यूपी की ये योजना बनाती है बिजनेसमैन, मिल रहा बिना ब्याज लोन, आप भी शुरू कर सकते हैं खुद का स्टार्टअप-कारोबार
योगी सरकार की खास स्कीम, गारंटर की भी जरूरत नहीं, ETV Bharat Explainer में एक क्लिक में जानिए- योजना की हर डिटेल

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : September 9, 2025 at 9:43 AM IST
|Updated : September 11, 2025 at 6:47 PM IST
मेरठ: आंखों में सपनों की उड़ान लिए कई ऐसे युवा, महिलाएं हैं जो चाहते हैं, उनका खुद का बिजनेस या स्टार्टअप हो. कामाया पैसा आए, पर कभी हालात साथ छोड़ देते हैं, तो कभी परिवार से मदद नहीं मिलती. लोन के लिए बैकों का दरवाजा खटखटाते हैं, सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते हैं तब भी काम नहीं बनता. ऐसे में अपना कारोबार या स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं के लिए यूपी की योगी सरकार की ये खास स्कीम बड़े काम की हो सकती है. इस योजना के तहत सरकारी गारंटी पर बिना ब्याज लोन दिया जाता है. बिजनेस के लिए जरूरी ट्रेनिंग भी दी जाती है. प्रदेश में अब तक हजारों बिजनेसमैन, बिजनेस वुमन कामयाबी के साथ अपना उद्यम कर रहे हैं. ये युवा उद्यमी दूसरों को रोजगार भी दे रहे हैं. आइए, Etv Bharat Explainer में आगे की स्लाइड में जानते हैं- क्या है योजना, कितना मिलेगा लोन, कौन ले सकता है इसका लाभ, क्या हैं शर्तें...
8 महीने पुरानी योजना, 2 लाख से ज्यादा आवेदन : मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश में फरवरी 2025 में 'युवा उद्यमी योजना' लागू की थी. इसमें अपना बिजनेस या रोजगार करने के इच्छुक युवा पुरुषों-महिलाओं को 5 लाख रुपए का इंट्रेस्ट फ्री लोन दिया जा रहा है. सैकड़ों युवाओं को स्वरोजगार का अवसर मिला है तो वहीं हजारों अभी भी स्वरोजगार के लिए लोन मिलने का इंतजार कर रहे हैं. तकरीबन 8 महीने पुरानी इस स्कीम में युवाओं की खासी दिलचस्पी देखने को मिल रही है. प्रदेश भर में अब तक 2 लाख 27 हजार 283 लोगों ने आवेदन किया है. इनमें से 52 हजार दो सौ 76 लोगों के अप्लीकेशन को मंजूरी मिल चुकी है.

सीएम ने इस स्कीम को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए हैं कि 1 वर्ष में 1 लाख ऐसे युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है जो कि आर्थिक या अन्य कारणों से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं. खासकर महिलाओं को स्वरोजगार और स्टार्टअप से जोड़ने के लिए सरकार का खासा फोकस है. इस योजना के लिए राज्य सरकार ने शुरूआती चरण में करीब 1000 करोड़ रुपए का बजट रखा है.

प्रदेश के वो जिले जहां से सबसे ज्यादा आवेदन
| जिला | आवेदन |
| हरदोई | 7768 |
| कौशांबी | 6727 |
| प्रयागराज | 5815 |
| जौनपुर | 5344 |
| कानपुर नगर | 4957 |
| झांसी | 4773 |
| बहराइच | 4422 |
| शाहजहांपुर | 4377 |
| आजमगढ़ | 4366 |
| आगरा | 4332 |
टाॅप 10 जिले जहां सबसे अधिक लोन मंजूर हुए
| जिला | अप्रूव्ड लोन |
| जौनपुर | 1664 |
| आजमगढ़ | 1155 |
| लखनऊ | 1154 |
| हरदोई | 1115 |
| कानपुर नगर | 1102 |
| वाराणसी | 1091 |
| आगरा | 1086 |
| अंबेडकरनगर | 1069 |
| प्रयागराज | 1025 |
| कौशांबी | 1013 |

अब जानते हैं योजना का लाभ ले रहे उद्यमियों के सफलता की कहानी-
स्पोर्ट्स मार्केट में छाया प्रिया का कैरम, हो रहा बढ़िया मुनाफा: ईटीवी भारत से बातचीत में मेरठ की प्रिया ने बताया कि पहले वह कैरम बोर्ड बनाने वाली किसी कंपनी में काम करती थीं. जब सीएम युवा उद्यमी योजना का पता चला तो, इस योजना में पंजीकरण कराके 5 लाख रुपए का लोन लेकर खुद का बिजनेस शुरू किया. 4 लोगों को रोजगार भी दिया. सभी कारीगरों को सैलेरी देने के बाद प्रिया हर महीने 30 से 40 हजार रुपए कमा लेती हैं.

सैंकड़ों घरों की रसोई में महकते हैं रुपाली के मसाले: मेरठ के ही गंगानगर की रहने वाली रूपाली भटनागर ने भी इसी योजना के तहत लोन लेकर मसाले बनाने का काम शुरू किया. वह बताती हैं कि उनका स्टार्टअप कुछ ही समय में अच्छा चल निकला है. चार-पांच महिलाओं को भी अपने साथ जोड़ लिया है. ये महिलाएं अलग-अलग तरह के मसाले बनाने में उनकी मदद करती हैं. शुरुआत में रूपाली के प्रोडक्ट्स लोकल मार्केट में ही जा रहे थे, लेकिन अब अमरोहा, बिजनौर, मुरादाबाद के बाजारों तक मसालों की डिमांड बढ़ रही है.

पहले करते थे नौकरी, अब दे रहे दूसरों को जाॅब: मेरठ के बिलाल बताते हैं कि पहले वह नौकरी करते थे. अब उन्होंने स्टील फेब्रिकेशन का खुद का काम शुरू किया है, उनका स्टार्टअप बढ़िया चल रहा है. अलग-अलग क्षेत्रों से अच्छे खासे ऑर्डर मिल रहे हैं. उन्हें खुशी है कि सरकारी मदद से खुद का बिजनेस शुरू कर पाए. आज वह महीने का 40-50 हजार रुपए तक कमा ले रहे हैं.

घरों में जो भी स्टील की रेलिंग से लेकर खिड़की, ग्रिल से जुड़ा काम होता है, उसे बिलाल तैयार करते हैं. स्टील फेब्रिकेशन में अलग-अलग तरह की मशीनों की जरूरत होती है. आज अधिकतर मशीनें उनके पास हैं. उन्होंने बताया कि अभी भी कई मशीनों की जरुरत है उन्हें भी जल्द लेगें. आवश्यकतानुसार वह ट्रेंड कारीगरों के साथ साइट पर काम करते हैं. उन्हें संतोष है कि एक तो अपना परिवार पाल रहे हैं दूसरा कई लोगों को साथ जोड़कर उन्हें भी मजदूरी दे पा रहे हैं.
करण गोस्वामी का इलेक्ट्रिकल बिजनेस : मेरठ के करण गोस्वामी ने सीएम युवा उद्यमी योजना में लोन लिया और अब वह इलेक्ट्रिकल डिवाइस बना रहे हैं. अच्छी बात यह है कि उन्होंने अपने साथ कई युवाओं को भी रोजगार दिया है.
अपना स्टार्टअप-बिजनेस शुरू करने में महिलाएं भी आगे...
मेरठ में इतनी महिलाएं करना चाहती हैं अपना कारोबार: सीएम युवा उद्यमी योजना में महिलाएं भी रुचि दिखा रही हैं. जिले में 1542 पुरुष और 874 महिलाओं ने अपना कारोबार शुरु करने के लिए आवेदन किया. इनमें से 277 महिलाओं को लोन दिया जा चुका है. जबकि 490 पुरुषों के भी लोन आवेदन मंजूर हो चुके हैं.
इस सिलसिले में मेरठ मंडल के उपायुक्त उद्योग दीपेंद्र कुमार ने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में लोग ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं, जैसे बहुत से युवा मसाले से जुड़ा काम कर रहें, कोई रेडिमेंट गारमेंट, महिलाएं हर्बल प्रोडक्टस बना रहीं हैं. इसी प्रकार ब्यूटी पार्लर, बुटीक, फिजियोथेरेपी सेंटर समेत ढाबा संचालन तो कोई खेल के उत्पाद में हाथ आजमा रहा है.

सालाना टार्गेट से ज्यादा आवेदन आ चुके
उन्होंने बताया कि मेरठ जिले की अगर बात करें तो 2300 युवाओं का लक्ष्य पूरे साल के लिए मिला था. वहीं जिले में अब तक 2416 ऐसे आवेदन बैंकों को भेजे जा चुके हैं और आवेदकों को स्वीकृति के साथ लोन भी दिया जा रहा है. DIC यानी जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से ही इस लोन के लिए आगे की प्रक्रिया बैंक पूरी करती है. वह बताते हैं कि जिले के डीएम और मुख्य विकास अधिकारी ने बैंकों से इस बारे में बात करके लोन स्वीकृत कराई है.
वहीं, जिला उद्योग केंद्र के सहायक आयुक्त मोहित कुमार बताते हैं कि इस स्कीम में लोन लेने वालों को बड़ी राहत ये है कि इसमें जब भी किसी का लोन मंजूर हो जाएगा, तो 6 माह तक कोई किश्त नहीं देनी, जबकि 4 साल तक कोई ब्याज भी इस लोन पर नहीं लगने वाला है. समय पर लोन चुका देने पर कोई भी युवा कारोबारी इसी स्कीम के तहत दोबारा भी लोन ले सकता है. यही नहीं, सभी नियम-शर्तें पूरा करने पर लोन की रकम भी बढ़ाई जा सकती है.
योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए यहां साॅल्यूशन : अगर आप भी इस स्कीम का लाभ उठाना चाहते हैं या आपको आवेदन करने में कोई परेशानी आ रही या फिर इस स्कीम से जुड़े कोई सवाल या कन्फ्यूजन है तो आप नीचे दिए गए टोलफ्री नंबर/हेल्पलाइन पर कॉल और ई-मेल कर सकते हैं.
Helpline: +91 9129-9871-11, 0522-690-5555
Toll Free: 18002962233
cmyuva.msme@gmail.com
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