प्रदेश में फसल खराबा को लेकर कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन, ट्रैक्टर लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायक
विधानसभा परिसर में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, किसानों को फसलों का उचित मुआवजा देने की मांग की.

Published : September 4, 2025 at 1:27 PM IST
जयपुर : मानसून सत्र की शुरुआत से लेकर कांग्रेस लगातार अलग-अलग दिन अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है. गुरुवार को प्रदेश में अतिवृष्टि और फसल खराबा को लेकर कांग्रेस विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में अनोखा प्रदर्शन किया और ट्रैक्टर लेकर विधानसभा पहुंचे.
सुरक्षा कर्मियों ने ट्रैक्टर को अंदर नहीं जाने दिया इसको लेकर कांग्रेस विधायकों और सुरक्षा कर्मियों के बीच थोड़ी बहुत नोक झोंक भी हुई. इसके बाद कांग्रेस विधायक खराब हुई फसलों को हाथों में लेकर पैदल मार्च करते हुए मुख्य द्वार के पोर्च तक पहुंचे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. कांग्रेस विधायकों ने करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन किया.
इसे भी पढ़ें: कोचिंग सेंटर नियंत्रण और विनियमन विधेयक 2025 पारित, विपक्ष बोला- ये मोटे माल के लिए लाया हुआ बिल है
जूली बोले, तानाशाही कर रही है सरकार : वहीं नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ट्रैक्टर किसानों का सिंबल है, इसको अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है. ये पहली बार नहीं हुआ हो रहा है, पहले भी ट्रैक्टर गए हैं, साइकिल से विधायक गए हैं और ऊंट गाड़ी से भी विधायक आए हैं. ये सरकार का गलत तरीका है, किसानों की आवाज को भी नहीं उठाने दे रहे हैं, ये तानाशाही सरकार किसानों और जनता के हित में नहीं है.
जूली ने कहा कि आज हर जिलों में पानी भरा हुआ है, बाजरे, मूंग, तिल और प्याज की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है. लोग सोचते हैं या तो राम राजी हो जाए या राज राजी हो जाए, राम राजी हो गया राम ने खूब बरसात कर दी, लेकिन राज ने जनता के आंसू पूछने काम काम नहीं किया. सड़कें टूट रही है, शहर और किसानों के खेत पानी से भरे पड़े हैं. गरीब पानी में रहने को मजबूर है, उसका मकान गिर गया. इन सब के बावजूद सरकार को एक परसेंट भी लोगों की चिंता नहीं है.

इसे भी पढ़ें: विपक्ष बोला- बच्चों की मौत सिस्टम द्वारा की गई हत्या, झालावाड़ की घटना पर हंगामा
पूरे राजस्थान में फसल खराब हुआ है, ऐसा कोई जिला नहीं बचा है जहां पर फसल खराबा नहीं हुआ है. पूरे राजस्थान के लोग परेशान हैं. जूली ने कहा कि भारत मंडपम के लिए 35 करोड़ सरकार के पास है, लेकिन राजस्थान के आम आदमी के लिए इनके पास पैसे नहीं है. अतिवृष्टि से प्रदेश में कई मौतें हो चुकी है लेकिन सरकार ने उनके लिए कोई आर्थिक सहायता की घोषणा नहीं की है.

