हरियाणा पुलिस का नया 'डिजिटल रक्षा कवच', AI ट्रेनिंग से क्राइम कंट्रोल में मिलेगी मदद
क्राइम कंट्रोल खासकर साइबर क्राइम को रोकने और दर्ज होने वाले मामलों को हल करने के लिए हरियाणा पुलिस AI का उपयोग करेगी.

Published : August 4, 2026 at 1:43 PM IST
करनालः हरियाणा में अपराधियों के दिन अब लदने वाले हैं. प्रदेश की पुलिस अब पारंपरिक जांच पद्धतियों से आगे बढ़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए क्राइम कंट्रोल की नई इबारत लिख रही है. शातिर बदमाशों, संगठित गैंग्स और विदेशों से रंगदारी का सिंडिकेट चलाने वाले अपराधियों को बेनकाब करने के लिए पुलिस अधिकारियों को एआई का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. करनाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अशोक कुमार ने इस नई पहल के दूरगामी परिणामों और कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की.
विदेशों में बैठे सिंडिकेट का ऐसे होगा खात्माः आईजी अशोक कुमार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में अपराधी तकनीक का गलत इस्तेमाल कर सीमा पार से अपनी गतिविधियां चला रहे हैं. एआई तकनीक पुलिस के लिए इस चुनौती से निपटने में सबसे बड़ा हथियार साबित होगी.

डिजिटल पहचान से मिलेगी मददः एआई टूल्स के जरिए विदेश में छिपे अपराधियों के डिजिटल पदचिह्नों को ट्रैक कर उनकी वास्तविक पहचान आसान होगी. उन्होंने कहा कि "जो लोग सोशल मीडिया और अन्य प्रकार की तकनीक प्रयोग करके अपराध को अंजाम देते थे, उनकी पहचान करना आसान होगा और उन पर कार्रवाई जल्दी की जा सकेगी."
हाई-स्पीड फॉरेंसिक मैचिंग: उन्होंने बताया कि "सीसीटीवी कैमरों की मदद से स्वचालित फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानना) और स्मार्ट फिंगरप्रिंट मैचिंग अब चुटकियों में संभव हो सकेगी, जिससे जांच की गति कई गुना बढ़ जाएगी. इससे पहले पुलिस कर्मचारियों को अपराधियों को पकड़ने के लिए काफी समय लग जाता था. सीसीटीवी फुटेज आने के बावजूद भी देरी से गिरफ्तारी होती थी लेकिन अब जल्दी गिरफ्तारी होगी."
मधुबन पुलिस अकादमी बनी एआई ट्रेनिंग का केंद्र: उन्होंने कहा कि "तकनीकी क्रांति को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए पुलिस बल के कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है. पानीपत में पुलिसकर्मियों को दी जा रही एआई ट्रेनिंग के सकारात्मक परिणामों को देखकर इसे बड़े पैमाने पर लागू करने का फैसला लिया गया. डीजीपी से सहमति के बाद मधुबन पुलिस अकादमी में इस ट्रेनिंग कोर्स को शुरू किया गया जहां से पहला बैच सफलतापूर्वक पास आउट हो चुका है." उन्होंने कहा कि "उनके अंतर्गत करनाल रेंज में तीन जिले आते हैं जिसमें करनाल, कैथल और पानीपत शामिल है. इसमें तीनों जिलों के पहले बैच में 30-30 कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण दिया गया है जिसके अब काफी अच्छे परिणाम है. क्योंकि उन पुलिस कर्मचारियों के द्वारा अपराधियों पर काफी जल्दी शिकंजा कसा जा रहा है."
एसपी से मिल रहा सकरात्मक फीडबैकः आईजी अशोक कुमार ने बताया कि "कैथल एसपी से मिली फीडबैक के अनुसार, प्रशिक्षित पुलिसकर्मी फील्ड में एआई का बेहतरीन इस्तेमाल कर रहे हैं और वांछित अपराधियों को पकड़ने में उन्हें अभूतपूर्व सफलता मिल रही है."
हरियाणा पुलिस का स्मार्ट अवतारः मधुबन अकादमी से प्रशिक्षित हो रहे जांच अधिकारी अब तकनीक से लैस होकर मैदान में उतर रहे हैं. हरियाणा पुलिस का यह स्मार्ट अवतार न केवल पुराने और पेचीदा मामलों को सुलझाने में मददगार बनेगा, बल्कि राज्य में अपराध दर को कम करने में भी निर्णायक साबित होगा.

