राज्यपाल ने आपदाग्रस्त धराली और हर्षिल क्षेत्र का किया दौरा, प्रभावितों को हर संभव मदद का दिया भरोसा
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने आपदाग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया. इस दौरान राज्यपाल ने आपदा प्रभावितों की समस्याओं को सुना.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 26, 2025 at 8:42 AM IST
|Updated : August 26, 2025 at 8:57 AM IST
उत्तरकाशी: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने बीते दिन उत्तरकाशी जिले के आपदाग्रस्त क्षेत्र धराली हर्षिल और मुखबा का दौरा किया. इस दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह ने प्रभावित परिवारों से भेंट की और राहत एवं सुरक्षा कार्यों का जायजा लिया. राज्यपाल ने मुखबा में धराली हर्षिल से आए प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया.
मुखबा में राज्यपाल ने आपदा प्रबंधन, राहत एवं सुरक्षा कार्यों की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी ली. इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों से चल रहे राहत और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी ली. राज्यपाल ने मुखबा में धराली हर्षिल से आए प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहयोग और सहायता का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार एवं पूरा प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है. राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावित परिवारों की सहायता और पुनर्वास के लिए ठोस एवं दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि प्रभावित लोग शीघ्र ही सामान्य जीवन में लौट सकें.

राज्यपाल ने प्रभावित क्षेत्र में कार्य कर रहे जिला प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के आपसी समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि उनकी निष्ठा, परिश्रम और त्वरित कार्रवाई से राहत एवं बचाव कार्यों को गति मिली. विशेष रूप से राज्यपाल ने 14 राजपूताना रेजीमेंट के जवानों की सराहना की, जिन्होंने स्वयं आपदा से प्रभावित होने के बावजूद राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय योगदान दिया. उन्होंने इसे मानवता की सच्ची सेवा और साहसिक कर्तव्यनिष्ठा का प्रेरणादायक उदाहरण बताया.
बता दें कि उत्तरकाशी जिले के धराली में पांच अगस्त को खीर गंगा ने बड़ी तबाही मचाई थी. इस आपदा में धराली बाजार पूरी तरह बह गया था. होटल, लॉज, भवन और दुकानें आपदा की चपेट में तबाह हो गई थे. वहीं धराली आपदा में सेब के पेड़ों को खासी क्षति पहुंचने के साथ ही इस क्षेत्र में बड़ी मात्रा में होने वाली राजमा की खेती को भी नुकसान पहुंचा है. धराली में ना केवल लोगों को अपने कारोबार से हाथ धोना पड़ा है, बल्कि किसानों के लिए भी भविष्य की रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है. कृषि विभाग के अनुसार उत्तरकाशी जिले में 7.30 हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि का नुकसान हुआ है. जिसमें से 3.10 हेक्टेयर कृषि का नुकसान धराली क्षेत्र में हुआ है. कृषि विभाग का आकलन है कि उत्तरकाशी में कुल 7 करोड़ 18 लाख रुपए की कृषि भूमि की क्षति हुई है
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