ETV Bharat / state

बिहार के सरकारी स्कूल में राज्य गीत और राष्ट्रगान अनिवार्य, नियम का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई

बिहार के सरकारी स्कूल में राज्य गीत और राष्ट्रगान अनिवार्य किया गया है. इसको लेकर शिक्षा विभाग ने एडवाइजरी जारी किया है.

बिहार शिक्षा विभाग
बिहार शिक्षा विभाग (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : December 5, 2025 at 10:12 AM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में राज्य गीत और राष्ट्रगान अनिवार्य हो गया है. बिहार शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी विद्यालयों और मदरसों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है. इस एडवाइजरी में न केवल सुबह की प्रार्थना और छुट्टी के समय राष्ट्रगान को अनिवार्य किया गया है, बल्कि विद्यालयों के दैनिक संचालन, अध्यापन व्यवस्था और समय-सारणी से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश भी शामिल हैं.

निदेशक सज्जन आर का निर्देश: माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर द्वारा जारी इन निर्देशों का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक अनुशासित, प्रभावी और छात्रहितकारी बनाना है. निर्देश के अनुसार संस्कृत बोर्ड और मदरसा बोर्ड के तहत चलने वाले विद्यालयों में भी इसी रूटिन का पालन किया जाएगा.

माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर
माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर (ETV Bharat)

आधे घंटे की प्रार्थना सभा: प्राथमिक से उच्च माध्यमिक विद्यालयों में हर दिन सुबह 9:30 बजे से 10:00 बजे तक प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी. इसमें ‘बिहार गीत’ का सामूहिक गायन अनिवार्य होगा. इससे विद्यार्थियों में राज्य की इतिहास, संस्कृति और पहचान के प्रति सम्मान की भावना विकसित होगी. छुट्टी के समय हर दिन राष्ट्रगान का गायन सुनिश्चित किया जाएगा. शिक्षक और विद्यालय प्रशासन इसकी सख्ती से पालन करें.

'परीक्षा में अन्य कक्षाएं बाधित ना हो': एडवाइजरी में विद्यालयों के टाइम टेबल से जुड़े कई स्पष्ट और महत्वपूर्ण निर्देश शामिल किए गए हैं. माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने कहा है कि यदि किसी विद्यालय में बोर्ड परीक्षा चल रही हो तो केवल परीक्षा से संबंधित कक्षाओं को ही न रोका जाए. बाकी कक्षाओं की पढ़ाई बिना किसी व्यवधान के जारी रहनी चाहिए. यह सुनिश्चित करना विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी. बोर्ड परीक्षा के दौरान भी अन्य छात्र-छात्राओं की नियमित कक्षाएं चलती रहें.

शिक्षा विभाग की अधिसूचना
शिक्षा विभाग की अधिसूचना (ETV Bharat)

प्रधानाध्यापक बनाएंगे रूटीन: निदेशक ने कहा कि प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय की उपलब्ध शिक्षकों की संख्या, विषयवार आवश्यकता और संसाधनों के आधार पर विद्यालय का रूटीन तय करेंगे. छात्रों को निर्धारित पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराना प्रधानाध्यापक की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी. विभाग ने निर्देश दिया है कि पाठ्यक्रम पूरा करने के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी. इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी.

प्रत्येक शिक्षक बच्चों को देंगे होमवर्क: प्रत्येक शिक्षक की जिम्मेदारी होगी कि वह हर दिन छात्रों को होमवर्क दे. अगले दिन उसकी जांच सुनिश्चित करे. विभाग के अनुसार, होमवर्क का सही ढंग से संचालन विद्यार्थियों में अनुशासन, नियमित अभ्यास और विषय की गहरी समझ विकसित करता है. इसलिए सभी शिक्षकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि होमवर्क औपचारिकता न बन जाए, बल्कि उसका अध्यापन प्रक्रिया से सीधा संबंध हो.

शिक्षा विभाग की अधिसूचना
शिक्षा विभाग की अधिसूचना (ETV Bharat)

एक साथ बैठेंगे छात्र-छात्राएं: शिक्षा विभाग ने कहा कि सामान्य विद्यालयों में छात्र और छात्राएं एक ही कक्षा में साथ बैठेंगे. उनके लिए अलग-अलग कक्षाओं का संचालन नहीं किया जाएगा. विभाग का तर्क है कि सह-शिक्षा से विद्यार्थियों में सामाजिक संतुलन, समानता और परस्पर समझ की भावना मजबूत होती है. इस व्यवस्था को सभी विद्यालयों में बिना किसी अपवाद के लागू किया जाएगा.

शिक्षा पदाधिकारी करेंगे निरीक्षण: जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारियों (BEO) को निर्देश दिया गया है कि वे समय-समय पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि प्रार्थना सभा से लेकर पाठ्यक्रम पूरा करने तक सभी निर्देशों का पालन किया जा रहा है. कहीं से भी शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी. छात्रहित से संबंधित अनिवार्य गतिविधियों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

ये भी पढ़ें: 2026 में बिहार में शिक्षकों और छात्रों को कितनी छुट्टियां मिलेंगी, विभाग ने जारी किया कैलेंडर