अमरनाथ यात्रा का 28वां जत्था बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना, बारिश और आंधी-तूफान की आशंका
बारिश और आंधी तूफान की आशंका के बीच अमरनाथ यात्रा का 28वां जत्था तीर्थयात्रियों को लेकर बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ.

Published : August 6, 2026 at 1:36 PM IST
श्रीनगर: इस साल की अमरनाथ यात्रा का 28वां जत्था गुरुवार सुबह जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 1,801 तीर्थयात्रियों को लेकर बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ. खबर के मुताबिक, अगले 24 घंटों में जम्मू और कश्मीर में भारी बारिश और आंधी-तूफान के अनुमान के बीच यह यात्रा रवाना हुई.
अधिकारियों ने बताया कि काफिला सुबह 2:45 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निकला. जम्मू के जोनल पुलिस कंट्रोल रूम के मुताबिक, जत्थे में 1,347 पुरुष, 351 महिलाएं, 89 साधु और 14 साध्वी शामिल थे.

तीर्थयात्री 74 गाड़ियों में सवार होकर बालटाल रूट के लिए निकले, जिनमें 40 बसें, 12 मीडियम मोटर गाड़ियां, 19 हल्की मोटर गाड़ियां और तीन दोपहिया वाहन शामिल थे.
सबसे नए जत्थे के निकलने के साथ, इलाके में मौसम से जुड़ी चिंताओं के बावजूद तीर्थयात्रा जारी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू और कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने अनुमान लगाया है. अगले दो दिनों में, कम या ज्यादा बारिश होने की उम्मीद है.
मौसम विभाग ने कश्मीर के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है. जम्मू डिवीजन के लिए, मौसम विभाग अनुमान के समय के दौरान कुछ दिनों में कुछ जगहों पर भारी बारिश, अचानक बाढ़, भूस्खलन, मडस्लाइड और कमजोर जगहों पर पत्थर गिरने की चेतावनी दी है.
गुरुवार के लिए, अनुमान के मुताबिक श्रीनगर में हल्के से लेकर आमतौर पर बादल छाए रहने और हल्की बारिश या आंधी-तूफान की संभावना है, जबकि जम्मू में आमतौर पर बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश या आंधी-तूफान की उम्मीद है.
यह नया काफिला सालाना तीर्थयात्रा के 4.70 लाख का आंकड़ा पार करने के एक दिन बाद निकला, जबकि अधिकारियों ने आर्टिकल 370 हटाए जाने की 7वीं सालगिरह पर एहतियात के तौर पर बुधवार को नई और वापसी यात्रा के काफिलों की आवाजाही को कुछ समय के लिए रोक दिया था.
बुधवार को किसी भी नए काफिले को भगवती नगर से बालटाल के लिए जाने की इजाजत नहीं दी गई. इसी तरह, दिन में बालटाल से जम्मू के लिए किसी भी वापसी काफिले को जाने की इजाजत नहीं दी गई. हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि तीर्थयात्रा बिना किसी रुकावट के जारी रही. बालटाल बेस कैंप में पहले से मौजूद तीर्थयात्रियों को पवित्र गुफा मंदिर जाने और तय समय पर दर्शन करने की इजाजत दी गई.
ईटीवी भारत को मिले आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को 2,943 भक्तों ने गुफा मंदिर में पूजा-अर्चना की. इनमें 1,850 पुरुष, 868 महिलाएं, 38 बच्चे, 39 साधु, 12 साध्वी, दो ट्रांसजेंडर तीर्थयात्री और 134 सुरक्षाकर्मी शामिल थे.
बुधवार को आए लोगों के साथ, चल रही यात्रा के दौरान दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों की कुल संख्या 4,70,929 हो गई. अधिकारियों ने कहा कि काफिले की आवाजाही पर अस्थायी रोक 5 अगस्त के लिए सुरक्षा इंतजामों तक ही सीमित थी और इससे बालटाल रूट पर पहले से मौजूद तीर्थयात्रियों की रेगुलेटेड आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा.
38 दिन की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी और 28 अगस्त को रक्षा बंधन के साथ खत्म होने वाली है. पारंपरिक पहलगाम रूट को रखरखाव के काम की वजह से पहले ही बंद कर दिया गया है, और बालटाल रूट ही तीर्थयात्रियों के लिए एकमात्र चालू ट्रैक है.
बिजबेहरा में यात्रा की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, चार तीर्थयात्री घायल
इस बीच, बिजबेहरा में एक यात्रा गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें चार तीर्थयात्री घायल हो गए. सूत्रों ने बताया कि उनमें से एक की हालत गंभीर है. घायल तीर्थयात्रियों की पहचान पंजाब के मोहाली के रहने वाले साहिल शर्मा, हिमाचल प्रदेश के संसार चंद और हिमाचल प्रदेश की ही नीना पटियाल के रूप में हुई है. संसार के सिर में चोट लगी है और वह ठीक है.
पंजाब के मोहाली के रहने वाले सुरिंदर कुमार के सिर में गंभीर चोट लगी है. बता दें कि, 38 दिन की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी और 28 अगस्त को रक्षा बंधन के साथ खत्म होने वाली है.
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