुग्राम में हर रोज 30 से ज्यादा लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी हो रही है और पुलिस के लिए साइबर क्राइम रोकना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. साइबर क्राइम थाने से मिले आंकड़ों की मानें तो शहर में सबसे अधिक मामले ऑनलाइन बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड व मोबाइल से ठगी के हैं.

गुरुग्राम: साइबर सिटी गुरुग्राम अब साइबर क्राइम सिटी बनती जा रही है. ये हम नहीं बल्कि गुरुग्राम साइबर थाने के आंकड़े बता रहे हैं. गुरुग्राम में हर रोज 30 से ज्यादा लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी हो रही है और पुलिस के लिए साइबर क्राइम रोकना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. अगर बीते 3 सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2018 में 4620 शिकायतें साइबर थाने में दर्ज हुई थी. वहीं 2019 में 8912 और 2020 में अब तक 9 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं.

साइबर क्राइम में हो रही बढ़ोतरी

साइबर सिटी में साइबर क्राइम इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि यहां खुला एक साइबर थाना इन्हें हल करने के लिए कम पड़ रहा है. पुलिस आंकड़ों की मानें तो साल 2019 में हर दिन 30 लोग पुलिस के पास ठगी की शिकायत लेकर पहुंचे. किसी को जालसाजों ने ऑनलाइन ठगा तो किसी को लॉटरी और जॉब का लालच देकर शिकार बनाया.

गुरुग्राम में हर रोज 30 लोगों के साथ हो रही साइबर ठगी, देखें ये रिपोर्ट

पुलिस को फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाने, सेक्सुअल हरासमेंट समेत साल 2019 में कुल 8912 से अधिक शिकायतें पूरे साल के दौरान मिलीं. हालांकि पुलिस का दावा है कि इनमें से करीब 7700 शिकायतों का निपटारा कर दिया गया. वहीं 2020 में गुरुग्राम साइबर थाने में अभी तक 175 मामले दर्ज हुए जिसमें से 76 में गिरफ्तारी या रिकवरी की जा चुकी है.

ऑनलाइन बैंकिंग और पेमेंट वॉलेट में हो रही सेंधमारी

साइबर क्राइम थाने से मिले आंकड़ों की मानें तो शहर में सबसे अधिक मामले ऑनलाइन बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड व मोबाइल से ठगी के हैं. लॉटरी निकलने, जॉब दिलाने के नाम पर ठगी के भी करीब 350 मामले 2019 में पूरे साल के दौरान सामने आए. इंटनेट के जरिये खाते से ठगी के भी करीब 500 मामले पुलिस को मिले. वहीं, फर्जी वेबसाइट बनाने के 138, वेबसाइट हैक के करीब 50, डेटा चुराने के करीब 80, पॉर्न वीडियो भेजने या फोटो से छेड़छाड़ कर अपलोड करने के भी 100 से अधिक शिकायतें पुलिस को मिलीं.

लॉकडाउन के दौरान बढ़ा साइबर क्राइम

साल 2019 में पूरे साल साइबर क्राइम थाने में 118 मामले दर्ज किए गए, लेकिन साल 2020 में अभी तक 175 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. जिससे साफ है कि लॉकडाउन के कारण साइबर अपराध में वृद्धि हुई है. वहीं साइबर एक्सपर्ट की मानें तो लॉकडाउन के दौरान भारत नहीं बल्कि पूरे विश्व में साइबर क्राइम के आंकड़ों में जबरदस्त वृद्धि हुई है जिसको लेकर कई देशों को तो एडवाइजरी भी जारी करनी पड़ी. वहीं साइबर एक्सपर्ट की मानें तो लोगों के अंदर जागरुकता लानी बेहद जरूरी है.

साइबर क्राइम से बचने के लिए इन चीजों का ध्यान रखें

  • ओएलएक्स या अन्य ऐप पर कोई तुरंत एडवांस पेमेंट करने को कहे तो सतर्क हो जाएं
  • अपने खाते या मोबाइल वॉलेट की जानकारी किसी को ना दें
  • मोबाइल वॉलेट ऐप में सिक्यॉरिटी ऑप्शन को ऑन रखें
  • मोबाइल पर मेसेज से आए लिंक पर क्लिक ना करें, क्योंकि ऐसा करते ही खाते से रुपये निकल सकते हैं
  • अगर कोई मोबाइल पर किसी ऐप को डाउनलोड करने को कहे तो ऐसा बिलकुल ना करें
  • जागरुकता का अभाव साइबर क्राइम का एक मुख्य कारण

साइबर एक्सपर्ट की मानें तो डिजिटलाइजेशन तेजी से भारत में बढ़ रहा है, लेकिन उतनी तेजी से लोगों के अंदर जागरुकता नहीं आ रही है. सरकार को ये सुनिश्चित करना होगा कि जितनी तेजी से वो कैशलेस इंडिया को बढ़ावा दे रहे हैं उतनी ही तेजी से लोगों में जागरुकता भी लाएं. नहीं तो आने वाले समय में साइबर क्राइम भारत के लिए एक बड़ी समस्या बन जाएगा.

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