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रूस-यूक्रेन युद्ध पर बोले ट्रंप, 'हर महीने 35 हजार सैनिक मारे जा रहे, क्या पागलपन है, अब सुलह कर लेनी चाहिए'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय जी7 की बैठक में भाग लेने के लिए फ्रांस आए हैं.

G7 meeting
जी7 की बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रॉं और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की (AP)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : June 16, 2026 at 4:58 PM IST

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एवियन (फ्रांस) : रूस और यूक्रेन युद्ध पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दोनों को समझौता कर लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि वो लगातार कोशिश कर रहे हैं कि दोनों के बीच सुलह हो जाए. ट्रंप ने ये बातें जी-7 की बैठक के बीच कही. वह इस समय फ्रांस में हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है, "रूस को समझौता कर लेना चाहिए. रूस ने बहुत सारे लोग खोए हैं और यूक्रेन ने भी. पिछले महीने, दोनों पक्षों के कुल मिलाकर 35,000 सैनिक मारे गए. यह हर महीने हो रहा है. और वहां जो हो रहा है, वह पागलपन है. हमारी एक मीटिंग हुई थी और मैंने रविवार को राष्ट्रपति पुतिन से बात की थी. और बात वही है. मतलब, वे बस लड़ते जा रहे हैं और सैनिक खोते जा रहे हैं. दूसरे विश्व युद्ध के बाद से ऐसा कुछ नहीं हुआ है. मैंने आठ युद्ध सुलझाए हैं. मुझे लगा था कि इसे सुलझाना सबसे आसान होगा. दोनों नेताओं के बीच काफी मनमुटाव है. लेकिन मैं आज बाद में उनसे फिर मिल रहा हूं."

ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन युद्ध को लेकर वे 'जो कुछ भी कर सकते हैं, करेंगे.'अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वे यूक्रेन पर ध्यान देना चाहते हैं और साथ ही कहा कि ईरान का मुद्दा जल्द ही पीछे छूट जाएगा.ट्रंप ने कहा कि वे आगे की बातचीत के लिए जेलेंस्की से मिलेंगे. उन्होंने यूक्रेन में रूस के युद्ध का अमेरिका पर पड़ने वाले असर को तो कम करके आंका, लेकिन मरने वालों की संख्या पर अफसोस जताया.ट्रंप ने कहा, "यह सब बहुत अजीब है. इसलिए, हां, मैं जो कुछ भी कर सकता हूं, करूंगा."

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि वह ट्रंप को यूक्रेन का समर्थन जारी रखने और रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए मनाने की कोशिश करेंगे, ताकि शांति समझौता हो सके. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के युद्ध शुरू करने के चार साल से ज़्यादा समय बीत चुका है. ट्रंप ने कहा कि रविवार को उनकी पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ अच्छी बातचीत हुई. जेलेंस्की फ्रांस के निमंत्रण पर इस समिट में शामिल हो रहे हैं.

जी7 में फ्रांस, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं. इस समिट में मेहमान देशों के तौर पर ब्राजील, मिस्र, भारत, केन्या, दक्षिण कोरिया, कतर, यूक्रेन और यूएई शामिल हैं.

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