तिरंगे में लिपटे CRPF के ASI का शव पहुंचा सिवान, पिता ने अपने जवान बेटे को दी मुखाग्नि

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By ETV Bharat Bihar Desk

Published : Jan 15, 2024, 8:12 PM IST

तिरंगे में लिपटे जवान का शव पहुंचा सिवान

सिवान में तिरंगे में लपटे जवान का शव पहुंचा. पिता ने अपने जवान बेटे को मुखाग्नि दी. इस दौरान पूरे गांव में भारत माता की जय के नारे लगे.


सिवान : सीआरपीएफ के जवान की छत्तीसगढ़ में डयूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई है. जवान छत्तीसगढ़ के सुकमा में एएसआई के पद पर तैनात थे, मौत के बाद आज एएसआई राकेश कुमार का शव तिरंगा में लिपटा सैनिक वाहन से सोमवार उनके पैतृक गांव गुठनी के विसुनपुरा पहुंचा. शव पहुचते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया. एक ओर जहां परिजनों के विलाप से वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गयीं, वहीं दूसरी तरफ नवयुवकों के भारत माता की जय, वंदे मातरम जैसे नारों से पूरा गांव गूंज उठा.

कैसे हुई मौत : जिले के छोटे से गांव गुठनी के सोहगरा पंचायत के विसुनपुरा गांव निवासी सूर्यनारायण के पुत्र राकेश ने 2016 में सीआरपीएफ की नौकरी जॉइन की थी. वर्तमान में छत्तीसगढ़ के सुकमा कैम्प में तैनात थे. सुकमा में ड्यूटी से वापस आकर खेल के मैदान में राकेश बैडमिंटन खेलने लगे और उसी दरम्यान अचानक गिर पड़े. साथ खेल रहे कैम्प के अन्य जवानों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुचाया, लेकिन कुछ देर में चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.

तिरंगे में लिपटे जवान का शव पहुंचा सिवान
परिवार को तिरंगा सौंपते परिजन

सैनिक सम्मान के साथ दी गई सलामी : आपको बता दें की मुजफ्फरपुर से सीआरपीएफ अधिकारी अमृत कुमार सिंह के नेतृत्व में आयी जवानों की टीम ने एएसआई राकेश के शव को सैनिक सम्मान के साथ परिजनों को सौंपा. इस मौके पर गुठनी थानाध्यक्ष रामबालक यादव, सीओ शम्भूनाथ राम भी मौजूद रहे. शव यात्रा विसुनपुरा गांव से आरंभ हुई, तो दर्जनों वाहनों के साथ सैकड़ों लोग राष्ट्र प्रेम के नारों के साथ चलते हुये ग्यासपुर स्थित सरयू नदी तट पहुच कर अंतिम संस्कार के साक्षी बने.

शहीद एएसआई राकेश कुमार
शहीद एएसआई राकेश कुमार

पिता ने दी मुखाग्नि : सरयू नदी तट पर राकेश को सैनिक व नागरिक सम्मान दिया गया. सेना के जवानों द्वारा सलामी दी गयी और उनके पिता इंडियन नेवी के सेवानिवृत्त सीपीओ सूर्यनारायण तथा सात वर्षीय पुत्र ऋषभ को तिरंगा सौपा. राकेश के दो संतान है, जिनमें 9 वर्ष की बेटी अंशिका तथा 7 वर्ष का पुत्र ऋषभ है. पत्नी अलका और माता पानमती देवी का रोने विलापने से हालात खराब हो गयी है. ऋषभ ने ही सरयू नदी तट पर अपने पिता को मुखाग्नि दी. अंतिम संस्कार के मौके पर गुठनी थानाध्यक्ष रामबालक यादव, क्षेत्रीय मुखिया रणजीत कुशवाहा, सरपंच विजय पाल सहित कई अन्य प्रमुख लोगों उन्हें माल्यापर्ण कर श्रद्धांजलि दी.

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