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भैंस की DNA जांच का आदेश! जानें आखिर क्यों आई ऐसी नौबत?

गया में भैंस के मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों में विवाद के बाद आईजी ने डीएनए टेस्ट के आदेश दिए हैं. रिपोर्ट-रत्नेश कुमार

Gaya buffalo theft case DNA test
सांकेतिक तस्वीर (Canva)

By ETV Bharat Bihar Team

Published : August 26, 2026 at 9:05 AM IST

गया: मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने भैंस के असली मालिक का पता लगाने के लिए डीएनए जांच कराने का निर्देश दिया है. उन्होंने ग्रामीण एसपी को भी निर्देश दिया है कि जांच के बाद ही भैंस को उसके असली मालिक को सौंपा जाएगा. तब तक भैंस पुलिस के कब्जे में रहेगी.

"अतरी में भैंस को लेकर दो पक्षों में लंबे समय से विवाद चल रहा है. दोनों पक्ष भैंस पर अपना-अपना दावा कर रहे हैं. ऐसे में भैंस के असली मालिक का पता लगाने के लिए डीएनए जांच कराया जाएगा."- विकास वैभव, आईजी, मगध

मगध आईजी विकास वैभव (ETV Bharat)

पूरा मामला समझिए:दरअसल, गया जिले के अतरी थाना क्षेत्र के सेउतर निवासी सूरज यादव की भैंस खो गई थी. दरवाजे पर भैंस नहीं देख पूरा परिवार परेशान हो गया और काफी खोजबीन की, लेकिन भैंस नहीं मिली. इसी बीच उसे पता चला कि नौरंगा टोली में प्रकाश मांझी के घर में उसकी भैंस बंधी है.

दो पक्षों में विवाद: जानकारी मिलते ही सूरज यादव प्रकाश मांझी के घर पहुंच गया और अपनी भैंस बताते हुए उसे घर लेकर चला गया. सूरज यादव की इस बात से प्रकाश नाराज हो गया और थाना पहुंच गया. पुलिस के सामने उसने अपनी भैंस होने का दावा किया.

पुलिस थाने पहुंचा मामला: इसके बाद अतरी थानाध्यक्ष अजय कुमार ने सूरज यादव को भी थाना बुलाया. पूछताछ के बाद पुलिस भैंस को थाने ले आई और वह दो दिनों तक थाने में बंधी रही. पुलिस द्वारा भैंस थाना लाने के बाद सूरज यादव के समर्थक आक्रोशित हो गए और थाने में जाकर हंगामा करने लगे.

आईजी के यहां शिकायत करने पहुंचे थे सूरज यादव के समर्थक (ETV Bharat)

पत्रकार के सवाल से नया मोड़:इसी दौरान एक पत्रकार ने पुलिस से सवाल किया कि आप किस आधार पर भैंस को थाने लाए. इसके बाद थानाध्यक्ष ने भैंस को सूरज यादव के हवाले कर दिया. पुलिस का यह फैसला प्रकाश मांझी को बर्दाश्त नहीं हुआ. इसके बाद उसने सूरज यादव के खिलाफ एससी-एसटी का केस दर्ज कर दिया.

पूर्व विधायक का हस्तक्षेप: विवाद इतना बढ़ गया कि अतरी के पूर्व राजद विधायक अजय यादव उर्फ रंजीत यादव मगध आईजी विकास वैभव के पास पहुंच गए. उन्होंने आईजी से इस मामले को लेकर आवेदन दिया. इस पर विकास वैभव ने पूर्व विधायक को जांच का भरोसा दिया. इसके बाद लोग शांत हुए और वापस घर गए.

थानाध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल:मामले में पूर्व विधायक ने बताया कि अतरी थानाध्यक्ष पहले से विवादों में रहे हैं. बालू के कारोबार में बेईमानी करते रहे हैं. जिस तरह से सूरज यादव के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, वह सरासर गलत है. इसलिए उन्होंने थानाध्यक्ष के खिलाफ भी जांच की अपील की थी.

"पूर्व विधायक ने ईटीवी से बताया था कि सूरज यादव काफी गरीब है. वह केस लड़ेगा कि परिवार चलाएगा. "बताइए, भैंस विवाद में एससी-एसटी केस दर्ज कर दिया गया. अब गरीब आदमी जितना केस लड़ेगा, उतने में दूसरी भैंस खरीद लेगा. थानाध्यक्ष से सवाल करने वाले पत्रकार पर भी केस दर्ज किया गया."- अजय यादव, पूर्व विधायक, राजद

आईजी को आवेदन देने पहुंचे थे पूर्व विधायक अजय यादव (ETV Bharat)

मामले को लेकर सोमवार को हम पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण भी आईजी विकास वैभव से मिले. श्याम सुंदर शरण के अनुसार आईजी ने भैंस के वास्तविक मालिक का पता लगाने के लिए डीएनए टेस्ट कराने का निर्देश दिया है. इस मामले को लेकर हम पार्टी की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है.

डीएनए टेस्ट से खुलेगा राज:बताया जाता है कि भैंस की संबंधित पीढ़ी की नस्ल के साथ डीएनए टेस्ट होगा और फिर असली मालिक का पता लगाने में एक हद तक सफलता मिल सकती है. फिलहाल भैंस का विवाद अब डीएनए टेस्ट तक पहुंच गया है. अब आगे क्या होता है, यह देखने वाली बात होगी.

हम पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पहुंचे आईजी कार्यालय (ETV Bharat)

"आईजी विकास वैभव ने मामले की गंभीरता से जांच कराने को लेकर आश्वासन दिया है. ग्रामीण एसपी को निर्देश दिया कि भैंस के वास्तविक स्वामित्व की पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाए."-श्याम सुंदर शरण, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हम पार्टी

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