वेस्ट टू वंडर ने बदली सागर की तस्वीर, कबाड़ से बनीं सुंदर कलाकृतियां
वेस्ट से बनी कलाकृतियां बढ़ा रही चौराहों की सुंदरता, स्वच्छता की दिशा में एक और कदम है वेस्ट टू वंडर. कपिल तिवारी की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : September 22, 2026 at 7:42 AM IST
सागर : स्वच्छ भारत संकल्प के तहत सागर नगर निगम ने 'वेस्ट टू वंडर' कार्यक्रम शुरू किया है. इसके तहत नगर निगम के पास जितना भी कबाड़ आता है, उससे शहर के चौराहों और पार्क में सौंदर्यीकरण किया जाता है. इसके तहत पानी की प्लास्टिक की बोतल से पार्क में प्लास्टिक दानव की प्रतिमा बनाकर प्लास्टिक कचरे के नुकसान बताए गए, तो वहीं चौराहों पर कबाड़ से सुंदर कलाकृतियां बनाई गई हैं, जिनमें स्वच्छता के नायक, रेडियो और कई तरह की सुंदर प्रतिमाएं चौराहों की शोभा बढ़ा रही हैं. सागर नगर निगम की इस पहल को केंद्र और राज्य सरकार ने सराहा है.

वेस्ट टू वंडर बना बदलाव की मिसाल
स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्मार्ट सिटी सागर को खूबसूरत बनाने और प्लास्टिक के कचरे के साथ दूसरे कबाड़ का उपयोग कर सुंदर-सुंदर कलाकृतियां बनाई गई हैं.

सबसे पहले लाखा बंजारा झील किनारे बने विशाल अटल पार्क में प्लास्टिक की बोतल से प्लास्टिक दानव बनाया गया, जो प्लास्टिक से होने वाले नुकसान बताने के साथ ये बताता है कि इसी तरह प्लास्टिक का उपयोग होता रहा, तो ये कचरा दानव बनकर मानव के लिए परेशानी पैदा करेगा.

कबाड़ से चौराहों का सौंदर्यीकरण
इसी कड़ी में नगर निगम द्वारा साफ सफाई में आने वाले कबाड़ से सुंदर-सुंदर कलाकृतियों से चौराहों का सौंदर्यीकरण किया गया है. शहर के वाणिज्यकर चौराहे पर एक विशाल रेडियो की कलाकृति कबाड़ से बनाई गई है.

वहीं, स्वच्छता के नायकों को सम्मान देने के लिए बस स्टेंड़ के नजदीक तीनमढ़िया पर स्वच्छता के नायकों की प्रतिमाएं कबाड़ से बनाई गई है. इसके अलावा संजय ड्राइव पर गदा कलाकृति और चित्रगुप्त चौराहे पर कलम-दवात की कलाकृति कलाकृति कबाड़ से बनाई गई है. राहतगढ़ ब्रिज के पास तोप और शहीद कालीचरण चौराहे पर ब्रह्मोस मिसाइल की कलाकृति स्थापित की गई है.
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क्या कहना है नगर निगम का
नगर निगम की महापौर संगीता सुशील तिवारी कहती हैं, '' स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्लास्टिक और कबाड़ को कम करने, उनके रीसाइकिल करने और फिर से इस्तेमाल के उद्देश्य के साथ शहर में कई तरह के कार्य किए जा रहे हैं. प्लास्टिक के उपयोग को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने के लिए अटल पार्क मेंप्लास्टिक का दानव और इसी तरह शहर के अलग-अलग चौराहों पर सुंदर कलाकृतियां कबाड़ से बनाई गई हैं, जो चौराहों की सुंदरता बढ़ाने के साथ-साथ कबाड़ के रीसाइकिल करने के उद्देश्य को सार्थक कर रही हैं.

