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अमेरिकी राजदूत ने जाना हाथी और भालुओं का हाल, बने वॉलेंटियर

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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : Feb 15, 2024, 6:56 PM IST

Updated : Feb 15, 2024, 10:42 PM IST

भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक माइकल गार्सेटी अपने परिवार संग गुरुवार को आगरा आए. उन्होंने आगरा-दिल्ली हाइवे स्थित वाइल्डलाइफ एसओएस के हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र के साथ ही आगरा के कीठम स्थित भालू संरक्षण केंद्र को देखा.

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आगरा : भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक माइकल गार्सेटी अपने परिवार संग गुरुवार को आगरा आए. उन्होंने आगरा-दिल्ली हाइवे स्थित वाइल्डलाइफ एसओएस के हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र के साथ ही आगरा के कीठम स्थित भालू संरक्षण केंद्र को देखा. इस दौरान उन्होंने वन्यजीव संरक्षण कार्यों के बारे में जानने और बचाए गए हाथियों और स्लॉथ भालुओं के बारे में जानकारी ली. जब उन्हें वाइल्डलाइफ एसओएस के पदाधिकारियो ने बताया कि दोनों संरक्षण केंद्र में जो हाथी और भालू आए हैं, इनकी बेहतर देखरेख और उपचार से लाइफ बढ़ रही है. ये सभी वन्य जीव एनजीओ की देखभाल में आजीवन रहेंगे. इस अवसर पर अमेरिकी राजदूत ने एनजीओ के 'रिफ्यूज टू राइड' कैंपेन को भी अपना समर्थन दिया, जो भारत में एशियाई हाथियों की दुर्दशा की ओर ध्यान आकर्षित करता है.

बता दें कि एरिक माइकल गार्सेटी भारत में अमेरिकी राजदूत हैं. उन्होंने लॉस एंजिल्स के मेयर का पद भी 2013 और 2017 में संभाला है. भारत में अमेरिका के राजदूत के रूप में उनका नामांकन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने किया था. जो अंतरराष्ट्रीय नीति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

अस्पताल में देखा हाथियों का उपचार

वाइल्ड लाइफ एसओएस के हाथी अस्पताल में एरिक गार्सेटी ने हथिनी जिंजर का नियमित उपचार और लेजर थेरेपी देखी. इसके अतिरिक्त उन्होंने हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र में हथिनी लक्ष्मी के साथ प्रशिक्षण सत्र देखा. बचाव सुविधा के अपने दौरे पर उन्होंने बंदी हाथियों के बीच होने वाली स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के बारे में जाना और घायल एवं वृद्ध हाथियों के इलाज के लिए विशेषज्ञ पशु चिकित्सा टीम के समर्पण को देखा.

पौधा भी लगाया और जाना भालुओं का हाल

अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी और उनके परिवार ने कीठम स्थित आगरा भालू संरक्षण केंद्र में स्लॉथ भालुओं को देखा. संस्था के कर्मचारियों से उनकी देखभाल और पुनर्वास के बारे में जाना. इस अवसर पर उन्होंने पौधरोपण भी किया. उन्होंने हाथी अस्पताल में पौधा भी लगाया. अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने जानवरों की भलाई में सुधार लाने और एशियाई हाथियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए उनकी देखभाल करने वाले कर्मचारियों, पशु चिकित्सकों सहित एनजीओ की टीम के साथ एक इंटरैक्टिव सत्र में भाग लिया. इसके अतिरिक्त उन्होंने दोनों केन्द्रों पर वन विभाग और पुलिस अधिकारियों से भी मुलाकात की.

एनजीओ की सराहना की

भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा कि वाइल्ड लाइफ एसओएस संरक्षण का वास्तविक मॉडल है. जहां वे न केवल जानवरों और प्रकृति के बारे में, बल्कि मनुष्यों के बारे में भी सोचते हैं. हमें ऐसे मिशन के साथ एक एनजीओ के साथ साझेदारी करने पर गर्व है. मैं अपनी बेटी के साथ वालंटियर के रूप में यहां वापस आने के लिए उत्सुक हूं. हम एक ऐसी दुनिया के लिए अपने प्रयास जारी रखें, जिसमें सभी प्राणियों का सम्मान किया जाए. उन्हें वह स्वतंत्रता मिले जिसके वे हकदार हैं.

हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बचाए गए वन्यजीव

वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि एशियाई हाथियों और स्लॉथ भालुओं के संरक्षण के हमारे मिशन में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी का समर्थन पाकर हम बेहद सम्मानित महसूस कर रहे हैं. वाइल्डलाइफ एसओएस में हमारा उद्देश्य बचाए गए जानवरों को जीवन जीने का दूसरा मौका प्रदान करते हुए शिक्षा के माध्यम से जागरूकता बढ़ाना है. हम हमारे उद्देश्य के लिए उनके निरंतर समर्थन की आशा करते हैं. वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराज एमवी ने कहा कि वाइल्डलाइफ एसओएस में हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बचाए गए जानवरों को स्वतंत्रता और अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करना है. जिससे वे अपने प्राकृतिक स्वरूप को फिर से जान सकें.

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Last Updated : Feb 15, 2024, 10:42 PM IST
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