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Mpox cases : अब इस देश में दर्ज हुआ मंकीपॉक्स का मामला

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Published : May 6, 2023, 8:19 AM IST

Updated : May 6, 2023, 9:28 AM IST

मंकीपॉक्स के अधिकांश मामले विदेश यात्रा के दौरान सामने आए थे. लेकिन यह सबसे हालिया मामला विदेश यात्रा से जुड़ा नहीं था, इसलिए वायरस के कुछ स्थानीय ट्रांसमिशन हो सकते हैं. Mpox symptoms . Mpox in Australia . Australia mpox .

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मंकीपॉक्स

सिडनी : न्यू साउथ वेल्स मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ (NSW health) ने कहा है कि नवंबर 2022 के बाद से ऑस्ट्रेलिया में मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया है. समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, एनएसडब्ल्यू हेल्थ ने एक बयान में पुष्टि की कि इस मामले की पहचान सिडनी में हुई थी. हालांकि, मंकीपॉक्स के अधिकांश मामले विदेश यात्रा के दौरान सामने आए थे. लेकिन यह सबसे हालिया मामला विदेश यात्रा से जुड़ा नहीं था, इसलिए वायरस के कुछ स्थानीय ट्रांसमिशन हो सकते हैं.

साउथ ईस्टर्न सिडनी पब्लिक हेल्थ यूनिट के निदेशक विक्की शेपर्ड ने कहा कि एनएसडब्ल्यू में मई और नवंबर 2022 के बीच 56 मंकीपॉक्स के मामले थे. हमारा मानना है कि मंकीपॉक्स के ज्यादा खतरे वाले लोगों के लिए टीकाकरण कार्यक्रम का तेजी से रोलआउट और उत्तरी गोलार्ध में मामलों की संख्या में कमी दोनों ने एनएसडब्ल्यू में अब तक नए मामलों की कमी में योगदान दिया है.

पाकिस्तान में एमपॉक्स का मामला दर्ज
विक्की शेपर्ड ने कहा कि वर्तमान में स्टेट लोगों के योग्य समूहों के लिए मंकीपॉक्स से बचाव के लिए मुफ्त टीके प्रदान कर रहा है. हालांकि, एनएसडब्ल्यू हेल्थ ने चेतावनी दी है कि कोई भी टीका बीमारी को रोकने में पूरी तरह से प्रभावी नहीं है. उन्होंने लक्षण वाले लोगों से आग्रह किया गया है वे तत्काल अपने सामान्य चिकित्सकों को बुलाएं और चिकित्सा सहायता लें. कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने घोषणा की थी कि देश में एमपॉक्स का पहला मामला दर्ज किया गया है, जिसे पहले मंकीपॉक्स के नाम से जाना जाता था.

एमपॉक्स के लक्षण और इलाज
मंकीपॉक्स चेचक के ही वायरस परिवार से संबंधित है, लेकिन इसके हल्के लक्षण होते हैं. अधिकांश रोगियों को केवल बुखार, शरीर में दर्द, ठंड लगना और थकान का अनुभव होता है. अधिक गंभीर बीमारी वाले लोग चेहरे और हाथों पर दाने और घाव विकसित कर सकते हैं जो शरीर के अन्य भागों में फैल सकते हैं, लगभग पांच दिनों से तीन सप्ताह तक है. अधिकांश लोग बिना अस्पताल में भर्ती हुए लगभग दो से चार सप्ताह में ठीक हो जाते हैं. मंकीपॉक्स 10 लोगों में से एक के लिए घातक हो सकता है और बच्चों में अधिक गंभीर माना जाता है. वायरस के संपर्क में आने वाले लोगों को अक्सर चेचक के कई टीकों में से एक दिया जाता है, जो मंकीपॉक्स के खिलाफ प्रभावी साबित होते हैं. एंटी-वायरल दवाएं भी विकसित की जा रही हैं.


वैश्विक विशेषज्ञों के साथ परामर्श के बाद WHO ने मंकीपॉक्स के पर्याय के रूप (Monkeypox Scynonym ) में एक नया पसंदीदा शब्द ऐमपॉक्स ( Mpox ) दिया है. दोनों नामों का एक साथ एक वर्ष के लिए उपयोग किया जाएगा और मंकीपॉक्स चरणबद्ध रूप से समाप्त हो जाएगा. ऑनलाइन प्रकाशित Colorado Boulder research के नए जर्नल सेल के मुताबिक इस वायरस का एक अस्पष्ट परिवार पहले से ही जंगली अफ्रीकी प्राइमेट्स में बसा है और कुछ बंदरों में घातक इबोला जैसे लक्षण पैदा करने के लिए जाना जाता है. इस तरह के विषाणुओं को पहले से ही मकाक बंदरों के लिए एक गंभीर खतरा माना जाता है, हालांकि अब तक इसके मानव संक्रमण की सूचना नहीं है. और इस वायरस का लोगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह तय नहीं है.

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Last Updated :May 6, 2023, 9:28 AM IST
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