बीकानेर मारपीट मामला: अब महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष की भूमिका की भी होगी जांच, डोटासरा ने 2 दिन में मांगी रिपोर्ट
बीकानेर कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ मारपीट मामले में प्रदेश कांग्रेस ने दो लोगों को पार्टी से 6 साल के लिए निलंबित कर दिया है.
Published : September 3, 2026 at 11:22 AM IST
जयपुर :टिकट वितरण के बाद कांग्रेस में सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. विरोध प्रदर्शनों के बाद अब मामला मारपीट तक पहुंच गया है. बीकानेर में बुधवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ मारपीट मामले ने कांग्रेस की गुटबाजी को उजागर कर दिया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मारपीट के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग प्रशासन से की है. वहीं, अब मारपीट मामले में बीकानेर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशिकला राठौड़ की भूमिका भी सामने आ रही है, जिसके बाद पीसीसी अध्यक्ष ने उनकी भूमिका की जांच कर दो दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं.
पार्टी के संगठन महामंत्री ललित तूनवाल ने डोटासरा के निर्देश पर प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह को पत्र लिखकर बीकानेर महिला जिलाध्यक्ष शशिकला राठौड़ की भूमिका की जांच करने के निर्देश दिए हैं. पत्र में लिखा है कि बीकानेर के वार्ड नंबर 50 के कांग्रेस प्रत्याशी के कार्यालय उद्घाटन के दौरान पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा, मोहित अरोड़ा और अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया. उन्होंने इस घटना में बीकानेर महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष शशिकला राठौड़ की भूमिका भी लिप्त होने के आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से की है.
डोटासरा ने इस प्रकरण में गंभीरता दिखाते हुए शशिकला राठौड़ की भूमिका की जांच की बात कही थी. इसके बाद अब महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह को दो दिन में जांच और आवश्यक कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस को देने के निर्देश दिए गए हैं. प्रदेश कांग्रेस ने बीकानेर जिलाध्यक्ष के साथ मारपीट करने के आरोपी पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा और मोहित अरोड़ा को पार्टी से 6 साल के लिए निलंबित कर दिया है. बुधवार रात प्रदेश कांग्रेस ने इसके आदेश जारी किए थे.
बातचीत के बहाने लेकर आए बाहर :इस मामले में बीकानेर जिला अध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल का कहना है कि कुछ लोग उन्हें बातचीत के बहाने वार्ड कार्यालय से बाहर लेकर आए थे. जैसे ही वो सीढ़ियों से नीचे उतरे तो उनके साथ अचानक मारपीट शुरू कर दी गई. आरोप है कि उन्हें भद्दी गालियां दी गईं. वहां कार्यालय में मौजूद अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीच बचाव किया. मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पार्टी के तमाम नेताओं ने इसकी निंदा की है.
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रशासन से ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि टिकट एक व्यक्ति को मिलता है, लेकिन मारपीट करना उचित नहीं है. अगर मारपीट करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ता थे तो भी उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. प्रदेश कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि मारपीट मामले में प्रदेश कांग्रेस की ओर से एक कमेटी का भी गठन किया जाएगा, जो बीकानेर जाकर पूरे मामले की जांच करेगी. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी.