शंभू-अंबाला रेलवे रूट पर हुए बम धमाके की सुलझ गई गुत्थी 4 आरोपी गिरफ्तार...हथियार और गोला-बारूद बरामद
मामले में आतंकवादी मॉड्यूल के 4 पेशेवर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. साथ ही हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए.
Published : April 28, 2026 at 9:05 PM IST
पटियाला: पंजाब पुलिस ने शंभू-अंबाला रेलवे लाइन पर हुए बम धमाके का रहस्य 12 घंटे के भीतर सुलझा लिया है. इसके साथ ही, पुलिस ने सीमा पार से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (ISI) के इशारे पर काम कर रहे एक आतंकवादी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हासिल की है.
मामले में आतंकवादी मॉड्यूल के 4 पेशेवर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. साथ ही पुलिस ने भारी मात्रा में युद्धक हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है. यह जानकारी पटियाला रेंज के DIG कुलदीप सिंह चहल और जिला पुलिस प्रमुख वरुण शर्मा ने पटियाला में मीडिया से बात करते हुए दी.
पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया
डीआईजी कुलदीप सिंह चहल ने बताया कि 'शंभू-अंबाला रेलवे लाइन पर हुए बम धमाके का रहस्य सुलझाने के लिए, पटियाला SP (स्थानीय) वैभव चौधरी की देखरेख में कई टीमें गठित की गईं. इन टीमों में DSP डी. सुखमरिंत सिंह रंधावा, CIA पटियाला प्रभारी इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह बाजवा, CIA समाना प्रभारी इंस्पेक्टर अंकुरदीप सिंह, कोतवाली पुलिस स्टेशन पटियाला के मुख्य अधिकारी इंस्पेक्टर जसप्रीत सिंह कहलो, और स्पेशल सेल राजपुरा के SI मनप्रीत सिंह शामिल थे.'
पुलिस टीमों ने बेहद पेशेवर रवैया अपनाते हुए घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों में प्रदीप सिंह खालसा (निर्मल सिंह का बेटा, निवासी वार्ड नंबर 1, डॉ. निसान सिंह वाली गली, मानसा), कुलविंदर सिंह बग्गा (सीरा सिंह का बेटा, निवासी बप्पियाना, जिला मानसा). सतनाम सिंह सत्ता (लखविंदर सिंह का बेटा, निवासी पंजवार, जिला तरनतारन) और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी (सुखविंदर सिंह का बेटा, निवासी बाबा बिधिचंद नगर, मुरादपुर खुर्द, गोइंदवाल, बाईपास पुलिस स्टेशन, शहर तरनतारन) शामिल हैं.
आरोपियों से हथियार बरामद
डीआईजी ने बताया कि 'इन आरोपियों से भारी मात्रा में युद्धक हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है. ये हथियार और गोला-बारूद उन्होंने सीमा पार बैठे अपने आतंकवादी आकाओं (हैंडलर्स) की मदद से हासिल किए थे. बरामद सामान में एक बम, जिंदा कारतूसों के साथ 2 पिस्तौलें, आईईडी बनाने में इस्तेमाल होने वाला सामान और मलेशिया में बैठे आकाओं से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल किया गया एक लैपटॉप, तथा अन्य तकनीकी सामग्री शामिल है.
आतंकवादी संगठनों से संबंध शुरुआती पूछताछ से पता चला कि 'इस आतंकवादी मॉड्यूल का मुख्य सरगना प्रदीप सिंह खालसा है, जो खालिस्तानी विचारधारा से प्रभावित होकर 'चलदा वहीर चक्रवर्ती, अतरिया' नामक संगठन बनाया था. वह मलेशिया स्थित खालिस्तानी कट्टरपंथी समूहों तथा पाकिस्तान स्थित खालिस्तानी आकाओं के लगातार संपर्क में था.
पंजाब में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देकर शांति भंग करने और दहशत का माहौल बनाने के इरादे से, पाकिस्तान स्थित खालिस्तानी आकाओं ने उन्हें सीमा पार से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार-गोला-बारूद मुहैया कराया था. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है, जिसके खिलाफ विभिन्न अपराधों के तहत मामले दर्ज किए गए हैं.
इस मामले में महत्वपूर्ण खुलासे
डीआईजी पटियाला रेंज चहल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रदीप सिंह खालसा और उसके साथियों की शुरुआती पूछताछ से यह भी पता चला है कि 27 अप्रैल, 2026 की रात करीब 08:55 बजे, उसके साथियों ने शंभू-अंबाला रेल मार्ग पर बम धमाका करके रेलवे ट्रैक को काफी नुकसान पहुंचाया था. इस संबंध में, जीआरपी पटियाला पुलिस स्टेशन में विस्फोटक अधिनियम की धारा 3 और रेलवे अधिनियम की धारा 150 के तहत मामला संख्या 11, दिनांक 28 अप्रैल 2026 दर्ज किया गया था.
बड़ी आतंकवादी घटना टली
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से पंजाब में एक बड़ी आतंकवादी घटना टल गई है. पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है जिसकी सीमा पाकिस्तान से लगती है. इस कारण, यहां सुरक्षा चुनौतियाँ हमेशा बनी रहती हैं. कभी-कभी, सुरक्षा एजेंसियाँ ऐसे संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार करती हैं जो कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करते हैं. घुसपैठ और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियाँ मिलकर निगरानी करती हैं. ऐसे प्रयासों को अक्सर आधुनिक तकनीक, सीमा पर कड़ी निगरानी और जन जागरूकता के माध्यम से विफल कर दिया जाता है. शांति बनाए रखने में जनता का सहयोग और जागरूकता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
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