जयपुर बुकमार्क का 14वां संस्करण 14 जनवरी से, गुजराती लिटरेचर पर रहेगा विशेष फोकस
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के साथ होने वाले इस आयोजन में इस बार गुजराती लिटरेचर, ट्रांसलेशन और पब्लिकेशन के नए स्वरूपों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

Published : September 22, 2026 at 6:53 AM IST
जयपुर: राजधानी जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित होने वाले जयपुर बुकमार्क 2027 में भारत और दुनिया के विभिन्न देशों से पब्लिशर, संपादक, साहित्यिक एजेंट, लेखक, अनुवादक, पुस्तक विक्रेता और प्रकाशन क्षेत्र से जुड़े पेशेवर शामिल होंगे. कार्यक्रम में प्रकाशन उद्योग पर तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव, राइट्स और अनुवाद के अवसरों पर भी चर्चा होगी.
भारत और यूके के दो इंडिपेंडेंट पब्लिशर का होगा चयन : जयपुर बुकमार्क 2027 की प्रमुख पहल भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप होगी. ब्रिटिश काउंसिल के साथ संयुक्त रूप से संचालित इस पहल के तहत भारत और यूके से एक-एक इंडिपेंडेंट पब्लिशर का चयन किया जाएगा. चयनित पब्लिशर जयपुर बुकमार्क और लंदन बुक फेयर में आयोजित विशेष कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे.
फेलोशिप के तहत चयनित प्रकाशक 14 से 18 जनवरी 2027 तक जयपुर बुकमार्क और 16 से 18 मार्च 2027 तक लंदन बुक फेयर में शामिल होंगे. इसके लिए खुली आवेदन प्रक्रिया के जरिए चयन किया जाएगा. चयन में प्रकाशकों की किताबों की सूची, अनुवाद और भारत-यूके सहयोग में रूचि, नए अनुवाद प्रकाशित करने की प्रतिबद्धता और फेलोशिप से व्यावसायिक लाभ लेने की क्षमता को आधार बनाया जाएगा.
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पहले अंतरराष्ट्रीय अवसरों में भाग नहीं लेने वाले प्रकाशकों को प्राथमिकता दी जाएगी. जयपुर बुकमार्क की निदेशक मनीषा चौधरी ने कहा कि भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप दोनों देशों के प्रकाशन जगत के प्रोफेशनल्स के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देती है. इससे इंडिपेंडेंट पब्लिशर को नेटवर्क विस्तार, राइट्स और अनुवाद के नए अवसर तलाशने के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन उद्योग से जुड़ने का मंच मिलता है.
गुजराती लिटरेचर और अनुवाद पर रहेगा विशेष जोर : इस बार जयपुर बुकमार्क में गुजराती लिटरेचर को विशेष स्थान दिया जाएगा. इसके तहत गुजराती लेखकों, प्रकाशकों और अनुवादकों को व्यापक प्रकाशन जगत से जोड़ने के अवसर तैयार किए जाएंगे. कार्यक्रम में गुजराती लिटरेचर की संभावनाओं और विभिन्न भाषाओं के पाठकों तक साहित्य पहुंचाने में अनुवाद की भूमिका पर भी चर्चा होगी.
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की सह-संस्थापक और जयपुर बुकमार्क की निदेशक नमिता गोखले ने कहा कि जयपुर बुकमार्क विभिन्न भाषाओं, आवाजों और विचारों को जोड़ने का मंच है. भारत-यूके पब्लिशिंग फेलोशिप के माध्यम से स्वतंत्र प्रकाशकों के बीच सहयोग और साहित्य के अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान को और मजबूती मिलेगी. वहीं, जेएलएफ के फाउंडर संजॉय के रॉय ने कहा कि जयपुर बुकमार्क प्रकाशन समुदाय के लिए महत्वपूर्ण मंच बन चुका है. ये किताबों, विचारों और कारोबार को भाषाओं के साथ सीमाओं के पार पहुंचाने के अवसर उपलब्ध कराता है.
37 देशों के पब्लिशिंग प्रोफेशनल्स ले चुके हैं हिस्सा : वर्ष 2014 में स्थापना के बाद से जयपुर बुकमार्क में करीब 37 देशों के पब्लिशिंग प्रोफेशनल्स और पार्टिसिपेंट्स हिस्सा ले चुके हैं. इनमें ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, कनाडा, फ्रांस, यूके, मिस्र, आयरलैंड और नॉर्वे सहित कई देशों के प्रतिनिधि शामिल रहे हैं. पिछले 13 वर्षों में ये मंच व्यावसायिक आदान-प्रदान, राइट्स, अनुवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में विकसित हुआ है.


