मंत्री नीरज कुमार ने शायर शाद अजीमाबादी के मजार पर की चादरपोशी
सूचना जनसंपर्क मंत्री ने उनकी आदमकद प्रतिमा लगाने की घोषणा की और कहा कि ऐसे जिंदादिल शायर को बिहार सरकार नमन करती है. इन्होंने बिहार का परचम देश विदेश में लहराया है.
पटना: सूचना और जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार ने बिहार के बड़े शायर शाद अजीमाबादी की 92वीं पुण्यतिथि के मौके पर उनकी मजार पर चादरपोशी की. नीरज कुमार सिटी के लंगूर गली स्थित उनके मजार पर पहुंचे और चादरपोशी की. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि शाद अजीमाबादी उर्दू के महान कवि और शायर थे. देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लोग उनकी शायरी के शौकीन थे.
सूचना जनसंपर्क मंत्री ने उनकी आदमकद प्रतिमा लगाने की घोषणा की और कहा कि ऐसे जिंदादिल शायर को बिहार सरकार नमन करती है. इन्होंने बिहार का परचम देश विदेश में लहराया है.
अजीमाबाद था पटना का नाम
बते दें कि पहले पटना का नाम शाद अजीमाबादी के नाम पर ही अजीमाबाद के नाम से भी जाना जाता था. बाद में इसे बदलकर पाटलिपुत्र और पाटलिपुत्र से पटना हुआ. उनके नाम से कई प्रतिभाशालियों को सम्मान से सम्मानित भी किया गया.
Body:स्टोरी:-शाद अजीमाबादी की चादरपोसी।
रिपोर्ट:-पटनासिटी से अरुण कुमार।
दिनांक:-07-01-2020.
एंकर:-बिहार के सबसे बड़े शायर शाद अजीमाबादी की 92वी पुण्यतिथि पर आज शाद अजीमाबादी स्टडी सर्जिकल को ओर से उनकी स्मृति दिवस आयोजित की गई।शाद अजीमाबादी के पटनासिटी चौक स्तिथ लँगूरगली स्तिथ उनके मजार पर बिहार सरकार के सूचना जनसम्पर्क मंत्री नीरज कुमार ने चादरपोसी कर उनकी अक़ीक़दत किया।मंत्री नीरज कुमार ने बताया कि शाद अजीमाबादी उर्दू के महान कवि और शायर थे उनकी शायरी के शौकीन देश ही नही बल्कि विदेशों के लोग भी हुआ करते थे।गौरतलब है कि आज बिहार की राजधानी पटना है पहले पटना के नाम अजीमाबाद ही था बाद में नवीकरण कर अजीमाबाद का नाम बदलकर पाटलिपुत्र उसके बाद पटना पड़ा।बिहार सरकार के सूचना जनसम्पर्क मंत्री ने उनके आदमकद प्रतिमा लगाने की घोषणा की और कहा कि ऐसे जिंदादिल शायर को बिहार सरकार नमन करती है।जिन्होंने बिहार का परचम देश विदेश मे लहराया है।
बाईट(नीरज कुमार-सूचना जनसम्पर्क मंत्री बिहार सरकार)
Conclusion:सूचना जनसम्पर्क मंत्री नीरज कुमार ने पटना सिटी स्तिथ लँगूरगली में उनके मजार पर फूलों का चादर चढ़ाकर उनकी अक़ीक़दत की और कहा कि शायरों की शायरी से ही शाद अजीमाबादी का नाम देश ही नही विदेश में भी सुनी जाती है क्योंकि शायरी एक ऐसा जोशीला अंदाज है जिसे सुनकर लोगों रंगीन हो जाते है शाद अजीमाबादी का नाम पटना से पहले पटना के नाम अजीमाबाद था जिसे बदलकर पाटलिपुत्र और पाटलिपुत्र से पटना हुआ।उनके नाम से कई प्रतिभाशालियों को सम्मान से सम्मानित किया।

