सरस्वती पूजा को लेकर प्रशासन अलर्ट, शांति समिति के सदस्यों संग विचार विमर्श
Administration alert regarding Saraswati Puja. सरस्वती पूजा को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है. पूजा शांति तरीके से हो ऐसे में प्रशासन की तरफ से कई दिशा निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही शांति समिति की बैठक भी हो रही है.

Published : February 11, 2024 at 7:28 PM IST
गिरिडीह: जिले में सरस्वती पूजा का आयोजन धूमधाम से होता है. सैकड़ों स्थानों पर प्रतिमा स्थापित होती हैं और लोग भक्ति भाव से पूजा करते हैं. इस पूजा में व्यवधान नहीं हो इसे लेकर जिले के डीसी नमन प्रियेश लकड़ा और एसपी दीपक शर्मा ने सभी पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया है. इसी निर्देश के आलोक में शांति समिति की बैठक भी आयोजित हो रही है.
रविवार को मुफ्फसिल थाना में शांति समिति की बैठक आयोजित हुई. यहां सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बिनोद रवानी, प्रखंड विकास पदाधिकारी गणेश कुमार रजक व मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो ने कई निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि पूजा के दौरान डीजे का उपयोग नहीं करना है. जो भी बाजा बजाया जाएगा उसे कम ध्वनि में बजाना है. इसके साथ ही साथ भड़काऊ गीत खासकर किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाले गीत को नहीं बजाना है. तय रूट से ही विसर्जन करना है. एसडीपीओ ने कहा कि लोग शांतिपूर्ण तरीके से पर्व को मनाये.
शांति समिति की इस बैठक के दौरान प्रमुख पूनम देवी, उपप्रमुख सौरभ, झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के नेता हरगौरी साहू, तेजलाल मंडल, आजसू नेता संजय साहू के अलावा मुखिया भागीरथ मंडल, शिवनाथ साहू, मुन्नालाल, प्रयाग, असदुल्लाह, गोविन्द दास, कमलचंद साहू समेत कई लोग मौजूद थे.
पूजा के बाद ही विरमित होंगे पदाधिकारी
दूसरी तरफ तीन वर्ष से अधिक समय से गिरिडीह में पदस्थापित अवर निरीक्षक का तबादला दूसरे जिले में हो चुका है. हालांकि सरस्वती पूजा में विधि व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पदाधिकारियों को पूजा के बाद ही विरमित किया जाएगा. जिले के पुलिस कप्तान दीपक शर्मा ने यह जानकारी दी है. एसपी ने बताया कि जिन पदाधिकारियों का ट्रांसफर हुआ है उन्हें पेंडिंग कार्य का निष्पादन करने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही साथ पूजा में विधि व्यवस्था का ध्यान रखने का भी निर्देश दिया गया. इसके बाद ही इन्हें जिला से विरमित किया जाएगा.
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